27 को मिल सकता है दलौदा चौपाटी को नया सरपंच, भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण पूर्व सरपंच को किया था पदमुक्त

27 को मिल सकता है दलौदा चौपाटी को नया सरपंच, भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण पूर्व सरपंच को किया था पदमुक्त
दलौदा। मंदसौर जिले की महत्वपूर्ण ग्राम पंचायत दलौदा को नया सरपंच 27 दिसम्बर को मिल सकता है। इसके लिए ग्राम पंचायत के सचिव पर्वतसिह आंजना ने सभी पंचोें की एक महत्वपूर्ण बैठक 27 दिसम्बर को आहूत कि है जिसमें सभी पंचों एवं सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यवाहक सरपंच की नियुक्ति कि जायेंगी। उल्लेखनीय है कि 28 नवम्बर 2024 को एक आदेश पारित कर जिला पंचायत सीईओं ने ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी की सरपंच दुर्गा कैथवास को भ्रष्टाचार के मामलों के चलते पद से मुक्त कर दिया था। जिसके कारण अब पंचायत के कार्यों के संपादन के लिए कार्यवाहक सरपंच नियुक्त किया जाएगा ।ग्राम पंचायत में वर्तमान में 20 पंच है जिसमें से कार्यवाहक सरपंच की नियुक्ति की जायेंगी ।ग्राम पंचायत के सचिव पर्वतसिंह आंजना ने बताया कि ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी के सरपंच श्रीमती दुर्गा पति अनिल कैथवास को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मन्दसौर के पारित आदेश 28.11. 2024 में सरपंच पद से पृथक कर दिया गया था।सरपंच पद रिक्त होने के स्थानापन सरपंच की कार्यवाही हेतु अनुविभागीय अधिकारी मन्दसौर के आदेश क्रमांक 2398 दिनांक 20.12.2024 अनुसार एवं मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 38 के अन्तर्गत स्थानापन सरपंच की नियुक्ति किया जाना प्रस्तावित किया गया है, 27.12. 2024 को समय दोपहर 12.40 बजे ग्राम पंचायत भवन दलौदा चौपाटी पर समस्त निर्वाचित पचों का सम्मेलन आयोजन रखा गया है। ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी की सरपंच श्रीमती दुर्गा कैथवास को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय धन के दुरुपयोग के आरोपों के तहत उनके पद से हटा दिया गया था। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश कुमार जैन द्वारा पारित आदेश में उन्हें म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के अंतर्गत दोषी पाया गया था। दुर्गा कैथवास पर ग्राम पंचायत ने नियमों का उल्लंघन करते हुए नगद भुगतानों का समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा। बिना प्रशासकीय स्वीकृति के सीसी सड़क निर्माण और नाला निर्माण में निर्धारित बजट से अधिक व्यय किया गया। पंचायत के नाम पर ट्रैक्टर खरीदने के बजाय, इसे सरपंच श्रीमती दुर्गा कैथवास के नाम पर खरीदा गया।इसकी किश्तें ग्राम पंचायत द्वारा चुकाई जा रही थीं । पंचायत द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि से स्ट्रीट लाइट कार्य के नियमों का उल्लंघन किया गया। साथ ही, आवश्यक दस्तावेज आडिट के लिए प्रस्तुत नहीं किए गए। हालांकि अभी इन मामलों में सरपंच के विरूद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।