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मण्डल अध्यक्ष चुनाव: दावेदारों ने प्रयास किए तेज़, नवंबर में भाजपा को मिल जाएंगे नए जिला ओर मंडल अध्यक्ष

मण्डल अध्यक्ष चुनाव: दावेदारों ने प्रयास किए तेज़, नवंबर में भाजपा को मिल जाएंगे नए जिला ओर मंडल अध्यक्ष

मंदसौर। भाजपा हर तीन साल में अपने संगठन और अध्यक्ष में बदलाव करती है। यह बदलाव चुनाव या फिर रायशुमारी के आधार पर होते हैं और कहीं-कहीं सर्वसम्मति भी बन जाती है। लेकिन पिछले पांच सालों में भाजपा संगठन के चुनाव नहीं करवा पाई, ऐसे में कई जगह उन्हीं पदाधिकारियों को दो बार मौका दिया जा चुका है। लेकिन अब मध्य प्रदेश में संगठन चुनाव के लिए बीजेपी ने नेताओं को जिम्मेदारी दे दी है। ग्वालियर के पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर को प्रदेश चुनाव प्रभारी नियुक्ति किया गया है। वहीं, जीतू जिराती, अर्चना चिटनीस, रजनीश अग्रवाल और डॉ प्रभुलाल जाटवा को सह चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि 23 नवंबर के बाद राज्य को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा ।

बीजेपी के सदस्यता अभियान का दूसरा चरण 15 अक्टूबर को समाप्त हो गया है।31 अक्टूबर तक बीजेपी का सक्रिय सदस्यता अभियान पूरा होगा। उसके बाद यह कमेटी राज्य की बूथों पर बूथ समितियों का गठन करेगी। इसके बाद नवम्बर माह में 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक मंडल अध्यक्षों का चुनाव होना है और इसके बाद 16 नवम्बर से 30 नवम्बर तक जिलाध्यक्षों के चुनाव भी करवा लिए जाएंगे। दिसम्बर माह में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है। अगर चुनाव प्रक्रिया समय पर चलती रही तो दिसम्बर माह में भाजपा के सभी पदों पर नए चेहरे नजर आएंगे।

बता दे कि मंदसौर शहर में चार व जिले की प्रत्येक विधानसभा में 03 से 04 मंडल हैं, जहां सभी जगह मंडल अध्यक्ष बदले जाएंगे। ये मंडल अध्यक्ष लंबे समय से बने हुए हैं। लम्बे समय बाद हो रहे संगठन चुनाव प्रकिया में नए पदाधिकारियों को मौका मिलेगा। मंडल स्तर पर इसकी चर्चा और जमावट का खेल अभी से शुरू हो गया है। कई दावेदारों ने अपने अपने क्षेत्र में अभी से लॉबिंग भी शुरू कर दी है। फिलहाल पार्टी ने अपने चुनाव कार्यक्रम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

विधायकों के नजदीकी ही बनते हैं मंडल अध्यक्ष

भाजपा की वैसे तो आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पदाधिकारियों का चुनाव होता है, लेकिन देखा यह जाता है कि क्षेत्रीय विधायक जिसे चाहते हैं, उसे ही मंडल अध्यक्ष के लिए प्रमोट करते हैं। अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में विधायक के नजदीकी ही मंडल अध्यक्ष दिखाई देते हैं। मंदसौर शहर को छोड़ दे तो जिले की चारों विधानसभाओं में इसी तरह विधायक की पसंद से ही मंडल अध्यक्ष बनाए गए हैं।

 

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