मोहम्मद हुसैन सीतामऊ के दावे को खारिज कर मप्र शासन को ही उक्त रोडवेज डिपो की भूमि का स्वामी माना

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रोडवेज डिपो (शहर कोतवाली मंदसौर के सामने) के संबंध में न्यायालय द्वारा मप्र शासन के पक्ष में दिया निर्णय
मन्दसौर। रोडवेज डिपो भूमि सर्वे नं० 2766 रकबा 0.815 हे० भूमि के संबंध में न्यायालय चतुर्थ सिविल जज वरिष्ठ खण्ड मंदसौर पीठासीन अधिकारी लक्ष्मी वास्कले द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय म०प्र० शासन के पक्ष में प्रदान किया गया।
मोहम्मद हुसैन पिता मुश्ताक उर्फ अहमद शाह मुसलमान निवासी- पीर मदार गली सीतामऊ द्वारा म०प्र० शासन एवं कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के विरूद्ध इस आशय का दावा पेश किया की भूमि सर्वे नं0 2766 रकबा 0.815 हे0 भूमि उसके पूर्वजो के नाम पर दर्ज रही है, तथा उक्त भूमि विवादित होकर राजस्व रिकार्ड में उसके पूर्वजों का नाम दर्ज है, तथा उक्त भूमि पर म०प्र० शासन एवं आर0टी0ओ अधिकारी ने इस विवादित भूमि पर बिना किसी स्वामित्व के अवैध रूप से उक्त भूमि को कुर्क कर कब्जा कर लिया है, तथा गेट पर ताला लगा दिया है, तथा रास्ता बंद कर दिया है, तथा विवादित भूमि पर बनी हुई बिल्डिंग एवं (टिकिट घर) आदि को भी कुर्क कर लिया है, तथा अंदर बना हुआ 8 बाय 8 के मंदिर पर भी दर्शनार्थी मंदिर पर आने जाने से रोक दिया गया है, उक्त भूमि के संबंध में मोहम्मद हुसैन द्वारा यह चाहा गया की न्यायालय विवादित भूमि को कुर्क किये जाने से मुक्त करे, एवं गेट पर जो ताला लगा है उसे भी हटावे एवं न्यायालय उक्त समस्त भूमि का मालिक मोहम्मद हुसैन को घोषित कर दे। एवं म०प्र० शासन का कोई भी अधिकारी इस भूमि पर दखल अंदाजी नहीं करे। म०प्र० शासन के उक्त मामले के प्रभारी अधिकारी तहसीलदार एवं आर०टी०ओ० अधिकारी की और से इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की गई तथा म0प्र0 शासन ने अपनी और से मोहम्मद हुसैन के समस्त तथ्यों और दावो का पुरजोर से खण्डन किया गया उक्त मामले में आर०टी०ओ० अधिकारी रीना कराटे एवं तहसीलदार रमेश मसारे ने अपने कथन न्यायालय में प्रस्तुत किये तथा म०प्र० शासन की और से शासकीय अधिवक्ता द्वारा संपूर्ण मामले का गहनता से अध्ययन करते हुऐ महत्वपूर्ण तर्क एवं न्याय दृष्टांत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये गये है, जिससे न्यायालय द्वारा म०प्र० शासन के पक्ष में निर्णय पारित करते हुऐ मोहम्मद हुसैन का संपूर्ण मामला खारिज कर दिया गया तथा म०प्र० शासन को ही उक्त रोडवेज डिपो की भूमि का स्वामी माना गया है, उक्त मामले में सफलता पूर्वक पैरवी शासकीय अधिवक्ता श्री भगवतीलाल शर्मा, तेजपाल सिंह शक्तावत, मोहनसिंह पंवार द्वारा की गई है।