मंदसौरमंदसौर जिला

सभी समाजजन दिव्यांगों के सहयोग एवं समुचित विकास हेतु संकल्प लें

 

सक्षम के स्थापना दिवस पर सभी समाजजन दिव्यांगों के सहयोग एवं समुचित विकास हेतु संकल्प लें

रविन्द्र पाण्डेय
सक्षम मालवा प्रांत सचिव
सक्षम  समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) विकलांगता के क्षेत्र में सेवारत एक अखिल भारतीय संगठन है। सक्षम की स्थापना 20 जून 2008 को इस संगठन की स्थापना हुई। इस प्रकार आज 16 वर्ष पूर्ण करने के बाद सक्षम 17 वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सक्षम के स्थापना दिवस पर दिव्यांगों के सहयोग हेतु समाज के सभी लोग उनके साथ खड़े हो और दिव्यांगों के समुचित विकास में भागीदार बनने का संकल्प ले।
समाज के जिस जिस क्षेत्र में भी आवश्यकता होती है वहां संघ अपने स्वयंसेवकों को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। सभी प्रकार की विकलांगताओ को अपना सेवा क्षेत्र बना कर सक्षम संगठन ने बाल्यावस्था में ही अखिल भारतीय स्वरूप धारण किया है। सक्षम का दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक मानव दिव्य गुणों तथा क्षमताओं से संपन्न है इसी प्रकार सक्षम की दृढ़ मान्यता है कि विकलांगता प्रकृति में अंतर निहित विविधता का ही एक अंतरंग पक्ष है सक्षम एक ऐसे वातावरण के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जहां दिव्यांगजन सामाजिक व्यावहारिक आर्थिक राजनीतिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक इत्यादि जीवन के विविध क्षेत्रों में समरसता का अनुभव करें तथा स्वावलंबन आत्म सम्मान गरिमा के साथ जीवन यापन कर सके एवं राष्ट्र के पुनर्निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सके।
सक्षम की सभी प्रान्तों में कार्यकारणी है। यह संघठन पूरे भारत मे सभी प्रकार के विकलांगो के लिये सम्पूर्ण सहायतार्थ काम करते हुये राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने का काम करता है।
सक्षम, विकलांगों की सहायता के लिये संगठनात्मक, आंदोलनात्मक, स्वावलम्बनात्मक आदि कई तरह के प्रकल्पो के माध्यम से कार्य करता है। विकलांगताओ को ले कर सक्षम के विभिन्न प्रकल्प भी चल रहे हैं। मालवा प्रांत में भी सक्षम इकाइयां सतत रूप से दिव्यांगों की सेवा में तत्पर है।
8 वर्ष पूर्व 5 मार्च 2016 को परम पूज्य गुरूजी की जयंती के अवसर पर सक्षम के द्वारा समारोहपूर्वक कॉर्निया अंधत्व मुक्त भारत (सीएएमबीए) अभियान का आरंभ किया गया।इस अभियान का उद्देश्य सम्पूर्ण भारत को कॉर्नीयल दृष्टि बाधा से मुक्त करना है। इसके सुखद परिणाम आने प्रारम्भ हो गए हैं।  ‘‘जीते जीते रक्तदान, जाते जाते नेत्रदान’’ सक्षम का विशेष घोषवाक्य है।
आप सभी के माध्यम से विकलांग-सशक्तिकरण तथा विकलांगता की रोकथाम के साथ इस क्षेत्र को अधिक सक्षम बना कर सक्षम परिवार भारतमाता को परम वैभव तक ले जाने के कार्य में अपना योगदान देने के लिए कृतसंकल्प है। समस्त सक्षम भारत अपने स्थापना दिवस पर आप सबके मंगल की कामना करता है।
।। सक्षम भारत समर्थ भारत।।

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