नवरात्रि के पर्व पर मां नालछा के द्वार पहुंच रहे सैकड़ों श्रद्धालु

मंदसौर। नगर के नालछा माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि उत्सव मनाया जा रहा है। नवरात्रि कि अष्टमी पर मंदिर माता की विशेष पूजा और हवन का आयोजन किया जाता है। वहीं गुरुवार को दशहरा मनाया जाएगा। सोमवार पंचमी को सुबह में ट्रेजरी से आभूषण मंगवाए गए इसके बाद माता का 15 किलो 500 ग्राम चांदी के आभूषण से विशेष नयनाभिराम श्रृंगार किया गया।सुरक्षा के लिए एक-चार की गार्ड तैनात रहती है। नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रति दिन सुबह से ही सैकड़ों भक्त पहुंच कर दर्शन आशीर्वाद प्राप्त कर रहे।
नालछा माता मंदिर के पुजारी ने बताया कि आज नवरात्रि की पंचमी तिथि के अवसर पर माताजी का 15 किलो 500 ग्राम सोने व चांदी के जेवर से श्रृंगार किया गया। जो नवमी तक रहेगा। दशमी को माताजी के जेवर दोबारा ट्रेजरी में जमा करवा दिए जाएंगे। माताजी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त दूर-दूर से आते हैं माताजी से अपनी कामना का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
अति प्राचीन स्थान जहां हरसिद्धि और भैरव नाथ एक साथ विराजे –
मंदसौर जनपद पंचायत के गांव नालछा में माता हरिसिद्धि माता का मन्दिर है। भक्त माता को नालछा माता नाम से पुकारते हैं। माता का वास्तविक नाम हरिसिद्धि है लेकिन गांव का नाम नालछा होने से भक्त माता को नालछा माता के नाम पुकारते हैं।माता का यह धाम लगभग 800 साल प्राचीन है।इस मंदिर की खास बात यह है कि माता हरिसिद्धि और भैरव नाथ मंदिर के गर्भगृह में एक साथ एक ही गादी पर विराजमान है। नवरात्रि में नौ दिनों तक माता कि महा आरती एवं विशेष स्वरूपों में माता के भक्त दर्शन करते हैं। नवरात्रि के दिनों में यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। यहां पर नवमी के दिन रात्रि में हवन किया जाता और रश्मि को वाणी विसर्जन का आयोजन होता है