कांग्रेस ने आदिवासी भाइयो, बहिनो को पुष्पमाला पहनाकर मनाया आदिवासी दिवस एवं भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगाठ

मल्हारगढ़।भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ एवं विश्व आदिवासी दिवस शुक्रवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं नगर कांग्रेस द्वारा पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया गया।इस मौके पर सर्वप्रथम गांधी चौराहा स्थित राष्ट्रपिता पूज्य महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण कर “जब तक सूरज चांद रहेगा,महात्मा गांधी का नाम रहेगा” के जय कारे के साथ उन्हें याद किया।उसके पश्चात कांग्रेसजन आदिवासी भाइयो, बहिनो के बीच पहुंचे जहां उन्हें पुष्पमाला पहना कर उनका सम्मान किया।
इस मौके पर मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन आंदोलन का शंखनाद किया था अंग्रेजो से भारत को देश को आजाद करवाने के लिए कांग्रेस के असंख्य नेताओ ने अपना सर्वस्व त्याग कर अपने जीवन का बलिदान किया।शर्मा ने कहा कि यह एक आंदोलन था जिसका लक्ष्य भारत से ब्रिटिश साम्रज्य को समाप्त करना था यह आंदोलन महाता गांधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुंबई अधिवेशन में शुरू किया गया था।भारत छोड़ो आंदोलन भारत को तुरंत आजाद करने के लिए अंग्रेजी शासन के विरुद्ध सविनय अवज्ञा आंदोलन था।
आदिवासी दिवस पर जिला कांग्रेस महामन्त्री अनिल बोराना ने अपने विचार व्यक्त करते हुवे कहा कि कांग्रेस का आदिवासियों से हमेशा सामाजिक, आर्थिक,तथा पारिवारिक रिस्ता रहा है बोराना ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा उनके अधिकारों उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं पर ध्यान देने का दिवस है। बोराना ने यह भी कहा कि भारत ही नही दुनियाभर के कई देशों में आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते है जिमकी जीवन शैली,खानपान ओर रीति रिवाज आमजन से काफी अलग होती है।
इस मौके पर मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा,जिला कांग्रेस महामन्त्रीद्वय अनिल बोराना,मुकेश निडर,सचिव महेंद्र गेहलोत, किशनलाल चौहान, नगर कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद फरक्या,मंडलम अध्यक्ष किशोर उणियारा, दिनेश गुप्ता काचरिया, सेक्टर अध्यक्ष अनिल गुर्जर,कांग्रेस नेता भेरूलाल पप्पू गुर्जर, पार्षद अशोक कोहली,युवक कांग्रेस नेता जसवंत राठौड़, अनिल मुलासिया,बालकृष्ण मांदलिया आदि उपस्थित थे।अंत मे आभार नगर कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद फरक्या ने माना।