10 सालो से जबरन की परेशानी झेल रहे लोगो को बड़ी राहत,मंदसौर के तैलीया तालाब पर एन.जी.टी.कोर्ट का अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट को सही माना
42 पेज का फैसला दिया, नक्षे में सभी हुए बाहर, केशवकुंज, मेघदूत नगर, यश नगर के रहवासियों को मिली राहत
मंदसौर । तैलीया तालाब को लेकर पिछले दस सालो चल रही उठापटक को आज विराम मिल गया है।जबरन की परेशानी झेल रहे लोगो को राहत देते हुए आज माननीय एन.जी.टी. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित जिला प्रशासन की कमेटी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को सही ठहराते हुए महत्वपूर्ण फैसला दिया है। जिला प्रशासन द्वारा गठित कमेटी ने जो अंत में तेलिया तालाब की नपती कर नक्षा एनजीटी कोर्ट में पेश किया गया था उसे मास्टर प्लान 2035 में लगाने के निर्देश भी दिये गये है। साथ ही कहा गया है कि जो तेलिया तालाब पर सीमा चिन्ह लगाये गये है उनकी रक्षा की जाये । आज हुए फैसले से मंदसौर का तैलीया तालाब का क्षेत्र निर्धारण का काम भी निपट गया है। लम्बे समय से तैलीया तालाब के समीप बनी कॉलोनियों को भी आज के फैसले से बडी राहत मिली है। केशवकुंज, मेघदूत नगर, यश नगर के लोगो को अब अपने आशियाने बनाने में दिक्कत नही होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मदंसौर जिला प्रशासन की और से एडीएम मंदसौर, जलसंसाधन विभाग की और से ई ई, नगर पालिका की और से सीएमओ, टीएनसी की और से संयुक्त संचालक उज्जैन को इस टीम में शामिल किया गया था। उन्होने तैलीया तालाब का सीमाकंन करके एक रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट को पेश की थी। आज लम्बे समय से चल रहे इस विवाद पर एनजीटी कोर्ट ने 42 पेज का फैसला दे दिया है। तैलीया तालाब को लेकर लम्बे समय से मन्दसौर में विवाद चल रहा था। जिसको लेकर कई सालो से यह मेटर पहले एनजीटी कोर्ट में चला वहा पर एक गलत नक्षा पेश किया गया था। उस पर सुप्रीम कोर्ट ने नये सिरे से एनजीटी को केस रिमांड किया था। लम्बी बहस के बाद आज एनजीटी कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया है। एनजीटी कोर्ट के फैसले के बाद अब तैलीया तालाब को लेकर किसी भी तरह का विवाद खत्म हो गया है। तैलीया तालाब के कारण मंदसौर का मास्टर प्लान भी रूका हुआ था। तैलीया तालाब की सीमा को लेकर विवाद न्यायालय में लम्बित होने से क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण पर जिला प्रशासन ने रोक लगा रखी थी। अब नए आदेश आने के बाद सभी प्रकार की निर्माण अनुमतियों पर रोक हट जायेगी ।