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चौराहों पर लगे कैमरों से इंदौर में भिखारियों पर एक्शन, इन्हें देखते ही टीम करती है कार्रवाई

 

इंदौर। इंदौर शहर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए महिला व बाल विकास और बाल श्रम विभाग अभियान चला रहा है। शहर में अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई के लिए 12 टीमें बनाई गई हैं। कई बार टीम के पहुंचने से पहले ही भिक्षावृत्ति से जुड़े लोग भाग जाते हैं। इसलिए अब विभाग द्वारा नया प्रयोग शुरू किया गया है। पिछले एक महीने से विभाग एआईसीटीएसएल के कंट्रोल रूम पर निगाह जमाए हुए हैं। यहां कंट्रोल रूम में शहर में जहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लाइव फुटेज में भिखारियों को देखकर तत्काल टीम वहां पहुंचकर कार्रवाई करती है। जानकारी के अनुसार विभाग ने महीने भर पहले यह प्रयोग शुरू किया था। इसमें एआईसीटीएसएल के कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही है। जिस चौराहे पर भिक्षावृत्ति और बाल भिक्षावृत्ति की फुटेज दिखाई देती है, कंट्रोल रूप से टीम को सूचना भेज दी जाती है। इसके बाद दल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करता है। इस प्रयोग में भिक्षावृत्ति से जुड़े लोगों के भागने की संभावना नहीं रहती है। बाल संरक्षण अधिकारी भगवान दास साहू ने बताया कि एआइसीटीएसएल कंट्रोल से मिली रही जानकारी के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। 22 जून से विभाग के दो कर्मचारियों को कंट्रोल रूम में भी बैठाया रहा है। तब से अब तक 10 से 12 भिक्षावृत्ति से जुड़े लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसमें बाल भिक्षुक शामिल हैं। विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी आरएन बुधोलिया ने बताया कि कंट्रोल रूम से काफी मदद मिल रही है। परिणाम भी बेहतर आ रहे हैं।

छह महीने में 22 बच्चों को भिजवाया आश्रम

विभाग ने अन्य विभागों के साथ मिलकर पिछले छह माह में 2 हजार 650 पंडित, मौलवी, आमजन को बाल भिक्षावृत्ति को लेकर समझाइश दी है। 436 बाल भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों को समझाइश देकर मुख्यधारा में जोड़ा गया।

वहीं 22 बच्चों को अभिरक्षा में लेकर अलग-अलग आश्रम में भेजा गया है। बच्चों को काउंसलिंग कर परिवार के पास भेज रहे हैं।

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