समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 25 फरवरी 2025 मंगलवार

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कलेक्टर व एसपी ने महाशिवरात्रि पर्व की तैयारी को लेकर पशुपतिनाथ मंदिर का निरीक्षण किया
सभी गेट्स पर लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाए : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति की बैठक संपन्न
मंदसौर 24 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति की बैठक मंदिर सभागार में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने मंदिर प्रबंध समिति को निर्देश देते हुए कहा कि मंदिर के सभी गेट्स पर सीसीटीवी कैमरे एवं लाइट लगाए। गेट पर कर्मचारी भी तैनात रहे। बुजुर्ग व दिव्यांग व्यक्तियों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था करें। मंदिर प्रबंध समिति को निर्देश दिए कि, मंदिर की आकर्षक विद्युत साज-सज्जा करे। फ्लावर एवं चुनरी डेकोरेशन, टेन्ट, कारपेट, रास्तों की सज्जा, गर्भगृह सज्जा, चुनरीदार गेट का निर्माण करे। पुलिस विभाग ट्रैफिक की व्यवस्था, पार्किंग की व्यवस्था बहुत अच्छे से करें। ट्रैफिक में मूवमेंट बहुत अच्छे से होना चाहिए। मंदिर परिसर में अलाउंसमेंट की व्यवस्था भी हो। नगर पालिका एप्रोच रोड पर लाइट चालू करें। इसके साथ ही किला रोड के खंभों पर विशेष लाइट लगाए। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक आनंद, मंदसौर विधायक श्री विपिन जैन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, एडिशनल एसपी श्री गौतम सिंह सोलंकी, मंदसौर एसडीएम श्री शिवलाल शाक्य सहित प्रबंध समिति के सदस्य मौजूद थे।
महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों के कतारबद्ध सुलभ दर्शन, मंदिर परिसर में सुरक्षा एवं पार्किंग आदि व्यवस्था हेतु बेहतर करे। नगर पालिका सफाई- सम्पूर्ण परिसर, घाट, पहूच मार्ग, छोटी पुलिया व बडी पुलिया समस्त आसपास के स्थान की करे। छोटी पुलिया व बडी पुलिया के मार्ग की स्ट्रीट लाईट दुरूस्ती, चन्दपुरा रोड़, खिलचीपुरा रोड़, पुरानी कोर्ट रोड़ स्ट्रीट लाईट दुरूस्ती करे।
वाहन स्टेण्ड व्यवस्था, आवागमन रास्तों पर चुना लाईनिंग, जल व्यवस्था के लिए पानी टेन्कर, नल आदि की मंदिर परिसर एवं आवागमन मार्ग पर करे। घाट पर जॉली लगाने के लिए निर्देशित किया।
एमपीईबी विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि विद्युत की पर्याप्त आपुर्ति प्रदाय करें। मंदिर परिसर की विद्युत आपुर्ति निरन्तर बनाये रखने हेतु लाईनमेन की ड्यूटी लगाये।
होमगार्ड विभाग को निर्देश दिए कि, महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के स्नान आदि हेतु नदी घाट पर गौताखोर की ड्यूटी लगाये जाने तथा लाईफ जेकेट आदि संसाधन साथ में रखे जाने के निर्देश डिप्टी कमाण्डेट होमगार्ड को दिये गये।
मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के दर्शन, लाईन व्यवस्था हेतु बैरिकेटिंग आदि की व्यवस्था मंदिर परिसर में किये जाने हेतु कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. मन्दसौर को निर्देशित किया। महाशिवरात्रि पर्व दर्शनार्थियों के अभिषेक, पुजन, एव आरती की व्यवस्था द्वितीय हॉल में रहेगीं। मंदिर पुजा व्यवस्था में संस्कृत पाठशाला के बटूको की सेवा ली जावे।
वर्तमान में चल रहे 14 गार्ड के साथ शिवरात्रि पर्व पर अस्थाई रूप से एक दिवस हेतु अतिरिक्त गार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान पशुपतिनाथ मंदिर आराधना हॉल में शाम 6:30 बजे होंगे शिव-सत्य की कला अभिव्यक्तियों का होगा आयोजन
महाशिवरात्रि के पर्व के अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ मंदिर आराधना हॉल में शाम 6:30 बजे शिव-सत्य की कला अभिव्यक्तियाँ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के रसास्वादन का आयोजन होगा। सागर के कलाकार जुगलकिशोर नामदेव एवं साथी द्वारा लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। इंदौर के कलाकार कविता तिवारी एवं साथी द्वारा महादेव केन्द्रित नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। नर्मदा पुरम के कलाकार दामिनी पठारिया एवं साथी द्वारा भक्ति गायन किया जाएगा।
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महाशिवरात्रि पर्व के दौरान पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक, सीसीटीवी, एसडीआरएफ दल सभी व्यवस्थाएं बेहतर करें : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
सोशल मीडिया पर अलर्ट रहे परीक्षा संबंधित गलत एवं सही खबरों को वेरीफाई करें
अमान्य दवाई एवं बीजों के संबंध में सभी एसडीएम दुकानों पर कार्यवाही करें
साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक संपन्न
मंदसौर 24 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक सुशासन भवन स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी महाशिवरात्रि पर्व की तैयारी एवं आगामी दिनों में आने वाले सभी त्योहारों की तैयारी करें। जहां पर महाशिवरात्रि पर मेले एवं अन्य गतिविधिया होंगी वहां पर व्यवस्था बेहतर हो। आवश्यक ड्यूटी लगाएं। पर्याप्त पुलिस बल लगाएं। ट्रैफिक प्लान बेहतर बनाएं। आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगवाए। एसडीआरएफ की टीम अलर्ट रहे। उनकी शिफ्ट में ड्यूटी लगाए। ऐसे स्थान पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो। प्रवेश और निकाशी की व्यवस्था अच्छे से करे। सभी स्थानों पर शांति समिति की बैठक करें। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल सहित सभी जिला अधिकारी मौजूद थे।
विद्यार्थियों की परीक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी एसडीएम सोशल मीडिया पर अलर्ट रहे तथा गलत एवं सही खबरों को वेरीफाई करें। उड़न दस्ते बनाएं। सभी की ड्यूटी लगाए। परीक्षा स्थान पर समस्या हो तो जिला शिक्षा अधिकारी तुरंत एसडीएम को बताएं और तत्काल व्यवस्था सुधारे। परीक्षा के व्यवस्था बहुत अच्छे से हो।
सभी एसडीएम अमान्य दवाइयां, बीज की दुकानों पर कार्यवाही करें। दुकानों की जांच करने के लिए दल गठित करें और कार्यवाही करें। गेहूं उपार्जन का कार्य लगातार अच्छे से चलने दे। फसल गिरदावरी के कार्य में तीव्रता लाएं। सर्वेयर, स्लॉट बुकिंग, बारदान, गोदाम की भंडारण क्षमता इत्यादि व्यवस्था को देखे।
पीआईयू विभाग शिवना शुद्धिकरण के कार्य को इस माह पूर्ण करें। इसके साथ ही मार्च माह से शिवना शुद्धिकरण की मुहिम शुरू होगी। जिसमें 50 ग्राम पंचायतों में संगोष्ठी आयोजित होगी। शुद्धिकरण, जल बचाओ जैसे महत्वपूर्ण काम होंगे। जल जीवन मिशन, जल संसाधन विभाग इसके लिए प्लान तैयार करें। मंडी सचिव हॉर्टिकल्चर मंडी अलग से बनाएं जाने के लिए शासन को प्रपोजल भेजें।
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सड़क गुणवत्ता की जांच शुरुआत में ही की जाए : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
सड़कों पर आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाएं
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न
मंदसौर 24 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सुशासन भवन सभागृह में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण के साथ ही गुणवत्ता की जांच शुरुआत में ही की जाए। सड़क के सैंपल लेकर गवर्नमेंट एजेंसी को जांच करने के लिए भेजें। पीडब्ल्यूडी विभाग रोड इंजीनियर से चेक करवाए। सड़कों पर आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। इसके लिए स्थल चिन्हित करें। सीतामऊ रोड पर शोल्डर, साइनेज, पुलिया पर रंग रोगन, पेड़ कटाई के कार्य करें। सीतामऊ से सुवासरा रोड का स्थल सर्वे एमपीआरडीसी जल्द पूर्ण करें। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, एडिशनल एसपी श्री गौतम सिंह सोलंकी, जिला सड़क सुरक्षा समिति से संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
NHAI पुलिस के साथ सीसीटीवी डाटा शेयर करें। 8 लाइन पर टोल प्लाजा के बाद रेस्ट हाउस को सक्रिय करें। वहां पर रेस्टोरेंट व्यवस्था सुनिश्चित करें। गरोठ क्षेत्र में एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम बढ़ाएं। ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग बस ऑपरेटर के आंख की जांच अनिवार्य रूप से करें। स्कूलों की बसें, टेंपो इत्यादि के फिटनेस, ड्राइवर का चरित्र प्रमाण पत्र, रजिस्ट्रेशन चेक करें। नॉन लाइसेंस गाड़ियों के ड्राइवर का चरित्र सत्यापन करें। चालानी कार्यवाही अधिक से अधिक करें। जल निगम 31 मार्च तक रोड मरम्मत का कार्य पूर्ण करें। इसके लिए 1 मार्च से शेड्यूल बनाएं। साथ ही आईआरएडी से दुर्घटनाओं का डाटा सभी थानों से प्राप्त कर नये ब्लैक स्पाट को चिन्हित करना। ब्लैक स्पॉट परिशोधन के संबंध में निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यवाही की जाएं। सभी निर्माणाधीन मार्गो में आवश्यक रोड़ फर्निचर एवं सुरक्षात्मक सूचना बोर्ड लगाएं। सड़क सुरक्षा के संबंध में स्कूल और कॉलेजो में ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाएं। मार्गो के जंक्शन पर रंबल स्ट्रीप लगाएं। ट्रेक्टर तथा ट्रॉलियों पर सुरक्षात्मक दृष्टिकोण हेतु रेडियम लगाना अनिवार्य है। आरटीओ द्वारा ट्रेक्टर तथा ट्रॉलियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करें। लेजर स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम का हाईवें पर उपयोग करें। फोटो संलग्न
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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शुद्ध गंगाजल मंदसौर संभाग के सभी डाकघरों में उपलब्ध है
महाशिवरात्रि पर प्रधान डाकघर द्वारा गंगाजल विक्रय हेतु 1 स्टॉल पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में लगाया जाएगा
मंदसौर 24 फरवरी 25/ अधीक्षक डाकघर श्री जगदीश प्रसाद ने बताया कि
महाशिवरात्रि के पावन पर्व के साथ ही अन्य धार्मिक कार्यों के लिए शुद्ध गंगाजल मंदसौर संभाग के सभी डाकघरों में उपलब्ध है। गंगोत्री से पैक किया हुआ शत प्रतिशत शुद्ध गंगाजल भगवान शिव के अभिषेक के लिए मंदसौर प्रधान डाकघर तथा मंदसौर के सभी उप डाकघरों में उपलब्ध है। दशपुर की प्राचीन नगरी के सभी नगर वासियों से अनुरोध है कि वह इस अवसर पर शुद्ध गंगाजल की अगर किसी को आवश्यकता है तो डाकघर से प्राप्त कर सकते है।प्रधान डाकघर द्वारा 1 स्टॉल पशुपतिनाथ परिसर में भी गंगाजल के विक्रय हेतु लगाया जाएगा। अतः अधिक से अधिक जनता इसका लाभ लेवे।
मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए आवेदन करें
स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना हेतु 5 लाख मिलेंगे, जिस पर 40% अनुदान मिलेगा
मंदसौर 24 फरवरी 25/ सहायक संचालक मत्स्योद्योग श्री एस के महाजन ने बताया कि मछुआ कल्याण व मत्स्य विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना अन्तर्गत आवेदन करें। जिले मे स्मार्ट फिश पार्लर स्थापना ग्रामीण तालाबो मे मत्स्य बीज संवर्धन व उत्पादन, ग्रामीण तालाबो मे झीगा पालन तथा प्रशिक्षण हेतु वर्गवार लक्ष्य प्रदाय किये जाकर राशि उपलब्ध करायी गयी है। स्मार्ट फिश पार्लर के माध्यम से उपभोक्ताओ को ताजी व हाइजेनिक कंडीशन में मछली उपलब्ध करायी जावेगी। जिले मे योजनान्तर्गत 9 स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना की जावेगी। सामान्य वर्ग के 04 अ.जा. वर्ग के 03 अनुसुचित जनजाति वर्ग के 02 हितग्राहियो को लाभान्वित किया जावेगा। प्रत्येक स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना हेतु 5 लाख रू राशि का प्रावधान है जो नगरीय निकाय / पंचायत को उपलब्ध करायी जावेगी। जिसमे चयनित हितग्राही को ईकाई लागत की 10 प्रतिशत राशि रू 50 हजार अंशदान के रूप मे व मासिक शुल्क रु 1 हजार प्रति माह संबंधित नगर निकाय या पंचायत मे जमा करना होगी।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण तालाबो मे मत्स्य बीज संवर्धन व उत्पादन तथा झीगा पालन हेतु सभी वर्ग के हितग्राहियो को इकाई लागत के 40 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदाय की जावेगी। योजना अन्तर्गत प्रदेश के सभी वर्ग के हितग्ग्रही, एन.आर.एल.एम. स्व सहायता समुह, मछुआ समुह एव मछुआ सहकारी समिति के सदस्य पात्र होगे। इच्छुक हितग्राही योजनान्तर्गत अपना आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते है। अधिक जानकारी हेतु मत्स्योधोग विभाग मे संपर्क कर सकते है।
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सब जेल गरोठ में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया
एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये
मंदसौर 24 फरवरी 25/ सहायक जेल अधिक्षक सब जेल गरोठ के डॉ. अंशुल गर्ग द्वारा बताया गया कि म.प्र. शासन जेल विभाग में नव रचित सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम की विचारधारा पर सब जेल गरोठ में परिरूद्ध बंदियों को अखिल विश्व गायत्री परिवार, जिला संयोजक पं. मोहनलाल जोशी के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया । प्रमाण पत्र गायत्री तीर्थ हरिद्वार से प्राप्त् होने एसडीएम श्री चंदरसिंह सोलंकी आतिथ्य में 63 बंदियों को प्रदान किये गये । श्री सोलंकी द्वारा बंदियों को भारतीय संस्कृति संबंधी प्राप्त ज्ञान को अपने जीवन-व्यवहार में उतारने का सुझाव दिया । जिससे असल अर्थों में भारतीय संस्कृति का उत्थान हो सके । इस दौरान गायत्री परिवार से श्री कालूराम राठौर, श्री माणकलाल राठौर, श्री देवीप्रसाद शर्मा और जेल प्रशासन सहायक जेल अधीक्षक एवं अन्य सुरक्षा स्टॉफ उपस्थित थे।
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मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के स्वर्ण युग का सुप्रभात
मंदसौर 24 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित ऐतिहासिक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट डॉ. मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस शुभ संकल्प का सुखद प्रतिफल है जो आज से सवा साल पूर्व पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन होने के तत्काल बाद उन्होंने लिया था। मुझे याद है कि मुख्यमंत्री के उस संकल्प को बहुत गंभीरता से नहीं लिया गया। परंतु, राजधानी भोपाल में आयोजित हो रही भव्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस बात की परिचायक है कि मध्यप्रदेश को देश के प्रगतिशील राज्यों की कतार में अग्रणी स्थान का अधिकारी बनाने के लिए कृत-संकल्प मुख्यमंत्री के अंदर वह इच्छा शक्ति कूट-कूट कर भरी है जो किसी भी “सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय” संकल्प की पूर्ति की पहली शर्त होती है। दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपना पदभार संभालते ही राज्य के द्रुतगामी औद्योगिक विकास के अपने सुनहरे स्वप्न को साकार करने की अभिलाषा की पूर्ति के लिए राज्य में क्षेत्रीय निवेशक सम्मेलनों की श्रंखला आयोजित करने की जो पहल की है, उसके सुखद परिणामों से यह संकेत मिलने लगे हैं कि मध्यप्रदेश अब औद्योगिक विकास के स्वर्ण युग की दहलीज पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न होने जा रही इस भव्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने आज राजधानी को मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के स्वर्ण युग के सुप्रभात का साक्षी बनने का अवसर प्रदान किया है। यह भी संभवतः प्रथम अवसर है जब प्रधानमंत्री ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन के एक दिन पूर्व भोपाल पहुंचकर राज्य के सांसदों और विधायकों से अनूठा संवाद करेंगे। निश्चित रूप से यह संवाद मध्यप्रदेश के बहुमुखी विकास की नई संभावनाएं तलाशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज आर्थिक क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उपस्थिति में जब ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का शुभारंभ हो रहा है, तब यह आयोजन न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा। इस समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभरने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने नई उद्योग नीति, लॉजिस्टिक हब, पर्यटन प्रोत्साहन और सौर ऊर्जा नीति के रूप में ऐसे निर्णायक कदम उठाए हैं, जो इस आयोजन को जमीनी धरातल पर सफल बनाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ पहल का प्रभाव
प्रधानमंत्री श्री मोदी की “मेक इन इंडिया”, “स्टार्ट-अप इंडिया”, “डिजिटल इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसी योजनाओं ने देश में औद्योगिक विकास को नया आयाम दिया है। जीआईएस-2025 इन पहलों को प्रदेश में लागू करने के लिए ठोस मंच प्रदान कर रहा है।
मेक इन इंडिया: मध्यप्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित किया जा रहा है। पीथमपुर (इंदौर), मंडीदीप (भोपाल), मालनपुर (ग्वालियर), मेघनगर (झाबुआ) जैसे औद्योगिक हब इस अभियान को गति दे रहे हैं।
स्टार्ट-अप इंडिया: इंदौर और भोपाल में आईटी और स्टार्ट-अप हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में इनोवेशन और नई तकनीक आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा।
मध्यप्रदेश सरकार की नई उद्योग नीति: निवेशकों के लिए स्वर्णिम अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने नई उद्योग नीति को लागू किया है, जिससे देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। कैबिनेट में लिए गए निर्णयों के तहत उद्योगों को सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के तहत त्वरित मंजूरी दी जाएगी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार के लिए नीतिगत बदलाव किए गए हैं। निवेशकों को कस्टमाइज़्ड पैकेज दिए जाएंगे, जिससे प्रदेश में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) का प्रवाह तेज होगा। मध्यप्रदेश खनिज संपदा और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। प्रदेश की समृद्ध खनिज संपदा के दोहन और लॉजिस्टिक सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने नई नीतियां लागू की हैं। बालाघाट में तांबा और मैंगनीज उद्योग, पन्ना में हीरा उद्योग, सतना-कटनी में सीमेंट उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। इंदौर और भोपाल को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे व्यापार और निर्यात को गति मिलेगी। रेल, सड़क और एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नई परियोजनाएं लाई गई हैं।
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पहल
मध्यप्रदेश अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। प्रदेश सरकार ने पर्यटन को औद्योगिक विकास से जोड़ने के लिए नई योजनाएं लागू की हैं। धार्मिक पर्यटन में उज्जैन (महाकाल लोक), चित्रकूट, ओंकारेश्वर और अमरकंटक जैसे तीर्थस्थलों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है। वाइल्डलाइफ टूरिज्म में कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा और पेंच नेशनल पार्क को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। एडवेंचर और इको-टूरिज्म में पचमढ़ी, भीमबेटका और मांडू जैसे स्थानों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। फिल्म सिटी के तौर पर मध्यप्रदेश में फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भोपाल और उज्जैन में फिल्म सिटी निर्माण की योजना बनाई जा रही है।
सौर ऊर्जा नीति: अक्षय ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश ने सौर ऊर्जा नीति के तहत अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। रीवा सोलर प्लांट के बाद अब प्रदेश में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पवन और सौर ऊर्जा में निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने नई नवकरणीय ऊर्जा नीति लागू की है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की योजना पर कार्य कर रही है।
जीआईएस-2025 : मध्यप्रदेश के उज्जवल भविष्य की ओर एक निर्णायक कदम
जीआईएस-2025 में जर्मनी, जापान, स्विट्जरलैंड, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम, पोलैंड, नीदरलैंड और कनाडा जैसे देशों के निवेशकों की भागीदारी दर्शाती है कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह आयोजन प्रदेश के उद्योग जगत को एक नई दिशा देगा। मध्यप्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक मजबूत औद्योगिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। नई उद्योग नीति, लॉजिस्टिक हब, पर्यटन, खनिज संपदा और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए प्रयास जीआईएस-2025 को जमीनी धरातल पर सफल बनाएंगे। यह आयोजन न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के औद्योगिक भविष्य को एक नई दिशा देगा। जीआईएस-2025 के माध्यम से मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश से औद्योगिक मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाएगा।
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हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश औद्योगिक भारत के मानचित्र पर भी केन्द्र-बिन्दु : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मंदसौर 24 फरवरी 25/ दुनिया आज नए औद्योगिक युग में प्रवेश कर रही है। वैश्विक निवेशक स्थिरता, व्यापार की सुगमता और टर्न ओवर एवं प्रोफिटेबिलिटी में दीर्घकालिक वृद्धि की तलाश में हैं। इन परिस्थितियों में भोपाल में आयोजित हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 मध्यप्रदेश को इस बदलाव नेतृत्व-कर्ता के रूप में उदित होने के लिये स्वर्णिम अवसर है। इस आयोजन की सफलता से भारत का हृदय प्रदेश राष्ट्रीय ही नहीं वैश्विक औद्योगिक निवेशों का नया केंद्र बन कर उभर रहा है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 मध्यप्रदेश को भारत के औद्योगिक हृदय-स्थल और वैश्विक निवेश की धुरी बनने का ऐतिहासिक अवसर है। यह वह मंच होगा जहाँ मध्यप्रदेश अपनी ताकत, नीतियों और निवेश के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। वैश्विक निवेशक तीन बातों को प्राथमिकता देता है, स्थान, नीति और मूलभूत सुविधाएँ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने की मुहिम में जुटे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व ने प्रदेश को इन सभी मानकों पर खरा उतरने के योग्य बन दिया है।
उद्योगों के विकास के लिए फास्ट-ट्रैक मंजूरी, सिंगल-विंडो क्लियरेंस और उद्योग-हितैषी नीतियाँ निवेशकों को समय और लागत दोनों में लाभ पहुंचाने में सक्षम रणनीतियों से सरकार ने एक ऐसा वातावरण तैयार किया है राज्य में विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारे, लॉजिस्टिक्स पार्क और स्मार्ट शहर इसे भारत का निवेश-आकर्षण बना रहे हैं। देश के केंद्र में स्थित होने के कारण यहाँ से भारत ही नहीं दुनिया भर के बड़े उपभोक्ता बाजारों तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।
मध्यप्रदेश अब विनिर्माण क्षेत्र में भारत के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक बनकर उभर रहा है। सरकार द्वारा दी जा रही रियायतें और प्रोत्साहन इस दिशा में निवेशकों का भरोसा मज़बूत कर रहे हैं।
पूँजीगत सब्सिडी, स्टांप शुल्क में छूट और औद्योगिक पार्कों में तैयार मूलभूत इन्फ्रास्ट्रक्चर उद्योगों को तेज़ी से स्थापित और विस्तारित करने में सहायता कर रहे हैं। लॉजिस्टिक्स को आधुनिक बनाने के लिए किए गए निवेश के कारण अब आपूर्ति श्रृंखला और माल परिवहन अधिक सुगम हो गया है, जिससे निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए और अधिक आकर्षक संभावनाएँ दिख रही हैं।
वैश्विक व्यापार अब स्थायी विकास की ओर बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश इस हरित क्रांति का एक प्रमुख स्तंभ बनने के लिए तैयार है। प्रदेश की नई ऊर्जा नीति में 12 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उद्योगों को क्लीन-ग्रीन और सस्ती बिजली पर्याप्त मात्रा में मिल सके। राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसमिशन चार्ज छूट और प्राथमिकता के आधार पर भूमि आवंटन जैसी नीतियाँ लागू की हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी निर्माण को गति देने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। प्रमुख मार्गों पर चार्जिंग स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे हरित ऊर्जा को वास्तविक रूप में लागू करने की दिशा में तेज़ी से प्रगति हो रही है। निरंतर पेज 2 पर
मध्यप्रदेश अब सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर नीति-2025 के अंतर्गत निवेशकों को बड़े पैमाने पर पूँजीगत सब्सिडी और तेज मंजूरी प्रक्रियाओं की सुविधा दी जा रही है। इस क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के लिए ‘नो-क्वेरी पोर्टल’ विकसित किया गया है, जो निवेशकों को बिना किसी जटिलता के अपने उद्योगों की शुरुआत करने की अनुमति देता है। इसके अलावा, वीएलएसआई और सेमीकंडक्टर डिज़ाइन प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना से इस उद्योग के लिए कुशल कार्यबल विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश नए मानक स्थापित कर रहा है। ड्रोन नीति 2025 बना कर राज्य को भारत का अग्रणी ड्रोन निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुसंधान अनुदान और सब्सिडी के कारण ड्रोन निर्माण, लॉजिस्टिक्स, कृषि और आपदा प्रबंधन में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा मिल रहा है।
राज्य में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम भी अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है। सरकार द्वारा स्टार्ट-अप फंड और वैश्विक नेटवर्किंग को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही सहायता से यहाँ नए उद्योगों की स्थापना की संभावनाएँ सशक्त हो रही हैं।
आर्थिक विकास तभी सार्थक माना जाता है जब उद्योगों के साथ ही रोज़गार के अवसरों का भी विस्तार हो। मध्यप्रदेश में लागू की जा रही नीतियाँ न केवल उद्योगों को निवेश के लिए आकर्षित कर रही हैं, बल्कि इससे लाखों युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार भी खुल रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में 20 लाख से अधिक नौकरियों के नए अवसर सृजित करना है। इसमें एमएसएमई क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित हो रही कंपनियों के लिए सरकार ने प्रोत्साहन योजनाएँ शुरू की हैं, ताकि नए कर्मचारियों का आर्थिक सहयोग के साथ कौशल उन्नयन भी किया जा सके।
मध्यप्रदेश अब वैश्विक निर्यात क्षेत्र में भी तेजी से बाहें पसार रहा है। राज्य सरकार ने नए निर्यातकों के लिए वित्तीय सहायता, फ्रेट सब्सिडी और विशेष निर्यात संवर्धन क्षेत्रों की स्थापना जैसी पहल की हैं। इससे यहाँ के उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकेंगे। आज मध्यप्रदेश केवल भारत के लिए ही नहीं, अपितु पूरी दुनिया के लिए विनिर्माण केंद्र बनता जा रहा है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 एक ऐसा मंच बनने जा रही है जहाँ नए औद्योगिक साझेदारियों और ऐतिहासिक निवेश समझौतों की नींव रखी जाएगी। इस समिट के माध्यम से प्रदेश सरकार देश के साथ ही वैश्विक उद्योग जगत के साथ नए संबंध स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि 2030 तक राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को छह लाख करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगी।
वैश्विक निवेश परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है और मध्यप्रदेश बदलाव की इस लहर पर सवार होकर अपने औद्योगिक निवेश को नये क्षितिजों तक पहुंचाने में जुटा हुआ है। प्रदेश व्यापारिक सुगमता, विश्वस्तरीय अधोसंरचना और कुशल कार्यबल के साथ भारत के सबसे भरोसेमंद निवेश स्थलों में से एक बन गया है। जीआईएस-2025 अवसर मात्र नहीं, अपितु भारत के भविष्य का निर्माण करने की कुंजी है।
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जीआईएस ने खोले मध्यप्रदेश में निवेश के द्वार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार कर रहा मध्यप्रदेश
मंदसौर 24 फरवरी 25/ दुनिया आज एक ऐतिहासिक आर्थिक बदलाव के दौर से गुजर रही है और भारत इस बदलाव का केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक वैश्विक औद्योगिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए कृत संकल्प है। इसी संकल्प की सिद्धि की दिशा में भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के रूप में वैश्विक उद्यमिता शक्तियों का संगम स्थल बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जीआईएस-2025 आर्थिक आयोजन मात्र नअपितु विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रधानमंत्री मोदी के औद्योगिक सुधारों, आत्मनिर्भर भारत अभियान और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस की नीति का प्रमाण है कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े निवेश डेस्टिनेशन में से एक है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्पष्ट विजन है कि “21वीं सदी का भारत आत्मनिर्भर होगा, औद्योगिक और डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करेगा, और रोजगार सृजन में वैश्विक शक्ति बनेगा।” इस विजन को आज मध्यप्रदेश में मूर्त रूप दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश की सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के विज़न को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। केन्द्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से औद्योगिक क्रांति की नई नींव रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी के औद्योगिक सुधारों और मेक इन इंडिया पहल ने विनिर्माण को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना दिया है। मध्यप्रदेश इस नीति का सबसे बड़ा लाभार्थी है। अब यह भारत के नए औद्योगिक मानचित्र पर सबसे प्रमुख राज्य बन रहा है।
देश के केन्द्र में स्थित होने के कारण, मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए सर्वश्रेष्ठ लॉजिस्टिक्स और व्यापार मार्ग उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की गति शक्ति योजना और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश को देश के नए औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार निवेश को आकर्षित करने के लिए अभूतपूर्व प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आई है। पूँजीगत सब्सिडी, 100% स्टाम्प शुल्क माफी और तैयार औद्योगिक पार्क यहाँ के निवेश माहौल को दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी औद्योगिक स्थलों में से एक बना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत, मध्यप्रदेश में मेक इन इंडिया के तहत ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा विनिर्माण और टेक्सटाइल उद्योग में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। \
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ग्रीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी में भारत की ड्राइविंग सीट पर मध्यप्रदेश
प्रधानमंत्री श्री मोदी के वर्ष 2030 तक भारत को नेट-जीरो कार्बन एमिशन की ओर ले जाने के संकल्प को मध्यप्रदेश नई ऊर्जा नीति के माध्यम से साकार कर रहा है। आज मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र बनने की राह पर अग्रसर है। राज्य सरकार ने 12 हजार मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जो उद्योगों को सस्ती, निर्बाध और ग्रीन एनर्जी प्रदान करेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के ई-मोबिलिटी मिशन के तहत मध्यप्रदेश चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क, बैटरी निर्माण और ईवी नीति के मामले में अग्रणी बन रहा है। हर प्रमुख हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना से इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग आसान और व्यापक हो रहा है। ई-मोबिलिटी के मिशन मोदी के तीव्रगामी ई-व्हीकल इन्फ्रास्ट्रक्चर का स्टियरिंग पर अब मध्यप्रदेश के हाथों में है।
डिजिटल क्रांति और सेमीकंडक्टर उत्पादन में बड़ी छलांग
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल इंडिया और सेमीकंडक्टर उत्पादन को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक बताया है। इसी को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण में नई शुरुआत कर रहा है। सेमीकंडक्टर नीति-2025 के तहत, राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये का पूँजीगत अनुदान और नो-क्वेरी पोर्टल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत, मध्यप्रदेश अब भारत का अगला सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिज़ाइन हब बनने की ओर अग्रसर है।
ड्रोन नीति होगी प्रभावी
ड्रोन नीति-2025 के अंतर्गत, मध्यप्रदेश ड्रोन निर्माण और एआई-आधारित लॉजिस्टिक्स प्रौद्योगिकी में निवेश को आकर्षित कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पहल के तहत, राज्य सरकार तकनीकी नवाचारों को गति दे रही है।
रोज़गार सृजन और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण
प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्पष्ट संदेश है कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तब पूरा होगा जब हर भारतीय को नए अवसर मिलें, हर युवा के पास रोज़गार हो और उद्योगों का विस्तार ग्रामीण भारत तक पहुँचे। मध्यप्रदेश की सरकार इसी विज़न को साकार करने में जुटी है। आगामी वर्षों में 20 लाख से अधिक नए रोज़गार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। एमएसएमई क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नए कर्मचारियों को प्रशिक्षण और वेतन सहायता दी जा रही है।
वोकल फॉर लोकल पर फोकस के साथ वैश्विक बाजार पर नजर
प्रधानमंत्री श्री मोदी का “वोकल फॉर लोकल” अभियान मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा दे रहा है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नए निर्यातकों को 10 लाख रुपये तक की सहायता और 25 लाख रुपये तक की फ्रेट सब्सिडी दी जा रही है, जिससे यहाँ के उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025: भारत में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025, मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक और निवेश मानचित्र पर सबसे आगे लाने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के औद्योगिक सुधारों और आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित इस समिट का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को भारत के विकास गाथा का हिस्सा बनाना है। यह समिट एक ऐसा मंच बनेगी जहाँ उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं और वैश्विक निवेशकों के बीच ऐतिहासिक समझौते और साझेदारियाँ होंगी। प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित होगी।
मध्यप्रदेश में आकार ले रहा है भविष्य का निवेश डेस्टिनेशन
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर है, और मध्यप्रदेश इस अभियान का एक मज़बूत स्तंभ है। अब सवाल यह नहीं कि निवेश क्यों करें, बल्कि यह है कि कौन सबसे पहले इस ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाएगा। मध्यप्रदेश ने अपने दरवाज़े खोल दिए हैं, अवसर आपके सामने है। भविष्य के लेख को पढ़ सकने वाले उद्यमी मध्यप्रदेश में निवेश कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश बनेगा भारत का टेक पॉवरहाउस
मंदसौर 24 फरवरी 25/ विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा टेक इन्वेस्ट 2025, एक विशेष तकनीकी शिखर सम्मेलन, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के शुभारंभ के दिन आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन 24 फरवरी को राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल के समिट हॉल-1 में आयोजित होगा।
सत्र की मुख्य बातें
सत्र 1: जीसीसी हब के रूप में टियर-2 और टियर-3 शहरों का उदय और आईटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग मध्यप्रदेश के सहयोग से आयोजित इस सत्र में उद्योग जगत के प्रमुख विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसमें स्ट्रेटइनफिनिटी इनकॉर्पोरेटड, ईवाई, इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया, डिजिटल कॉमर्स टेक्नोलॉजीज और थॉलोन्स बार्कले भाग लेंगे।
सत्र 2: मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण का केंद्र बनाना
केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मीटी और आईटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के नेतृत्व में और आईईएसए, वीएलएसआई, सैकडरमिड अल्फा, सीटीआरएलएस (कंट्रोल्स), आसेंस फाइन प्रायवेट लिमिटेड, एलसिना, अंबर समूह और काएंस जैसी प्रमुख संस्थाओं के सहयोग से यह सत्र सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं निर्माण में नवीनतम प्रगति पर केंद्रित होगा।
सत्र 3: आसमान की ओर – मध्यप्रदेश में ड्रोन और स्पेसटेक को विस्तार पर फोकस्ड रहेगा
मीटी के सहयोग से यह ड्रोन सत्र ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, ड्रोन डेस्टिनेशन, भारतीय वायुसेना और अन्य अग्रणी संगठनों द्वारा नवीनतम नवाचारों को प्रदर्शित करेगा।
सत्र 4: एनीमेशन से विकास की ओर – मध्यप्रदेश का उभरता हुआ एवीजीसी इकोसिस्टम
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित यह सत्र एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स की दुनिया में गहराई से चर्चा करेगा। इस कार्यक्रम में ईवाई, कायरा एनिमेशन प्रायवेट लिमिटेड,फेंटम डिजिटल एफएक्स, फिक्की, आदर्श टेक्नोसोफ्ट, सेंटर फॉर एंटरटेनमेंट आर्ट्स, पूजा एनिमेशन्स, आरवाईएफएफ, बियोंड स्टुडियोज और उद्योग जगत अन्य प्रमुख के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
एमपी इनोवेस्ट – स्टार्ट-अप पिचिंग प्रतियोगिता
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एमपी इनोवेस्ट-स्टार्ट अप पिचिंग प्रतियोगिता होगी, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न स्टार्ट-अप्स अपने अभिनव विचारों को प्रस्तुत करेंगे। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, एमएसएमई विभाग और प्रमुख वेंचर कैपिटलिस्ट्स जैसे अराइज वेचर्स,योर नेस्ट वीसी, सीफंड, सांची कनेक्ट, डेक्स्टर कैपिटल एडवाइजर, सूनिकॉर्न वेचर्स स्माल टिकिट फंडिगं, अटल इनक्यूबेशन सेंटर, एसटीपीआई और दृष्टि सीपीएस के विशेषज्ञ जूरी के रूप में उपस्थित रहेंगे।
प्रमुख उद्योगों की भागीदारी
एलटीआई माइंड ट्री, पंचशील रियलिटी, डिजिटल कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज, सिक्योर सर्किट्स और एम्बर एंटरप्राइसेस इंडिया लिमिटेड जैसी अग्रणी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में अपने परिचालन के विस्तार में रुचि दिखाई है। राज्य सरकार इस अवसर पर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी, सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025, ड्रोन प्रोमोशन एवं उपयोग नीति 2025 नीतियों की घोषणा करेगी।
स्टार्ट-अप और नेटवर्किंग के अवसर
शिखर सम्मेलन का समापन एमपी इनोवेस्ट, एक स्टार्ट-अप पिचिंग प्रतियोगिता के साथ होगा, जिसे MPSEDC, दृष्टि, IIT इंदौर और IIM इंदौर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में वेंचर कैपिटलिस्ट्स और उद्योग विशेषज्ञों का पैनल स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन करेगा।
टेक इन्वेस्ट-2025 बी-टू-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) और बी-टू-जी (बिजनेस-टू-गवर्नमेंट) नेटवर्किंग सत्रों की भी सुविधा प्रदान करेगा, जिससे उद्यमियों, निवेशकों को प्रत्यक्ष बातचीत का अवसर मिलेगा।
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