राजा टोडरमल जी का जीवन हमें त्याग और समाज के प्रति समर्पण को याद दिलाता है

खड़ावदा में राजा टोडरमल जंयती पर भव्य शोभायात्रा
खड़ावदा निप्र खड़ावदा में पोरवाल समाज के आराध्य देव राजा टोडरमल की जंयती पर भव्य शोभायात्रा निकली टोडरमल जी पोरवाल समाज के जन्मदाता पोरवाल समाज के सेनापति संरक्षक और ढाल बनकर अंग्रेजों के जमाने में पोरवाल समाज की संकट की घड़ी में समाज की रक्षा की अपने समाज के सभी जनों को साथ लेकर समाज की रक्षा की अपने समाज में छोटे बड़ों का मतभेद खत्म कर समाज का विकास किया आपने एक वट वृक्ष की तरह कार्य कर समाज की शाखाओं को विकसित किया वट वृक्ष की छाया में विकास कर रहा है ।
राजा टोडरमल जी का जीवन हमें त्याग और समाज के प्रति समर्पण याद दिलाता रहेगा।समाज को वट वृक्ष की तरह समाज जनों को साथ लेकर चलना चाहिए जिसकी छाया में समाज विकास करें हमें वट वृक्ष की तरह झुक कर सम्मान देकर आंधी तूफानों का सामना कर पुन: सम्मान जनक स्थिति आना चाहिए न कि खजुर के पेड़ के समान रहना चाहिए।
महापुरुष राजा टोडरमल जी कि भव्य शोभायात्रा पोरवाल मांगलिक भवन से ढोल ढमाके के साथ में मेन बाजार होते हुए गरोठ रोड से नगर भ्रमण कर पुन: मांगलिक भवन पहुंची वहां पर टोडरमल जी की शोभायात्रा का स्वागत फुल माला अर्पण कर किया गया।शोभायात्रा के बाद भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।