श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन भगवान के 24 अवतारों का वर्णन सुन भावुक हुए श्रद्धालु
भगवान के नाम के सिवाय हर चीज मिलावटी हैं-पं. श्री यज्ञ मणि जी महाराज

श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भगवान के 24 अवतारों का वर्णन सुन भावुक हुए श्रद्धालु
भगवान के नाम के सिवाय हर चीज मिलावटी हैं-पं. श्री यज्ञ मणि जी महाराज
पालसोडा। दहिया परिवार पालसोड़ा द्वारा भैंसासरी माता जी के मंदिर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन पं. श्री नरेंद्र देव यज्ञ मणि जी महाराज ने भगवान की भक्ति के बारे में विस्तार से चर्चा की।
पं. श्री यज्ञमणि जी महाराज ने कहा कि भगवान के नाम के सिवाय हर चीज मिलावटी है। केवल भगवान के नाम मे मिलावट नहीं है। भगवान का नाम सदा शुद्ध है। इंसान को हर जगह धोखा हो सकता है। मगर राम, कृष्ण और शिव नाम मे कोई संशय नही है। जिस तरह औषधालय में औषधी मिलती है, वस्त्रालय में वस्त्र मिलते हैं। इसी तरह संसार दुखालय है जहां दुख ही मिलता है। इंसान को असली सुख राम नाम में ही मिल सकता है।
सत्संग से मन शुद्ध होता है। सत्संग से बदल जाती है जीवन की धारा उन्होंने कहा कि संतो का सत्संग करने यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें कोई बीमारी नहीं आएगी, हमारा परिवार खुशहाल रहेगा या फिर हमारा व्यापार अच्छा चल जाएगा, यह तो प्रारब्ध होता है जो इस दुनिया में आया है उसे एक दिन जाना ही है जब लाभ होता है तो हानि भी निश्चित होती है। सत्संग तो जीवन की धारा बदल देता है जिसमें आप ज्ञान और भक्ति की धारा में बहने लगते हैं, लेकिन यहां पर भी यदि कई बार लोग सत्संग करते हैं लेकिन उसका मूल नहीं समझ पाते, जिससे जीवन पर्यंत सत्संग करने के बाद भी अंत में उनको कुछ भी हासिल नहीं होता है।
दहिया परिवार के एकलिंग दहिया ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन 11 से 3:00 बजे तक चल रही है जिसमें सभी धर्म प्रेमी अधिक से अधिक संख्या में पधारे श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा की अमृत वर्षा में डुबकी लगाये। इस अवसर पर सैकड़ो ग्रामीण व महिलाएं भागवत भक्ति के रस से आनंदित हो उठे।