
कृषकों व विद्यार्थियों को दी कृषि तकनीकियों की जानकारी दी
मन्दसौर। 5 दिसंबर 2025 को मल्हारगढ़ विकासखंड के ग्राम कनघट्टी में विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। मृदा की स्वास्थ्य और उपजाऊ बनाए रखने के लिए डॉ. जी. एस. चुंडावत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र ने किसान भाइयों को फसल चक्र, फसल विविधीकरण, संतुलित उर्वरकों, कृषि अपशिष्ट प्रबंधन आदि पर विस्तार पूर्वक तकनीकी जानकारी प्रदान की और कहा कि जिस प्रकार खेत का पानी खेत में एक नारा बुलंद किया गया था उसी प्रकार से संपूर्ण कृषक समुदाय को ‘खेत का कचरा खेत में’ के नारो को बुलंद करते हुए अमल करना चाहिए ताकि विकृति हुई मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा को बढ़ाया जा सके जिससे टिकाऊ खेती की जा सके एवं अन्य प्रकार की रासायनिक एवं उर्वरकों के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके। फसलों की उत्पादन लागत को घटाया जा सके सभी उपस्थित कृषक भाइयों ने एक मत से सहमति जताई कि हम सभी पराली को नहीं जलाएंगे एवं उसका उपयोग कंपोस्ट एवं केंचुआ खाद बनाकर के पुनः खेतों में उपयोग करेंगे। साथ ही साथ रासायनिक उर्वरकों को धीरे धीरे कम करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर जोर देंगे और सबसे पहले घर परिवार को स्वच्छ एवं जहर मुक्त भोजन उपलब्ध कराएंगे। और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते हुए अन्य उपभोक्ताओं को भी जहर मुक्त भोजन उपलब्ध उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। इस गांव में अध्यनरत कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने भी मृदा स्वास्थ्य जांच पत्रक को पढ़ने एवं अपने परिवार को उसके अनुरूप संतुलित मात्रा में एवं आवश्यक पोषक तत्वों को ही प्रयोग करने की सलाह देंगे जिससे फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि की जा सके एवं लागत को काम किया जा सके। इस कार्यक्रम में पंकज पाटीदार जनपद सदस्य मल्हारगढ़, ललित पाटीदार एवं बद्री लाल चौहान सॉलिडऐडेड भी उपस्थित थे तथा गवर्नमेंट सीनियर हाई सेकेंडरी स्कूल के अंकिता शर्मा ने भी अपनी इस कार्यक्रम में सहभागिता की।



