चित्रकूट में बिक रहे कच्चे नारियल पर लगे प्रतिबंध

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चित्रकूट में बिक रहे कच्चे नारियल पर लगे प्रतिबंध
चित्रकूट। प्रभु श्रीराम के धाम चित्रकूट में हर माह की अमावस्या को लाखों श्रद्धालु मंदाकिनी में डुबकी लगाने के बाद कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं और कामतानाथ मंदिर में नारियल तोड़कर पूजा अर्चना करते हैं। जहां मंदिर में सूखा नारियल तोड़ने की परंपरा शादियों से चली आ रही थी, लेकिन कुछ मुनाफाखोर नारियल व्यापारियों ने अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में सूखा नारियल की बजाय कच्चा नारियल सप्लाई करना शुरू कर दिया और लगभग 4-5 वर्षों से मंदिर में सूखा नारियल की जगह कच्चा नारियल तोड़ने की परंपरा शुरू हो गई क्योंकि कच्चा नारियल सूखे नारियल से सस्ता मिलता है और बिकता सूखे नारियल के रेट में ही है, इसीलिए अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में नारियल व्यापारियों की मनमानी चरम पर है, जहां अमावस्या के दौरान राम मोहल्ला में श्रद्धालुओं द्वारा कच्चा नारियल तोड़ने से नारियल का पानी मंदिर के सामने और परिक्रमा पथ में बहता है जिससे मंदिर के सामने गंदगी तो होती ही है लेकिन इसके साथ ही राम मोहल्ला में कामतानाथ मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी निकलने में दिक्कत होती है, और नारियल का पानी पैरों तले रौंदे जाने से श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है। इतना ही नहीं अमावस्या के बाद कई दिनों तक मंदिर के सामने परिक्रमा पथ पर ही नारियल का पानी बहता रहता है जिससे काफी गंदगी हो जाती है। जिससे परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।