मंदसौरमंदसौर जिला

महात्मा ज्योतिबा फुले का सम्पूर्ण जीवन प्रेरणादायी- श्री गुर्जर


पुरानी कृषि उपज मण्डी परिसर में ज्योतिबा फुले की जन्म जयंती मनाई गई

मन्दसौर। कल गुरुवार को गोल चौराहा स्थित पुरानी कृषि उपज मण्डी परिसर में महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा के समक्ष माली समाज के द्वारा उनकी जन्म जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक श्री यशपालसिंह सिसौदिया, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर शामिल हुए और उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समाज उद्धार एवं समाज सुधार के कार्य में उनके योगदान को स्मरण किया।
इस अवसर मेनपुरिया ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि औंकारलाल माली, वासुदेव माली खिलचीपुरा, शेषनारायण माली बालागंज, रमेश माली, निरंजन माली, बाबूलाल माली, सत्यनारायण माली, शांतिलाल माली, भेरूलाल राठौर माली, मुकेश माली, एस.पी.सिंह मण्डी, गोविन्द मनवानी, पार्षद ईश्वरसिंह चौहान, बंटी माली, प्रियांशी माली, परवेज मीर, आबिद हुसैन मीर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।
राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने अपना सम्पूर्ण जीवन शिक्षा एवं नारी शक्ति के उत्थान में लगाया। महात्मा फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया। समाज के सभी वर्गों में आपसी सामंजस्य हो और वे एक दूसरे के साथ मिलकर तरक्की करे इसके लिये उन्होंने सभी को राह दिखाई। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने जो योगदान दिया है उसे भुलाया नहीं जा सकता।
पूर्व विधायक श्री सिसौदिया ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले महान समाज सुधारक व शिक्षाविद थे। उन्होंने सभी वर्गों के हितों के लिये कार्य किया। समाज में महिलाओं को बराबरी का हक मिले, इसके लिये उन्होंने पूरे जीवन भर प्रयास किया। शिक्षा के क्षेत्र में हमें जो आज क्रांति दिखाई दे रही है यह महात्मा ज्योतिबाफुले जैसे विचारकों की ही देन है।
नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर ने कहा कि महात्मा ज्योतिबाफुले की धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ उन्होंने शिक्षा का अधिकार महिलाओं को मिले के इसके लिये उन्होंने पुरी लड़ाई लड़ी और शिक्षा के क्षेत्र में फुले दम्पत्ति ने जो कार्य किया वह आज की युवा पीढ़ी के लिये प्रेरणादायी है। समाज में दलितों व वंचितों को न्याय दिलाने की पहल भी उन्होंने ही शुरू की।
कार्यक्रम का संचालन औंकारलाल माली व निरंजन माली ने किया एवं आभार बंटी माली ने माना।

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