जनप्रतिनिधी सहित गणमान्य नागरिक प्रिंट मीडिया की उपेक्षा के साथ गाँधीसागर फ्लोटिंग फेस्टिवल हुआ समापन

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गाँधीसागर फ्लोटिंग फेस्टिवल जो कि फारेस्ट रिस्ट्रीट के नाम आयोजित किया जा रहा है 14 अक्टोम्बर से प्रारम्भ हुए पांच दिवसीय आयोजन 18 अक्टोम्बर को समापन हुआ । मध्यप्रदेश शासन ने इस आयोजन के लिए लल्लू एण्ड संस (एलजेएस अहमदाबाद गुजरात ) द्वारा संचालित किया जा रहा है ।
सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन को बढ़ावा देना, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होता है इस कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत समारोह, नृत्य प्रदर्शन, खेल गतिविधियाँ, और स्थानीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी आयोजित की जाती हैं। इन उत्सवों का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों और आगंतुकों को मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक छटा और आराम का अनुभव कराना है, तथा उन्हें प्राकृतिक सौंदर्य से भी सराबोर करना है। इसमें अन्य गतिविधियाँ स्पीड बोटिंग ड्रेगन बोट बनाना बोट हाँट एयर बेलून एयर गन शुटिंग साइक्लिंग जंगल सफारी सम्मलित है । इन आयोजित कार्यक्रम मै शासन ने एलजेएस गुजरात की कम्पनी को अपना व्यवसायिकरण के लिए अधिकृत किया गया है हांलाकि यह स्पष्ट नही है कि मध्यप्रदेश शासन को इस कार्यक्रम से क्या फायदा (राजस्व ) है लेकिन गुजरात की कम्पनी जरूर बडे स्तर पर अपना व्यवसाय फैला रही है । क्योंकि प्रत्येक गतिविधियाँ , रिसॉर्ट मँहगे दामों में संचालित हो रही है साथ ही निर्धारित दामों में सरकार का भी किसी भी प्रकार का नियंत्रण नही है ।
आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि पर्यटक अगर इस कार्यक्रम मे आता है वह पूर्णरूपेण इस कम्पनी के नियंत्रण में रहता है इससे गाँधीसागर सहित नजदीकी क्षेत्रों को किसी भी प्रकार से व्यवसायिक , अथवा अन्य किसी भी तरह का फायदा नही होता । इस संचालित कार्यक्रम में केवल लल्लू एण्ड संस कम्पनी ही प्रत्येक तरह से फायदेमंद है वह भी पर्यटन स्थल विकसीत करने की आड मेंपर्यटन स्थल को विकसित करने नाम से यह कंपनी स्वयं विकसित हो रही है
आयोजन शुभारम्भ ही विवादित सवालों के बीच मे हुआ जिसमें प्रमुखता से गरोठ भानपुरा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजन स्थल गाँधीसागर के जनप्रतिनिधी सहित गणमान्य नागरिक गाँधीसागर एवं भानपुरा गरोठ के वर्षो पुराने प्रिंट मीडिया कर्मियों की घोर उपेक्षा के साथ आयोजन का शुभारम्भ किया गया । विदित रहे कि मंदसौर-नीमच जिले में दो सांसद सहित विधायक सबसे सम्मानित पद जिले के ही उपमुख्यमंत्री की मुख्य आतिथ्य नगण्य रही । प्रिंट मीडिया में आयोजन की असफल सीमित संख्या में दर्शको की शुरुआत की प्रकाशित खबरो के पश्चात आयोजन कर्ता लल्लू एण्ड संस ने मंदसौर एवं अन्य स्थानों से स्वयं के साधनों से लोगों को निःशुल्क उपलब्ध सेवा खान पान भ्रमण के नाम से भीड एकत्र कर कार्यक्रम संपादित करवाया गया । पर्यटन स्थल की पहचान बनाने वाले शासन द्वारा अनुबंधित गुजराती कम्पनी पूर्वोत्तर की तरह वर्तमान में गाँधीसागर सहित ब्लाँक स्तरीय उपेक्षा कर आखिर क्या साबित करना चाहती है कि वह नाम पैसा शोहरत हासिल कर पर्यटन स्थल की पहचान विश्व पटल पर शासन का नाम गौरन्वित करेगी ।