छोटी काशी की महारानी वेराई माता जी के द्वार प्रतिदिन महा आरती महाप्रसादी के साथ कन्या पूजन का आयोजन

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सीतामऊ। (भूपेन्द्र परिहार) नगर के बीचोबीच में कई वर्षो पुराना इतिहास कालीन में विराजमान आजाद चौक स्थित मन्दिर वैराई माता जी से जुड़ा हुआ एक इतिहास
छोटी काशी सीतामऊ नगर यह बसने का इतिहास वेराई माताजी से जुड़ा हुआ रहा है ऐसी जन सूची एवं चर्चाएं के अनुसार प्राचीन काल में आदिम जाति खानाबदोश होकर अपने परिवार का पालन पोषण के लिए अपना एक ही स्थान पर डेरा मझला टोली में निवास करते थे यही कारण रहा होगा कि यहां पर सीतामऊ नगर बसने से पहले लगभग 1500 ईस्वी में सत्या भील नामक व्यक्ति का परिवार यहां पर मजला टोली के रूप में निवास करते थे वर्तमान में आजाद चौक स्थित एक बड़ा पेड़ हुआ करता था जिस पर एक पक्षी ने अपनी भाषा में कहा कि यहां पर आज के दिन कोई भी अपना घर बस आता है तो यहां पर एक गांव बसेगा जो हर तरह से सुरक्षित होगा सत्या भील पक्षियों की आवाज जानता था उसने पक्षी की आवाज पर देवी वेराई माताजी की स्थापना कर घर नुमा कर प्रदान किया वही नगर की सीमा में तालाब बनाने का काम भी सत्या भील एवं उसके परिवार द्वारा किया गया था। मंदिर पुजारी प्रवीण त्रिवेदी द्वारा बताए गए हैं कि इसी तरह साल में आने वाली नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत शारदीय नवरात्रि के नौ दिवसीय विशेष पूजा पाठ अर्चना के साथ महा आरती एवं महाप्रसादी के कन्या पूजन के साथ में आयोजित किया जाता है वही अष्टमी के दिन अष्टमी का हवन पूजन पाठ यहां पर किया जाता है आपको बता दे कि इस मंदिर एक चमत्कारी के रूप माता जी विराजमान है कई भक्तों की मनोकामना मंदिर के दर्शन करने से ही लाभ प्राप्त हो जाता है।