भोपालमध्यप्रदेश

कमल नाथ पर कोरोना के नियमों का उल्लंघन का मामला, पुलिस ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट

 

भोपाल। कोरोना काल में रोड शो और चुनावी सभाएं करने पर पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहे मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश हुए। जब स्टेटस रिपोर्ट सामने आई तो पता चला कि उन्होंने ग्वालियर और दतिया सहित आसपास के कई क्षेत्रों में 100 लोगों की अनुमति वाले कार्यक्रम में दो से ढाई हजार लोगों के साथ चुनावी सभा आयोजित की थी।स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के साथ ही पुलिस ने इस मामले में बीते चार साल से विवेचना किए जाने की बात भी कही, जिस पर शिकायतकर्ता अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह ने आपत्ति जताते हुए कई सवाल भी खड़े किए हैं। बता दें एक अक्टूबर 2020 को हुई चुनावी सभी में कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने के चलते सभी आरोपितों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है। कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने पर सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ ही मामला दर्ज नहीं हुआ बल्कि विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर सहित पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल व अन्य के खिलाफ भी मामला न्यायालय में लंबित है। सभी पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना काल में चुनावी यात्रा और रोड शो के नाम पर हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित की और बल प्रदर्शन के नाम पर जनता के जीवन को संकट में डाला। इसके चलते उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया।

हाईकोर्ट ने दिए थे एफआइआर के आदेश
इस मामले में शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने एफआइआर की मांग की थी लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इस पर हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए शिकायतकर्ता ने मामले में एफआइआर करवाने की मांग की। हाईकोर्ट ने याचिका को गंभीरता से सुना और उसके बाद सभी माननीयों के खिलाफ हर उस जगह एफआइआर दर्ज किए जाने के आदेश जारी किए जहां जहां उन्होंने सभी की थी।

खात्मा रिपोर्ट की याचिका पर होगी सुनवाई
इस मामले में भाजपा नेता व पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल से जुड़ी एफआइआर में पुलिस ने खात्मा रिपोर्ट पेश की है। शिकायतकर्ता ने इस खात्मा रिपोर्ट का विरोध यह कहते हुए किया कि जब इस मामले में नरेंद्र सिंह की ओर से खात्मा रिपोर्ट पेश हुई थी तो न्यायालय ने उसे 2024 में खारिज कर दिया। उसी आरोप मे पूर्व विधायक के खिलाफ मामला दर्ज है। इस हिसाब से उनकी खात्मा रिपोर्ट को भी निरस्त किया जाना चाहिए। अब इस याचिका पर 18 जुलाई को सुनवाई होगी।

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