ADGP डीसी सागर ने साइकिल चला कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

शहडोल -जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डीसी सागर ने 6 जून को राष्ट्र एवं पर्यावरण हित में माह में एक बार साइकिल या पैदल चलने का निर्णय लेते हुए अपने कार्यालय पहुंचे।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डीसी सागर ने कहा कि पेड़ हमें प्राण वायु (ऑक्सीजन) देते हैं और मिट्टी का कटाव रोकते हैं। पेड़ों को पर्यावरण का ग्रीन लंग्स (फेफड़ा) कहा जाता है। उन्होंने अपने इस नवाचार का प्रमुख उद्देश्य को लेकर बताया कि माह एक बार पेट्रोल या डीजल से चलने वाले कार, मोटरसाइकिल आदि का त्याग करके पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में सहायक होंगे।
नियमित रूप से साइकिल चलाने से मांसपेशियां तंदुरुस्त और ताकतवर होगी। साइकिल या पैदल चलकर पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन को बचाने में सहायक होंगे। वाहनों से उत्सर्जित हानिकारक ग्रीन हाउस गैसों से वातावरण का तापमान बढ़ता है और सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने वाली ओजोन परत के क्षरण होता है। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण को भी नियंत्रित कर सकते हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा पेड़ हमें प्राण वायु (ऑक्सीजन) देते हैं और मिट्टी का कटाव रोकते हैं। पेड़ों को पर्यावरण का ग्रीन लंग्स (फेफड़ा) कहा जाता है। इसलिए पेड़ों की कटाई न करें, पेड़ लगाएं और इनका संरक्षण करें। एडीजीपी डी.सी. सागर ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर एक कार्यक्रम में शहडोल संभाग के कमिश्नर बी. एस. जामोद के उद्बोधन से साइकिल पर चलने के लिए प्रेरित हुआ। इसके पहले भी पुलिस महानिरीक्षक के पद पर रहते हुए बालाघाट जोन में, चंबल जोन ग्वालियर में और पुलिस मुख्यालय भोपाल में ड्यूटी के दौरान अपने कार्यालय साइकिल चलाकर पहुंचते रहे हैं।