तप से पाई सिद्धि से ही आत्म कल्याण होता -साध्वी श्री सिद्धांत ज्योति श्री जी महाराज

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सुवासरा- मनुष्य के द्वारा सच्ची श्रद्धा से किए हुए तप से सिद्धि की प्राप्ति होती है। और तप से पाई सिद्धि से ही आत्म कल्याण होता है। उक्त बात पूज्य साध्वी श्री सिद्धांत ज्योति श्री जी महाराज ने तपस्वी वधामाना कार्यक्रम के दौरान कही।
जैन श्वेतांबर संघ में चल रहे चातुर्मास के अंतर्गत तीन दिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव चल रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन जैन मांगलिक भवन में सभी तपस्वियों के तप अनुमोदना के लिए वधामाना कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के दौरान पूज्य बाल साध्वी श्री सानिध्य ज्योति श्री जी महाराज सहित सभी तपस्वियों पर अक्षत की वर्षा कर उनके तप की अनुमोदना की गई। पूज्य साध्वी श्री सिद्धांत ज्योति श्री जी महाराज की निश्रा में आयोजित इस महोत्सव में दोपहर में श्री सिद्ध चक्र महापूजन का आयोजन हुआ। जिसमे विभिन्न प्रकार की मिष्ठान, द्रव्य, फल प्रभु को अर्पण किए गए। पूजन समापन के बाद भगवान की 1008 दीपक से आरती की गई। रात्रि में संगीतकार त्रिलोक मोदी अहमदाबाद के द्वारा प्रभु भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी गई। भक्ति के दौरान महिला पुरुष सहित युवा प्रभु भजनों पर झूमे।
आज निकलेगी भगवान की रथयात्रा के साथ तपस्वियों की शोभायात्रा
महामृत्युंजय तप, सिद्धि तप और अठ्ठाई तप आराधकों की तपस्या पूर्णाहुति के अवसर पर शनिवार को नगर में भगवान की रथयात्रा के साथ तपस्वियों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। जैन श्वेतांबर संघ के सचिव पारस जैन बादशाह ने बताया की रथयात्रा नगर के जैन मंदिर से प्रारंभ होगी जो नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए जैन मांगलिक भवन पहुंचेगी। तपस्वी हाथी, बग्गी और चार पहिया वाहन में सवार होंगे। रथयात्रा का मुख्य आकर्षण शहनाई, बैंड बाजे,ढोल, रंगोली, स्काउट बैंड रहेगें। रथयात्रा के समापन के बाद जैन मांगलिक भवन में तपस्वियों का श्री संघ के द्वारा बहुमान किया जाएगा।