भव्य कलश यात्रा के साथ पं भीमाशंकर जी शास्त्री के मुखारविंद से सीतामऊ में भागवत गंगा का हुआ शुभारंभ

सीतामऊ। प्रख्यात भागवत प्रवक्ता पंडित भीमाशंकर जी शर्मा (शास्त्री) के मुखारविंद से धर्म कि नगरी छोटी काशी सीतामऊ नगर के लघु तीर्थ श्री हंडिया बाग हनुमान गौशाला परिसर में साथ दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान महोत्सव का भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। नगर की आराध्य देवी मां मोड़ी माताजी प्रांगण से बुधवार को सुबह कलश यात्रा ढोल ढमाके एवं बैंड बाजे के साथ प्रारंभ होकर नगर के सदर बाजार गणपति चौक महावीर चौक आजाद चौक राजवाड़ा चौक परशुराम मार्ग होते हुए महाराणा प्रताप चौराहा से गौ शाला कथा पर पहुंची। जहां पर पंडित श्री भीमाशंकर जी शास्त्री द्वारा अंजलि लाल और गौ माता सहित सभी विराजमान देवी देवताओं कि पूजा अर्चना कर विधिवत साथ दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का शुभारंभ किया।कलश यात्रा में महिलाएं भजन गाती नृत्य करती हुई कलश धारण कर चल रही थी।
इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष मनोज शुक्ला , उपाध्यक्ष सुमित रावत सहित बड़ी संख्या में भक्त समुदाय जनप्रतिनिधि समाजसेवी ने भाग लेकर आयोजन का धर्म लाभ उठाया। कलश यात्रा का जगह- जगह पुष्प वर्षा कर नगर वासियों ने आत्मीय स्वागत किया हंडिया बाग हनुमान गौशाला समिति के अध्यक्ष संजय जाट कोषाध्यक्ष नरेंद्र दुबे सहित अन्य पदाधिकारी एवं वरिष्ठ जनों ने महाराज श्री भीमाशंकर जी शास्त्री का स्वागत सत्कार एवं चरण वंदना कर भागवत पोती की पूजा अर्चना की।
गौशाला समिति के अध्यक्ष श्री संजय लाला जाट एवं कोषाध्यक्ष श्री नरेन्द्र दुबे ने बताया कि 24 जुलाई से इस महोत्सव का शुभारंभ हुआ जो 30 जुलाई तक चलेगा प्रति दिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक महाराज श्री के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत ज्ञान महोत्सव के तहत आध्यात्मिक प्रवचन होंगे कथा विश्रांति पर 30 जुलाई को 3 बजे उपरांत महाप्रसादी वितरित की जाएगी साथ ही 28 जुलाई को श्री बालाजी मंदिर अंबे माता गायत्री माता व अन्नपूर्णा माता मंदिर भोलेनाथ शनिदेव व नवग्रह मंदिर पर विधि पूर्वक कलश स्थापना की जाएगी नगर अंचल क्षेत्र में सभी धर्म प्रेमी नागरिकों व महिलाओं से अनुरोध है कि इस आयोजन में अधिका अधिक संख्या में भाग लेकर धर्म लाभ उठावें
यहां उल्लेखनीय है की नगर का हंडिया बाग हनुमान गौशाला परिसर क्षेत्र वासियों के लिए आस्था का केंद्र बनता जा रहा है यहां गौ सेवा के साथ पंच देवताओं के पूजा अर्चना व दर्शन का धर्म लाभ मिलता है यहां आए दिन धार्मिक आयोजनों व भजन कीर्तन का सिलसिला जारी रहता है यहां की गौशाला निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं समिति की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही है।