आलेख/ विचारमंदसौरमध्यप्रदेश

महाशिवरात्रि के पावन उत्सव पर मंदसौर जिले के प्रमुख शिवालयों पर समुचित व्यवस्था की जाए-

 

रविन्द्र पाण्डेय

भगवान शिव के भक्तो के लिए महाशिवरात्रि के दिन का महत्व बहुत ही आध्यात्मिक महत्व का है कि जो भी भक्त महाशिवरात्रि को भगवान शिव की पुजा व व्रत करते है उन्हे मोक्ष की प्राप्ति होती है मनोकामनाएं  पूर्ण होती है इसदिन  भगवान शिव ने अपने सभी शत्रुओं पर विजय प्राप्त की थी  इस दिन भगवान शिव और शक्ति का मिलन हुआ था फाल्गुन मास की चतुर्दशी को  भगवान शिव दिव्य ज्योर्तिलिंग के रूप में प्रकट हुए थे
मंदसौर।  समाजसेवी  रविन्द्र पाण्डेय ने कलेक्टर से मांग कि हैं कि भगवान शंकर के भक्तों का सबसे बड़ा उत्सव मंहाशिवरात्री होता है। मंदसौर जिले में भगवान शंकर के अति प्राचीन व भक्तों के श्रद्धा के केंद्र शिवालयों में मंहाशिवरात्री पर शिव भक्त पुरी रात्रि में अभिषेक व पुजन भजनों से भगवान की आराधना करते है। इसके लिए श्री पाण्डे ने कलेक्टर से मांग कि है कि भगवान पशुपति नाथ मंदिर शिवना के तट पर शिवना नदी स्वच्छ और निर्मल बहे जिसमे भक्त लोग स्नान ओर आचमन कर सके
साथ ही रविन्द्र पाण्डेय ने कहा कि मंदसौर जिले में 24 से अधिक मुख्य शिवालयों में भगवान जागेश्वर महादेव मंदिर किला शहर, मारु खेणी महादेव दलोदा तहसील, बदाखेड़ी के पास शिव मंदिर, धुधंरीपार महादेव रेवासदेवडा, चकाभोमहादेव बुढा मलाहरगढ, कोटेश्वर महादेव सीतामऊ, शिपावरा चंबल शिप्रा के संगम तट पर मंडलेश्वर महादेव, बड़ा महादेव, छोटा महादेव भानपुरा धर्म राजेश्वर मेलखेडा शामगढ, ऐलवी मंहादेव चंबल के तट पर वटकेश्वर महादेव, चंबल के तट पर घसोई सुवासरा, सेजपुरिया तलाई वाले महादेव, अमलावद पन्गतिया कुआ महादेव, पहेड़ा मगरा शिवगढ़ मल्हारगढ़ शिवालय आदि कईं प्रसिद्ध व प्राचीन शिवमंदिर है जहां महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बडी संख्या मे भक्तों का जन सैलाब उमड़ता है, भक्ति भाव से  इन प्रमुख शिवलयों पर समुचित व्यवस्था करने की मांग की गई है।
रविन्द्र पाण्डेय

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