कर्मचारी संघमंदसौरमंदसौर जिला
बड़े हुए वेतन को यथावत रखने व शासन के आदेश का अध्ययन व पालन करवाने की मांग को लेकर म.प्र कर्मचारी मंच ने दिया पत्र

विधायक श्री विपिन जैन को ज्ञापन
मन्दसौर। म.प्र. कर्मचारी मंच जिला मंदसौर इकाई द्वारा विधायक श्री विपिन जैन को ज्ञापन देकर बड़े हुए वेतन को यथावत रखने व शासन के आदेश का अध्ययन व पालन करवाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा कि म.प्र. सरकार द्वारा औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की तनख्वाह में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जो 1 अप्रैल 2024 से आदेश लागू किया गया था, और कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन में वह वृद्धि जूड़कर आई थी लेकिन इस मामले में एक कम्पनी द्वारा न्यायालय में जाकर हाईकोर्ट के माध्यम से सरकार द्वारा इस फैसले पर रोक लगा दी गई है, जिससे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में इस बड़ी हुई तनख्वाह की आस टूट गई है। एक तरफ तो म.प्र. सरकार द्वारा 10 वर्षों से अधिक समय कार्य करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित करने के आदेश निकाले गए और जिन कर्मचारियों को विनियमित नहीं किया गया उनके वेतन में 1500 रु. की वृद्धि के आदेश निकाले गए और वहीं दूसरी ओर बड़े हुए वेतन का वापसी कर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के परिवार के पेट पर लात मारने का कार्य किया जा रहा है। विधायक से मांग की कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की बड़े हुई वेतन को नहीं काटा जाए और न्यायालय के आदेश पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के स्थाई करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए।
जवाब में विधायक श्री जैन ने कहा कि म.प्र. कर्मचारी संघ द्वारा की गई मांग को विधानसभा में उठाकर उसका निराकरण जल्द से जल्द करवाया जाएगा।
इस अवसर पर म.प्र. कर्मचारी मंच जिला मंदसौर के जिलाध्यक्ष यशपाल सलोद, जिला उपाध्यक्ष राजू भगत चनाल, जिला सचिव सतीश बालोदा, जिला कोषाध्यक्ष महेश केसरिया, जिला संगठन मंत्री विजय हंस, संतोष गोसर, जिला मीडिया प्रभारी शिवशंकर सौलंकी आदि उपस्थित थे।
ज्ञापन में कहा कि म.प्र. सरकार द्वारा औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की तनख्वाह में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जो 1 अप्रैल 2024 से आदेश लागू किया गया था, और कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन में वह वृद्धि जूड़कर आई थी लेकिन इस मामले में एक कम्पनी द्वारा न्यायालय में जाकर हाईकोर्ट के माध्यम से सरकार द्वारा इस फैसले पर रोक लगा दी गई है, जिससे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में इस बड़ी हुई तनख्वाह की आस टूट गई है। एक तरफ तो म.प्र. सरकार द्वारा 10 वर्षों से अधिक समय कार्य करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित करने के आदेश निकाले गए और जिन कर्मचारियों को विनियमित नहीं किया गया उनके वेतन में 1500 रु. की वृद्धि के आदेश निकाले गए और वहीं दूसरी ओर बड़े हुए वेतन का वापसी कर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के परिवार के पेट पर लात मारने का कार्य किया जा रहा है। विधायक से मांग की कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की बड़े हुई वेतन को नहीं काटा जाए और न्यायालय के आदेश पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के स्थाई करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए।
जवाब में विधायक श्री जैन ने कहा कि म.प्र. कर्मचारी संघ द्वारा की गई मांग को विधानसभा में उठाकर उसका निराकरण जल्द से जल्द करवाया जाएगा।
इस अवसर पर म.प्र. कर्मचारी मंच जिला मंदसौर के जिलाध्यक्ष यशपाल सलोद, जिला उपाध्यक्ष राजू भगत चनाल, जिला सचिव सतीश बालोदा, जिला कोषाध्यक्ष महेश केसरिया, जिला संगठन मंत्री विजय हंस, संतोष गोसर, जिला मीडिया प्रभारी शिवशंकर सौलंकी आदि उपस्थित थे।