विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष: 2 साल की कड़ी मेहनत से कूड़ा कचरा फेंकने वाले स्थान को बना दिया हरा-भरा

गणपति विकास समिति ने
अब क्षेत्र में गणेश गार्डन के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है बगीचा
नीमच। कहते है कुछ कर गुजरने की मन में दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो मुश्किले राहे भी आसान हो जाती है और ऐसा ही काम कर दिखाया है वार्ड नं. 08 के अंतर्गत आने वाले गणपति नगर, शगुन रेसीडेंसी व क्लासिक क्राउन कॉलोनी क्षेत्र की बनी गणपति विकास समिति ने। जिन्होंने गंदगी युक्त क्षेत्र का कायाकल्प करते हुए वहां बगीचे का निर्माण कर दिया और आज वह हरियाली युक्त बगीचा आसपास क्षेत्र की शान बन चुका है।
पर्यावरण संरक्षण प्रति गंभीर रहने वाले गणपति विकास समिति के सदस्यों एड.केपीएस झाला, पत्रकार मनीष चान्दना, केके बैरागी, वैभव वैद्य, श्याम केमलिया आदि ने मिलकर ऐसी भूमि जो अतिक्रमणकारियों की नजरो में थी जहां गंदगी भारी मात्रा में फैली रहती थी जो सबसे गंदा क्षेत्र कहलाता था जिसको कूड़ा कचरा फैंकने का स्थान माना जाता था। उस कचरा फैंकने वाली भूमि पर पिछले दो साल से कड़ी मेहनत कर वृक्ष व पौधे लगाकर गणेश गार्डन नाम से सुन्दर बगीचा बनाकर पर्यावरण संरक्षण की अनोखी मिसाल पेश की है। वहीं जनसहयोग से सुरक्षात्मक रूप से बगीचे की तार फेंसिंग बाउण्ड्रीवाल बनाकर अन्य सजावट कर क्षेत्र की सुन्दरता में चार चांद लगाने का काम किया है। इसमें गणपति विकास समिति के सभी सदस्यों के प्रयास ने असंभव काम को संभव कर दिखाया । गणपति विकास समिति की खास बात यह कि गंदगी युक्त क्षेत्र जो कभी भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ सकता था उस भूमि को सुरक्षित बचाने का काम कियाहै ।
उक्त सदस्यों के साथ ही गणपति विकास समिति के मदनलाल शर्मा, प्रदीप शिन्दे, कमल चौधरी, गोपालसिंह सिसोदिया, महेन्द्रपालसिंह सिसोदिया (मिक्की),नरेन्द्र शर्मा, मनोज शर्मा, पिंकेश सेठिया, नोनू शर्मा, प्रसन्नसिंह परमार, प्रकाश मंघाणी आदि सदस्यों ने सहयोगी के रूप में साथ दिया। गणपति विकास समिति का सदस्य बगीचे की सुंदरता व सुरक्षा के प्रति गंभीर हो ध्यान रखता है। प्रारंभ से ही सुबह और शाम बगीचे की सार संभाल करते आ रहे हैं। जिसका नतीजा यह है कि आज क्षेत्र में पर्यावरण को लेकर युवाओं में भी जाग्रति आई है। बगीचा बनाने की इस मुहीम में जनसहयोग से बगीचे के चारो तरफ नीम, पीपल, आम,नींबू, अशोक,चील, गुलमोहर, कनेर, बिलपत्र, केवड़ा,आंवला सहित अनेक छायादार व फलदार व फूलदार पौधे भी लगाए गए थे जो अब पेड़ का रूप लेने लगे है। वहीं बगीचे के चारो तरफ मेहंदी के पौधे लगाकर सुन्दरता बड़ाई हैं। बगीचे के बीच में जनसहयोग से काली चूरी फैलाई गई है जो बगीचे की सुंदरता में चार चांद लगाती है।
गणपति विकास समिति के सदस्यों ने बताया कि नगरपालिका के सहयोग से समीपस्थ कुएं से पौधों को पानी पिलाने का साधन बनाया । बगीचे के निर्माण में जनसहयोग के साथ ही क्षेत्रीय विधायक दिलीपसिंह परिहार, पूर्व नपाध्यक्ष राकेश जैन पप्पू व नगरपालिका का भी सहयोग अच्छा रहा । वर्तमान में देखरेख व साज संभाल में जो भी खर्चा आता है वो गणपति विकास समिति के सदस्य वहन करते है । उसी का परिणाम है कि आज गणपति नगर, क्लासिक क्राउन कॉलोनी व शगुन रेसीडेंसी क्षेत्र गणेश गार्डन के नाम से पहचाना जाने लगा है। जनसहयोग से गणेश गार्डन परिसर में एक्यूप्रेशर पेवर्स ब्लाक व बैठने के लिए कुर्सियां व झूले भी लगे है। इससे पूरा परिसर सुन्दर नजर आता है। इस बदली हुई तस्वीर के लिए सबसे पहले पत्रकार मनीष चान्दना ने पहल की थी। जिसमें केपीएस झाला, वैभव वैद्य, श्याम केमलिया, नरेन्द्र शर्मा ने बराबर सहयोग किया। आज गणेश गार्डन क्षेत्र की शान बन चुका है। इस गार्डन में बड़ी संख्या में रहवासी घूमने का आनंद लेते है।