ऐसे चला पता, 8 दिन पहले ही बेटी को भेजा था हॉस्टल
इससे पहले, 30 अप्रैल की एफआईआर के अनुसार, पीड़िता की मां ने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि लगभग 15 दिन पहले, मैंने अपनी बेटी का एडमिशन बोर्डिंग स्कूल में कराया था। हर रविवार को अपनी बेटी से फोन पर बात करती थी। पिछले रविवार 28 अप्रैल को मैंने अपनी बेटी से बात करने के लिए दोपहर में स्कूल में फोन किया तो वार्डन ने कहा कि लड़की सो रही है, जागते ही उससे बात करा देंगे।
बाद में उसने शाम को दोबारा फोन किया और वार्डन ने उसकी बेटी से सिर्फ दो मिनट के लिए बात कराई और इसी दौरान बच्ची फोन पर रोने लगी। फिर मां ने वीडियो कॉल किया जिसमें लड़की रो-रो कर मां को हॉस्टल बुलाने का अनुरोध करती है। पीड़िता की मां ने कहा, लेकिन वार्डन ने फोन काट दिया और फोन स्विच ऑफ कर दिया।’
CM मोहन यादव ने SIT जांच के दिए थे निर्देश
सोमवार 29 अप्रैल को, पीड़िता की मां स्कूल पहुंची और अपनी बेटी को स्कूल से ले गई। मां ने फिर अपनी बेटी से बात की और उससे पूछा कि क्या हुआ। उसने अपनी मां को पूरी घटना के बारे में बताया। बाद मैं उसे अस्पताल ले जाया गया और अगले दिन मिसरोद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करने के निर्देश भी दिये थे।