
जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है – महंत संत श्री सेवकदास जी
जावरा। आर्यावृत षटदर्शन साधु मंडल एवं आचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष श्री महंत श्री जितेंद्र दास जी महाराज द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मोहन दास जी के मार्गदर्शन में साधु-संतों एवं सनातन धर्म की रक्षा के लिए जिम्मेदारी के साथ सतत कार्य कर रहे हैं। आप कई साधु संतों और धर्म रक्षक समाजसेवकों से निरंतर संपर्क में रहकर सनातन धर्म कि नीव को और अधिक मजबूती प्रदान करने में लगे हुए हैं।इसी क्रम में महाराज श्री ने कार्य कुशलता के धनी एवं ग्राम कलालिया नरसिंह मंदिर के पुजारी महंत संत श्री सेवक दास जी महाराज को आर्यावृत षटदर्शन साधु मंडल एवं आचार्य परिषद का प्रदेश उपाध्यक्ष पद का दायित्व प्रदान किया। इस अवसर पर संपादक लक्ष्मीनारायण मांदलिया नवीन विश्वास द्विवेदी सीतामऊ भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महंत श्री जितेंद्र दास जी महाराज ने महंत संत श्री सेवक दास जी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनने पर बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके कार्य कुशलता एवं व्यवहारिकता से संगठन को ताकत मिलेगी।
नव नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष महंत संत श्री सेवक दास जी महाराज ने कहा कि धर्म एव हतो हन्ति,धर्मो रक्षति रक्षितः। यानी जो धर्म का नाश करता है, धर्म उसी का नाश कर देता है और जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है। इसलिए धर्म का हनन कभी नहीं करना चाहिए।
महंत जी ने कहा कि आज मुझे आर्यावृत षटदर्शन साधु मंडल का प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व दिया है मैं महाराज महंत श्री जितेंद्र दास जी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री मोहन दास जी और सभी पदाधिकारीयों का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं ।