समाचार मध्यप्रदेश नीमच 21 अप्रैल 2024 रविवार

महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव, अहिंसा साइकिल रैली में जियो और जीने दो की जय घोष के साथ दिखाया उत्साह,
नीमच 20 अप्रेल (केबीसी न्यूज़) वात्सल्य मुर्ति 108प्रशम सागर जी, अनुपम सागर जी समत्व सागर
जी,वात्सल्य ऋषि मुनि108साध्य सागर जी महाराज, यतींद्र सागर जी शील सागर जी महाराज,साध्वी प्रफुल्ल प्रभाश्रीजी महा, वैराग्य पुर्णा आदि ठाणा के सानिध्य में सकल जैन समाज नीमच के तत्वावधान में जन-जन की आस्था के केंद्र भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव का शंखनाद विभिन्न धार्मिक अनुशाषनों के साथ मनाया गया ।सकल जैन समाज नीमच के अध्यक्ष अनिल नागौरी सचिव मनीष कोठारी विजय विनायका जैन ब्रोकर्स ने बताया कि कार्यक्रम की पावन श्रृंखला में मिडिल स्कूल ग्राउंड मैदान पर 20 अप्रैल शनिवार को प्रातः 7 बजे जैन भवन से सकल जैन समाज जनों की अहिंसा सायकल रैली पुरुष सफेद वस्त्र एवं महिलाएं गुलाबी परिधानों में सहभागी बने।रैली जैन भवन मिडिल स्कूल मैदान जैन भवन से प्रारंभ हो कर नगर के टैगोर मार्ग, फव्वारा चौक, बारादरी चौराहा, नया बाजार , बिहार गंज चौराहा, नरसिंह मंदिर,श्री राम चौक, घंटाघर ,जाजू बिल्डिंग, पुस्तक बाजार भीडभांजन पार्श्वनाथ मंदिर, लायंस प्लैटिनम चौराहा, गुरुद्वारा, भारतीय जीवन बीमा निगम चौराहा, अंबेडकर मार्ग, विकास नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई महावीर जिनालय विकास नगर पर संपन्न हुई। वाहन रैली में साइकिल स्कूटी पर महिलाएं बच्चे पुरू-ुनवजया युवा सभी वर्ग ने उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। इस अवसर पर समाज जनों द्वारा त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की, महावीर का क्या संदेश जियो और जीने दो, जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक महावीर स्वामी का नाम रहेगा,अहिंसा परमो धर्म, महावीर स्वामी के हम सिपाही बनेंगे, जैन धर्म की जय जयकार सहित विभिन्न गगन भेदी जय घोष लग रही थी।
इस अवसर पर अशोक, विजय ,प्रकाश, अतुल विशाल विनायका पारस मल्हम परिवार, सकल जैन समाज के अध्यक्ष अनिल नागौरी सचिव मनी-ुनवजया कोठारी, विजय विनायका, सहित समस्त सकल जैन समाज द्वारा सहभागिता निभाई।
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महावीर जन्म कल्याणक कवि सम्मेलन देर रात तक खूब जमा,
नीमच 20 अप्रेल (केबीसी न्यूज़) वात्सल्य मुर्ति 108 प्रशम सागर जी, अनुपम सागर जी समत्व सागर
जी,वात्सल्य ऋषि मुनि108साध्य सागर जी महाराज, यतींद्र सागर जी शील सागर जी महाराज,साध्वी प्रफुल्ल
प्रभाश्रीजी महा, वैराग्य पुर्णा आदि ठाणा के सानिध्य में सकल जैन समाज नीमच के तत्वावधान में जन- जन की आस्था के केंद्र भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव का -शंखनाद विभिन्न धार्मिक अनुशाषनों के साथ हुआ।सकल जैन समाज नीमच के अध्यक्ष अनिल नागौरी सचिव मनीष कोठारी विजय विनायका जैन ब्रोकर्स ने बताया कि कार्यक्रम की पावन श्रृंखला नवकार महामंत्र का जाप से जैन भवन नीमच पर आयोजित किया । इसके साथ ही रात्रि को मिडिल स्कूल ग्राउंड मैदान पर कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें संदीप जैन शोर्य कुचड़ोद, धीरज शर्मा मांडव, एकता जैन उदयपुर, अजय हिंदुस्तानी बेगू, चेतन कृष्ण शास्त्री पिपलिया मंडी, राजेश लोटपोट -झालावाड़ (संचालक), दिव्याश जैन मंदसौर (सूत्रधार) ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का -शुभारंभ महावीर स्वामी के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलित कर अतिथियों द्वारा किया गया। कवि सम्मेलन में संदीप जैन -रु39यार्य कुचड़ोद वीर रस में चौबीसवें तीर्थंकर महावीर को नमन है…,धीरज शर्मा मांडव हास्य रस में घर संस्कारों का विश्वविद्यालय होता है ..एकता जैन उदयपुर गीतकार ने एकता हु एकता की बात करुंगी.., अजय हिंदुस्तानी बेगू वीर रस में धारा 370 और भगवा की कविता प-सजय़ कर माहोल को जो-रु39याला कर दिया।चेतन कृष्णशास्त्री पिपलिया मंडी गीतकार ने सुनो ओ कन्हैया कहे तेरी गईया गो माता का गीत गा कर श्रोताओं की आखों में पानी ला दिया।राजेश लोटपोट -झालावाड़ (संचालक) ने शहीदों को ना धन चाहिए ना वेतन चाहिए उन्हें तो सुरक्षित वतन चाहिए.., दिव्यांष जैन हास्य रस (सूत्रधार)ने जिसको समझाया था हमने माधुरी ने वो निकला मांगीलाल कविता सुनाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
उदयपुर से आई कवयित्री एकता जैन ने सरस्वती वंदना कर के कवि सम्मेलन की शुरुआत की। मंदसौर से आए कवि दिव्यांश जैन ने हास्य से सबको हंसा कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।कार्यक्रम में सकल जैन समाज अध्यक्ष अनिल नागौरी, सचिव मनी-ुनवजया कोठारी,दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विजय विनायकजैन ब्रोकर्स, पारस लसोड, पारस नागौरी, पारस जैन कोलकाता वाला,जम्बु कुमार जैन आदि समाज जन उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन अनिल नागोरी ने माना।
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श्री महावीर विधान सदैव पुण्य फलदाई होता है – प्रशम सागर जी महाराज,
महावीर जयंती पर दिगंबर जैन मंदिर में श्री महावीर जैन विधान में उमड़े श्रद्धालु,
नीमच 20 अप्रेल (केबीसी न्यूज़) महावीर विधान करते समय मन में भाव पवित्र हो तो ही मोक्ष मार्ग मिल जाता है। श्री महावीर विधान करने से आत्मा पवित्र होती है। पवित्र आत्मा के दर्शन से ही आत्मा प्रसन्न हो जाती है। । श्री महावीर विधान सदैव पुण्य फलदाई होता है। यह बात प्रशम सागर जी महाराज ने कही।वे फोर जीरो विद्युत केंद्र के पीछे स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में महावीर जयंती के पावन उपलक्ष्य में सुबह आयोजित श्री महावीर जैन विधान के मध्य उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संसार के समस्त प्राणियों की रक्षा और जीव दया की भावना से किया गया पुण्य परमार्थ की पूजा का विधान सदैव पुण्य फलदाई होता है। मन में आनंद पुवर्क विधान करना चाहिए तभी वह फलदाई होता है मन को इतना भक्ति में लगाए कि मन भक्ति में चलने लगे। एक एक शब्द पर अपनी अच्छी भावना रखना चाहिए ।विधान जबरदस्ती नहीं जबरदस्त भक्ति वाला होना चाहिए तभी वह फलदाई होता है।
महावीर जयंती के पावन उपलक्ष्य में आदिनाथ मोक्ष कल्याणक से लेकर महावीर जन्म तक प्रतिदिन दिगंबर जैन समाज मंदिर में रात्रि 8बजे भक्तामर पाठ का आयोजन किया गया जिसमें सभी समाज जनों ने सहभागिता निभाई।
महावीर विधान के मध्य मीठे रस से भरियोडि मन जिनवाणी लगे, मेरे सर पर रख दो गुरुवर अपने यह दोनों हाथ.., मेरा रास्ता रो-रु39यान कर दो सारी अंधेरी रात…, पीछी वाले गुरुवर तेरा सबसे बड़ा नाम रे.., सहित विभिन्न धार्मिक भजन प्रस्तुत किए गए। पूजा के पाठ पर श्रीफल, अक्षत ,अमृत कलश, दीपक प्रज्वलित कर तीर्थ महावीर विधान मंडल को श्रृंगार कर अभिषेक विधान किया गया।
धर्म सभा में इससे पूर्व -रु39याल सागर जी महाराज ने जिन कुल मिला है इसे व्यर्थ नहीं गंवाना है.. काव्य रचना प्रस्तुत करते हुए मंगलाचरण भी किया। धर्मसभा में यतींद्र सागर जी महाराज ने विधान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
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जीव दया बिना आत्मा का कल्याण नहीं होता है -साध्वी प्रफुल्ल प्रभा श्री जी
नीमच 20 अप्रेल (केबीसी न्यूज़) जीव दया बिना आत्मा का कल्याण नहीं होता है राग द्वेष्जया कम होगा तभी जीव दया का पुण्य ब-सजय़ता है। देव गुरु दर्शन के प्रति आस्था जागृत रहेगी तभी पुण्य फलदाई होता है। यह बात साध्वी प्रफुल्ल प्रभा श्री जी महाराज ने कहीं। वे पुस्तक बाजार स्थित नवीन आराधना भवन में भीड भंजन पार्श्वनाथ मंदिर श्वेतांबर समाज के त्वावधान में आयोजित धर्म सभा में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि स्वयं के प्रति राग नहीं रखना चाहिए। तभी भौतिक संसार से दूर हो सकते हैं धर्म के प्रति भावना पवित्र होना चाहिए जीव दया के बिना संसार में कल्याण का मार्ग नहीं मिलता है। धर्म के प्रति इतनी श्रद्धा भक्ति होनी चाहिए कि शरीर के रोम रोम खड़े हो जाए।परमात्मा और हम सदैव एक मेंव हो जाए हम भूल जाए कि संसार में भी कुछ है तभी आत्मा परमात्मा बन सकती है और आत्मा को पाप से बचने का अवसर मिल सकता है और तभी पुण्य फलदाई हो सकता है।सम्यक दर्शन की प्राप्ति के बिना धर्म भी नहीं मिलता है।किसी भी संत या धर्म की निंदा कभी नहीं करना चाहिए तभी जीवन पुण्यवान बनता है। धर्मसभा में सुमंगला श्री जी महाराज साहब की श्सि-ुनवजयया वैराग्य पूर्णा श्री जी महाराज साहब का भी सानिध्य मिला।
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ध्यान बिना परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग नहीं मिलता -संयम रत्न मुनि जी महाराज साहब,
नीमच 20 अप्रेल (केबीसी न्यूज़) आत्म शंति और मुक्ति मार्ग के लिए आत्मा में एकाग्रता आवश्यक होती है।स्वयं की आत्मा में एकाग्रता के बिना ध्यान नहीं लगता है और ध्यान के बिना परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग नहीं मिलता है। यह बात संयम रत्न मुनि जी महाराज साहब ने कहीं। वे नीमच सिटी स्थित स्थानक भवन में जैन श्वेतांबर समाज नीमच सिटी द्वारा आयोजित धर्म सभा में बोल रहे थे ।उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में शांति चाहिए तो आत्मा और परमात्मा में एकमेंव होकर रहना चाहिए। हमारी आत्मा और प्रभु की आत्मा में कोई अंतर नहीं होता है।तपस्या और भक्ति के लिए शरीर को स्वस्थ रहना आवश्यक है इसके लिए ध्यान योग
मुद्रा एक सशक्त माध्यम है। जब तक मन पवित्र और स्वस्थ नहीं हो सकता तब तक शरीर स्वस्थ नहीं रह सकता है ज्ञान के लिए शरीर भी स्वस्थ होना चाहिए। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सावधान नहीं रहेंगे तो शरीर रोगी बन सकता है। राग द्वेष क-ुनवजयाय से बचाव बिना जीवन का कल्याण नहीं होता है ।परमात्मा की प्रतिमा सीधी होती है फिर हम क्यों टेश रहते हैं चिर करना चाहिए।सदैव पुण्य कर्म परिश्रम और पुरुषार्थ करते रहना चाहिए आराम हराम होता है। तीर्थ यात्रा में सुविधा है तो वह यात्रा नहीं सुविधा है। यात्रा में सुविधा भोग का प्रतीक है।यदि हम श्वास अच्छी तरह से लेंगे तो विचार भी अच्छे आएंगे और विचार अच्छे होंगे तो जीवन भी अच्छा रहेगा। पहले लोग पेड़ पौधों को पानी पिलाते थे तो वे स्वस्थ जीवन जीते थे। आज कुलर में पानी भरने के बाद भी वे स्वस्थ जीवन नहीं जी पा रहे हैं चिंतन का विषय है।पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से प्रकृति की रक्षा करेंगे तो संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी। धर्म सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे।
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महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव आज
नीमच 20 अप्रेल (केबीसी न्यूज़) वात्सल्य मुर्ति 108प्रशम सागर जी, अनुपम सागर जी समत्व सागर जी,वात्सल्य ऋषि मुनि108साध्य सागर जी महाराज, यतींद्र सागर जी शील सागर जी महाराज,साध्वी प्रफुल्ल प्रभाश्रीजी महा, वैराग्य पुर्णा आदि ठाणा-ंउचय2 के सानिध्य में सकल जैन समाज नीमच के तत्वावधान में जन जन की आस्था के केंद्र भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव का शंखनाद विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आज मनाया जाएगा।सकल जैन समाज नीमच के अध्यक्ष अनिल नागौरी सचिव मनीष कोठारी विजय विनायका जैन ब्रोकर्स ने बताया कि कार्यक्रम आज 21 अप्रैल को सुबह 8ः30 बजे महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान महावीर स्वामी की रथयात्रा पुस्तक बाजार स्थित श्री भीडभंजन पार्श्वनाथ मंदिर से निकाली जाएगी। जो नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई मिडिल स्कूल ग्राउंड पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित होगी। सकल जैन समाज का स्वामी वात्सल्य आयोजन राठौर परिसर पर होगा । जिसके धर्म लाभार्थी अशोक, विजय ,प्रकाष, अतुल विशाल विनायका पारस मल्हम परिवार होंगे।,सकल जैन समाज के अध्यक्ष अनिल नागौरीसचिव मनीष कोठारी, विजय विनायका, जयंतीलाल पितलिया, पारस ओसवाल, प्रोफेसर वीके जैन, उमरावसिंह राठौड़, गुणवंतलाल सेठिया ने समस्त सकल जैन समाज जनों एवं समस्त नवकार मंत्र अराधकों सेनिवेदन किया है कि महावीर जन्म कल्याणक के सभी कार्यक्रमों में समय पर उपस्थित होकर सहभागी बनकर धर्म लाभ लेवे एवं महावीर स्वामी भगवान के जन्म कल्याणक पर्व को धूमधाम से मनावे।
अनिल नागौरी 9425106248, मनीष कोठारी 9425106435