प्रदेश की जनता को आज भी दूसरे राज्य में इलाज कराने जाना पड़ता है

मंदसौर -जिले की तो इलाज के नाम पर आधी से जादा लोग इलाज के नाम पर राजस्थान,गुजरात का रुख करते हैं आखिर क्या मध्य प्रदेश में चिकित्सा विभाग जिला लेवल पर इतनी लचर है की हर कोई इलाज कराने के नाम से डरता है आज मेरे मित्र के परिवार के एक सदस्य को छोटी सी तकलीफ में जिले में इलाज नहीं मिलने पर अहमदाबाद जा ना पड़ा पिछले कई सालों से ग्रामीण इलाकों से भी कोई बात की जाती हैं तो वह गुजरात के अहमदाबाद, बडौदा वह राजस्थान के उदयपुर आदि शहरों की बात करता है जिसके पीछे अच्छा इलाज मुख्य वजह कम लागत और अच्छा इलाज प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से निवेदन करता हूं कि वास्तविकता मध्य प्रदेश में लोग इलाज के नाम से डरते क्यों हैं जहां मध्य प्रदेश में हजार रुपए इलाज की फीस ली जाती है वहीं राजस्थान गुजरात में आधे से भी कम कीमत में इलाज हो जाता है जिसे प्रदेश के मुखिया को गंभीरता से लेना चाहिए विशेष बात तो यह है कि सरकारी अस्पतालों में भी दूसरे राज्यों में प्राइवेट जैसी सुविधाएं सुलभता से उपलब्ध रहती है वहीं मध्य प्रदेश के कई जिलों में आज भी प्राइवेट कारण के नाम से हजारों लाखों की फीस मरीजों से वह परिवारों से वसूली जा रही है जिसे गंभीरता से लेना चाहिए