तस्करों के लिए वरदान बना एक्सप्रेस-वे….!

अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के साथ साथ गौ तस्करी का भी केन्द्र बना हुआ हे एक्सप्रेस वे….. सीतामऊ क्षेत्र से बड़ी मात्रा में गोवंश की तस्करी इसी एक्सप्रैस वे के माध्यम से हो रही हैं। पुलीस के लिए चुनौती बना हुआ हे एक्सप्रैस वे….पर तस्करी रोकना
बलवंत भट्ट
मंदसौर – मादक प्रदार्थ का मुख्य केंद्र कहे जाने वाले मंदसौर जिले के तस्करों के लिए एक्सप्रेस-वे वरदान साबित होता हुआ नजर आ रहा है। एक्सप्रेस के माध्यम बनाकर बड़े स्तर पर मध्यप्रदेश और गुजरात दोनो राज्यो के तस्कर जमकर तस्करी कर रहे है ओर इसमे कई गरीब युवाओं मजदूरों को भी ज्यादा पैसा कमाने का लालच देकर उनसे तस्करी करवा रहे है। पूरे एक्सप्रेस-वे पर हर 15 से 20 किलोमीटर पर कई ऐसे अनाधिकृत रूप से कट भी खुले पड़े है जिनसे तस्कर गाड़ी चढ़ाते है ताकी टोल पर उनकी गाड़ी की एंट्री नही हो उनका वाहन काजगी रिकार्ड से बचता हुआ अपने गंतव्य तक पहुच जाएं।कई जगह एक्सप्रेस-वे को तस्करी का माध्यम बनाने वाले तस्करों ने चढ़ने ओर उतरने वाले थानों से जुड़े पुलिसकर्मियों को भी सेट कर रखा है ताकी उनका माल आसानी से एक्सप्रेस पर चढ़ सके ओर पुलिसिया कार्यवाही से भी बचा जा सके। जिले के अंतिम छोर से लेकर रतलाम जिले तक तस्कर एक्सप्रेस-वे का भरपूर लाभ उठा रहे है। खेर मादक प्रदार्थ तक ही तस्कर सीमित नही है बल्की जिले से बड़े स्तर पर हथियार और कई अन्य तरह की तस्करी भी होती है पूर्व में कई अन्य राज्यो में मन्दसौर जिले के तस्कर मुख्य आरोपी के रूप में भी पकड़ाए है मादक प्रदार्थ को छोड़ दिया जाए तो अन्य प्रकार की होने वाली तस्करी पर पुलिस की नजर भी कम ही रहती है वह तस्कर भी एक्सप्रेस-वे का पूरा लाभ उठाते हुए नजर आ रहे है।।
पुलिस कार्यवाही में हादसे का डर:- एक्सप्रेस-वे पर तस्करों को पकड़ना सिर्फ चढ़ने ओर उतरने वक्त ही संभव है क्यो की तस्कर सामान्य रोड पर भी कई जगह पुलिस वाहन को ओर पुलिसकर्मियों को अपना शिकार बना चुके है जबकी एक्सप्रेस-वे पर इनके वाहनों की रफ्तार ओर दुगनी रहती है ऐसे में सड़क पर चढ़ने के बाद तस्करों को पकड़ना पुलिस के लिए भी आसान नही है।