कार्यवाहीमंदसौरमध्यप्रदेश

 दलोदा ग्राम पंचायत सचिव को किया निलंबित,सीईओ पंवार को कारण बताओ सूचना पत्र 

 

मंदसौर – सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार सत्यम ने दलोदा ग्राम पंचायत सचिव श्री वीरेंद्र मेहरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया । लोकसभा निर्वाचन 2024 को दृष्टिगत रखते हुए सरकारी संपत्ति का विरूपण सरकारी संपत्ति पर सभी प्रकार के भित्ति लेखन, पोस्टर/ पेपर्स या अन्य किसी मे विरूपण, कट आउट/होर्डिंग्स, बैनर, झंडे आदि को हटाए जाने के निर्देश प्राप्त होने के बावजूद भी ग्राम पंचायत दलौदा में भित्ति लेखन, पोस्टर/ पेपर्स या अन्य किसी मे विरूपण, कट आउट/होर्डिंग्स, बैनर, झंडे आदि नही हटाये गए।

कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव द्वारा ग्राम पंचायत दलोदा का आकस्मिक निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सचिव में अनुपस्थित पाए जाने पर सचिव का उक्त कृत्य निर्वाचन आयोग के अनुदेशों का पालन नहीं किया जाकर अपने सचिवीय पदीय कर्तव्यों

के प्रति घोर लापरवाह तथा उदासीनता बरतने पर सचिव को म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 भाग -2 (क), (ख) में निहित प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से सचिव के पद से निलंबित किया गया । निलंबन अवधि में शासन के नियमानुसार इनका जीवन भत्ता प्राप्त होता रहेगा तथा निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय जनपद पंचायत मंदसौर किया जाता है ।

सीईओ जनपद मंदसौर श्री पंवार को कारण बताओ सूचना पत्र

निर्वाचन आयोग के अनुदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने हेतु सीईओ जनपद पंचायत मंदसौर श्री रामप्रतापसिंह पंवार को निर्देशित किया गया था, परन्तु ग्राम पंचायत दलौदा के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत दलौदा में दीवार लेखन, पोस्टर/पेपर्स, होर्डिंग्स, बैनर हटाये जाना नहीं पाये गये। इससे यह प्रतित होता है कि आपके क्षेत्रांर्गत सरकारी सम्पति का विरूपण सरकारी सम्पति पर सभी प्रकार के भित्ति लेखन, पोस्टर्स/पेपर्स या अन्य किसी में विरूपण, कटआउट / होर्डिंग्स, बैनर, झण्डे आदि का हटाये जाने के संबंध में आपके स्तर से कोई प्रभावी रोकथाम नही की जाकर निर्वाचन आयोग के अनुदेशों का आपके दवारा पालन नहीं किया जाकर वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना की जाकर अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही तथा उदासीनता बरती गई। इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के 03 दिवस के भीतर कलेक्टर के समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। 03 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत ना होने की दशा में इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।

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