भोपालमध्यप्रदेश

MP के चिकित्सा संस्थानों में भरे जाएंगे 46 हजार पद

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MP के चिकित्सा संस्थानों में भरे जाएंगे 46 हजार पद

भोपाल। प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में डाक्टर, नर्स सहित अन्य मिलाकर 46 हजार पद स्वीकृत किए गए हैं। इन्हें भरने की प्रक्रिया भी चल रही है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे अस्पतालों में रोगियों को आसानी से बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। यह बात प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने मीडिया से बातचीत में कही है।

एमबीबीएस और एमडी-एमएस सीटों में वृद्धि

उन्होंने सरकार के एक वर्ष में हुए नवाचारों और कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और एमडी-एमएस सीटों की संख्या में वृद्धि की गई है। आगे भी प्रयास चल रहा है।

13 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना

उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी और एक नए चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 592.करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। ऐसी ही मेडिसिटी अन्य संभागीय मुख्यालयों में बनाई जाएंगी। 13 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की जा रही हैं। प्रदेश में दो वर्षों से लंबित लगभग एक लाख नर्सिंग छात्र-छात्राओं की परीक्षा इस वर्ष आयोजित की गई, जिससे उनके भविष्य को लेकर उपजे संदेह का निराकरण हुआ है।

50 मेडिकल कॉलेज होंगे

मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्वस्थ राष्ट्र ही समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र बन सकता है। प्रदेश में वर्ष 2003 तक सिर्फ पांच शासकीय मेडिकल कॉलेज थे। इसके बाद 12 नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हुए।

14 अन्य मेडिकल कॉलेज पीपीपी से प्रारंभ करने की ओर हम बढ़ चुके हैं। शीघ्र ही प्रदेश में 50 मेडिकल कॉलेज होंगे। प्रत्येक जिले में कम से एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य है। ‘पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा’ से गंभीर रोगियों और दुर्घटना पीड़ितों को बड़े अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है।

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