
श्री पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव का हुआ आयोजन
किशनगढ़ ताल
ठाकुर शंभू सिंह तंवर
जीवन में जो देता है वो देवता है, संपूर्ण प्रकृति उदार है, बादल हमें वर्षा देते है, फुल सुवास देता है, सुर्य प्रकाश देता है, चन्द्रमा शितलता देता है, वृक्ष हमें जीवन देते है, नदियां हमें पानी देती है, प्रकृति के पास किसी प्रकार का ‘‘ना‘‘ शब्द नहीं है, इस जगत में एक मात्र इन्सान ऐसा जीव जो समय आने पर ‘‘हॉ‘‘ नहीं बोलता अपितु ‘‘ना‘‘ ही बोलता है। यदि हमें नकारात्मक विचार एवं ‘‘ना‘ बोलना छोड दे तो यह प्रकृति स्वयं हमें सफल बना देती है। मनुष्य जीवन पर्यन्त लोभ, मोह, और लालच के वश सिर्फ मांगता रहता है, और इन्ही तुच्छ इच्छाओं के वशीभूत होकर दुखी रहता है।
श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ में श्री पार्श्वनाथ प्रभु के जन्म कल्याणक के अवसर पर परम पूज्य आचार्य श्री कुलबोधिसूरीजी म.सा. ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते है, उक्त वक्तव्य कहें। आचार्य श्री ने कहा कि प्रभु के जन्म के समय नरक के जीव भी शांति का अनुभव करते है। तीर्थंकर की जयंति नहीं अपितु कल्याणक मनाया जाता है क्योंकी प्रभु समग्र सृष्टि के लिए कल्याण की कामना लिए जन्म लेेते है। जन्म महोत्सव मनाते मनाते हमें प्रभु से यही प्रार्थना करना है कि है प्रभु मै आपका दिवाना हूं, एवं आप मेरे हृदय में प्रकट होकर मेरे आत्मा का उद्वार करें।
महोत्सव के दौरान पूज्य नेमीसूरी समुदाय के आचार्य श्री मतिसेनसूरीजी म.सा सहीत आगमोद्धारक श्री के समुदायवर्ति हेमेन्द्रश्रीजी म.सा (दादी महाराज), मुक्तिनिलया श्रीजी, मुक्तिरेखा श्रीजी, मोक्षज्योति श्रीजी जितेश रत्ना श्रीजी, आनंदवर्षा श्रीजी सहित विक्रमलब्धि सूरी समुदाय के सौम्यरत्ना श्रीजी एवं बापजी महाराज के समुदाय के आज्ञारसा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा ने सानिध्य प्रदान किया, साथ ही धर्मसभा एवं जन्म कल्याणक महोत्सव में यहॉ पर अठ्ठम तप (तीन दिवसीय उपवास) की आराधना कर रहे हजारों तपस्वीयों एवं श्रद्धालुओं ने पार्ष्वनाथ प्रभु के जयकारों एवं हर्षोल्लास के साथ भाग लिया।
महोत्सव में प्रातःकाल प्रार्थना एवं भक्तामर पाठ के बाद भगवान के पक्षाल का आयोजन हुआ, तत्पश्चात यहॉ बने अत्याधुनिक विशाल पाण्डाल में भगवान के जन्म कल्याणक का धूमधाम से आयोजन किया गया, इस आचार्य श्री के निर्देशन में भगवान के जन्म के प्रतिक स्वरूप उपस्थित भक्तों ने रजत प्रदान कर तत्समय पाण्डाल में ही पूर्ण रजत की पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा निर्मित कराई। इस दौरान संगीतकार मेघनंदू एण्ड पार्टी, मुम्बई ने की सगींत एवं भजनों की प्रस्तुति दी। महोत्सव आयोजक परिवार की ओर से समग्र समाज की भोजनप्रसादी एवं साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन भी किया गया। जिसमें तीर्थ यात्रियों सहीत ग्रामीणजनों ने गौतम प्रसादी का लाभ लिया। महोत्सव के लाभार्थी श्री आदि घंटाकर्ण भक्त मण्डल, मुम्बई चैन्नई, हेद्राबाद के मनोजभाई (ठाणे, महाराष्ट्र) संदीपभाई, बसंतभाई विसरीया, विवेक नाहर, चैन्नई, पियुष भाई, मुम्बई धर्मेशभाई,मुम्बई, विनोदकुमार जैन, इन्दौर आदि का पेढी की ओर से सचिव धर्मचंद जैन, कोषाध्यक्ष प्रसन्नलोढा, ट्रस्टी मोहनलाल कांसवा, बाबुलाल आंचलिया आदि ने बहुुमान किया। साथ ही इस अवसर पर डग विधायक कालुराम वर्मा एवं धार (म.प्र) विधायक प्रताप ग्रेवाल एवं विरेन्द्रसिंह सोलंकी, आलोट आदि का भी बहुमान किया गया।
दोपहर में साधर्मिक वात्सल्य के पश्चात रथयात्रा निकाली गई जिसमें रथ, इन्द्र ध्वजा, हार्थी घोडे, बग्घि एवं बैड बाजे आदि सहीत नवयुवको की टोलियां जयकारो के नारों के साथ आगे बड रहे थे। शाम को मुख्य मंदिर जी में 1008 दिपक की रोशनी रंगोली एवं विभिन्न प्रकार की गहुलिया कर भव्य रूप से सजावट की गई। रात्रि में संगीतकार महावीर शाह, मेहुल नायक एवं हार्दिक शाह द्वारा ‘‘ ऐक जनम्यो राज दुलारो‘‘ के साथ संगीत संध्या का सुमुधर आयोजन किया गया।
महोत्सव के दौरान भावनगर संघ के पूजा मण्डल (पगड़ी मण्डल) द्वारा मनमोहक रूप से श्री पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजन पढाई गई।
साधर्मिक वात्सल्य में स्थानीय उन्हैल नागेश्वर सहीत आलोट, चौमहला, सुवासरा एवं बडौद आदि से आऐ नवयुवक मण्डल, नवरत्न परिवार, बहु मण्डलों एवं महीला मण्डलों ने अपनी सराहनीय सेवाए प्रदान की।
आज होगा दीक्षा कल्याणक
महोत्सव के तहत् गुरूवार को भगवान के दीक्षा कल्याणक का आयोजन होगा, प्रवचन के दौरान आचार्य श्री द्वारा ‘‘ ओघा है अनमोल‘‘ विषय पर प्रवचन दिये जाऐगें एवं संगीतकार पारस गडा, हार्दिक शाह द्वारा दीक्षा कल्याणक की संगीतमय प्रस्तुति दी जाऐगी। इस अवसर विधिकारक श्री अमरीशभाई संघवी द्वारा श्री शक्रस्तव अभिषेक का विधान संपन्न कराया जावे।
इनका भी रहा विशिष्ट सहयोग
महोत्सव एवं मेले के दौरान हजारो श्रधालुओं ने भगवन पार्श्वनाथ के दर्शन कर भोजन प्रसादी का लाभ लिए, प्रासनिक व्यवस्था के लिए पुलिस उप अधिक्षक जय प्रकाश अटल एवं थाना प्रभारी बाबुलाल मीणा की नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती रही जिससे सुरक्षा की जिम्मा संभाला।