समाचार मध्यप्रदेश नीमच 17 मार्च 2024 रविवार

लोकसभा निर्वाचन-2024
श्री मुजाल्दा व श्री गेहलोत को निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी
नीमच 16 मार्च 2024, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन व्दारा निर्वाचन कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं वरिष्ठ के आदेशों की अवहेलना करने पर उपयंत्री नगर परिषद डिकेन श्री प्रवीण मुजाल्दा एवं रतनगढ के रेंजर श्री पीएल गेहलोत को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है, कि क्यों न उनके विरूद्ध सेवा (आचरण) नियमावली, 1969 (यथा संशोधन दिनांक 31.08.2012) की धारा-3 क की उपधारा (6) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावे ? इस संबंध में उक्त दोनो को अपना स्पष्टीकरण कारण बताओ सूचना-पत्र की प्राप्ति से 03 दिवस में समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अनुपस्थिति अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने की दशा में उनके विरूद्ध एक पक्षीय योग्य वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
उल्लेखनीय है, कि श्री मुजाल्दा एवं श्री पीएल गेहलोत को लोकसभा निर्वाचन 2024 के तहत फ्लाइंग स्कवाड (एफएस) दल में पुलिस थाना क्षेत्र सिंगोली एवं रतनगढ के लिए पदस्थ किया गया है। गठित दलों का प्रशिक्षण दिनांक 14 मार्च 2024 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में उक्त दोनों बगैर सूचना अथवा सक्षम स्वीकृति के अनुपस्थित रहे। इसलिए जिला निर्वाचन अधिकारी व्दारा उक्त कारण बताओं नोटिस जारी किए गए है।
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जिला स्तरीय निर्वाचन कंट्रोल रूम स्थापित
नीमच, 16 मार्च 2024, लोकसभा निर्वाचन 2024 के तहत सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए नीमच में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का टोल फ्री नम्बर 1950 और दूरभाष नम्बर 07423-257566 है। निर्वाचन संबंधी सूचनाएं उक्त नम्बरों पर दर्ज की जा सकती है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत रहेगा। कंट्रोल रूम का प्रभारी डिप्टी कलेक्टर सुश्री किरण आंजना को बनाया गया है।
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सम्पत्ति विरूपण अधिनियम का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें-श्री जैन
कलेक्टर ने जारी किया सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के तहत आदेश
नीमच 16 मार्च 2024, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन ने सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के तहत आदेश जारी कर, निर्देश दिए है, कि लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। इस दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए शासकीय, अशासकीय भवनों एवं बैनर लगाए जाते हैं। जिसके कारण शासकीय सम्पत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है। इस संबंध में शासन द्वारा म.प्र.सम्पत्ति विरूपण अधिनियम-1994 पारित किया गया है। अधिनियम की धारा-3 में यह स्पष्ट उल्लेख है,कि कोई भी राजनैतिक दल जो सम्पत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि से आने वाली किसी सम्पत्ति की स्याही, खड़िया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रुपये तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा।
म.प्र.सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के तहत चुनाव प्रचार के दौरान यदि विभिन्न राजनैतिक दलो या चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा शासकीय एवं अशासकीय भवन की दीवारों पर किसी भी प्रकार के नारे लिखकर विकृत कर, विद्युत एंव टेलिफोन के खम्भों पर झण्डियां लगाई जाती है, तो ऐसे पोस्टर एवं बैनर हटाने हेतु तथा चुनावी नारे मिटाने के लिए जिले के प्रत्येक थाने में लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता तत्काल प्रभाव से पदस्थ किया गया है। इस दस्ते में लोक निर्माण विभाग के स्थायी गैंग के कर्मचारी पदस्थ रह कर, टीआई, याना प्रभारी की देख-रेख में कार्य करेगें। दस्ते को एक वाहन भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिस पर लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता का बैनर लगा होगा। लोक सम्पत्ति के विरूपण से बचाने के लिए दस्ते को सामग्री जैसे गेरु, चूना, कुंची, बांस एंव सीडी आदि उपलब्ध कराई जाएगी। यह दस्ता निर्वाचन समाप्ति तक टीआई, थाना प्रभारी के सीधे देख-रेख में अपने कार्य क्षेत्र में प्रतिदिन भ्रमण करते हुए, लोक सम्पत्तियों को विरूपित होने से रोकेगा।
यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा निजी सम्पत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है, तो सम्पत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद निजी सम्पत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा एवं थाना प्रभारी संबंधित रिपोर्ट के आधार पर विधिवत जाँच कर, सक्षम न्यायालय में चालान प्रस्तुत करेगे। थाना प्रभारी लोक सम्पत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को एक पंजी में पंजीबद्ध कर,शिकायत की जाँच उपरांत उसमें उल्लेखित तथ्य सही पाए जाने पर लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करते हुए की गई कार्यवाही का साप्ताहिक प्रतिवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रस्तुत करेगें।
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रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक नहीं किया जा सकेगा लाउडस्पीकर का प्रयोग
कलेक्टर ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जारी किया प्रतिबधात्मक आदेश
नीमच 16 मार्च 2024, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन ने सभी राजनैतिक दल, अभ्यर्थी, कार्यकर्ता और उनसे सहानुभूति रखने वालो को सूचित किया है, कि विधानसभा चुनाव में लाउड स्पीकर का प्रयोग निर्वाचन की घोषणा की तिथि से शुरू होकर परिणाम की घोषणा की तिथि समाप्ति तक पूर्ण निर्वाचन अवधि के दौरान निर्वाचन प्रचार के उद्देश्य के लिए किसी भी प्रकार के वाहन पर रखे गए किसी गतिमान लाउड स्पीकर का प्रयोग रात्रि 10 से प्रातः6 तक नही किया जायेगा। यदि किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस के उद्देश्य से स्थिर लाउड स्पीकर प्रयोग आदि उक्त समय में परे किया जाता है, तो उसे रिटर्निंग ऑफीसर, सहायक रिटर्निंग ऑफीसर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करना होगी।
अनुमति देने वाले अधिकारी सार्वजनिक सभाओं, जुलूसी से लोक शांति और प्रशांति, इससे कोई बाधा न हो, इसके लिए निश्चित समय सख्त रूप से निर्धारित करेगा। लाउडस्पीकर के प्रयोग की अनुमति के लिए सुनिश्चित किया जाएगा,कि ऐसी शिकायत की कोई गुंजाईश न रहे। अनुमति देते समय किसी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी के साथ पक्षपात या किसी के विरुद्ध भेदभाव की शिकायत की गुंजाईश नही रहे। सभी लाउड स्पीकर का प्रयोग चाहे व सामान्य प्रचार या सार्वजनिक बैठकों या जुलूसों में हो और चाहे, वह चलती हुई गाडियों में या अन्यों में हो, केवल उक्त उल्लेखित नियंत्रित घण्टों के दौरान ही प्रयोग किया जाएगा, उसके बाद कदापि नही। निर्धारित समय के बाद या संबंधित प्राधिकारियों की लिखित अनुमति के बिना लाउड स्पीकरों का प्रयोग करने पर लाउड स्पीकरों के साथ उससे संबंधित सभी उपकरणों को जप्त कर लिया जाएगा। सभी राजनैतिक दल अभ्यर्थी और अन्य कोई व्यक्ति भी चलती हुई गाडियों में, जिममें ट्रकों, टेम्पों, कारों, टेक्सियों, वेनो, तिपहिया स्कूटरों, साईकिल रिक्शे आदि शामिल है। किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकरों का प्रयोग करते हुए इन गाडियो का रजिस्ट्रेशन, पहचान संबंधित विवरण, प्राधिकारियों द्वारा स्वीकृत आदेश पर भी दर्शाया जाएगा।
सभी राजनैतिक दल अभ्यर्थी और अन्य सभी व्यक्ति चलती गाडी में या किसी नियत स्थान पर किसी प्रकार के लाउड स्पीकर का प्रयोग करने हेतु संबंधित रिटर्निंग आफीसर, स्थानीय पुलिस अधिकारी को लिखित अनुरोध करेगे। गतिशील लाउड स्पीकरों के मामले में उन्हे वाहनों का रजिस्ट्रेशन, पहचान नम्बर, सहायक रिटर्निंग आफीसरों और स्थानीय पुलिस अधिकारी के पास रजिस्टर करना होगा। लाउड स्पीकरों का प्रयोग करने के लिए परमिट स्वीकृत करना सहायक रिटर्निंग आफीसर का दायित्व होगा और स्थानीय पुलिस अधिकारीगण यह सख्ती से लागू करेगें, जिससे उपर्युक्त किसी का उल्लंघन करते हुए, कोई भी लाउड स्पीकरों का प्रयोग न करें। इसमें किसी प्रकार का उल्लंघन आयोग गम्भीरता से लेगा और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा।
आयोग का उक्त निर्देश ध्वनि प्रदूषण और जनता की शांति और प्रशांति को भंग करने पर नियंत्रण रखेगा। इस मामले में किसी प्रकार के उल्लंघन होने पर अनुसंधान अधिकारी उसे गंभीरता से लेंगा और संबंधित के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्यवाही करेगा। अनुमतियों के अधीन रहते हुए म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा-5(2) के अन्तर्गत किसी मनोरंजन, व्यापार या करोबार का विज्ञापन करने के प्रायोजनो के लिए या किसी अन्य वाणिज्य आख्यापन के लिए चलाया या चलवाया नही जाएगा। किसी खुले स्थान या लोक स्थान में रिकार्ड या टेप किया हुआ संगीत बजाने हेतु चलाया या चलवाया नही जाएगा। किसी चिकित्सालय उपचार ग्रह (नसिर्गहोम) दूरभाष केन्द्र (टेलीफोन एक्चेंज) न्यायालय, शिक्षण संस्था तथा उसके छात्रावास, सरकारी कार्यालय, स्थानीय प्राधिकरण के कार्यालय तथा बैंक से दो सौ मीटर की दूरी के भीतर चलाया या चलवाया नही जाएगा। किसी भी अभ्यर्थी द्वारा जनसभाओ, रैलियों इत्यादि के लिए अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत आवेदन के साथ अभ्यर्थी द्वारा उसके अभिकर्ता द्वारा अनुलग्नक 16 (निवार्चन व्यय लेखा) में वांछित जानकारी प्रस्तुत करना होगी, उपरोक्त निर्देशों का सभी संबंधित अधिकारी कड़ाई से पालन करवाएगें।
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प्रगतिरत अथवा स्वीकृत कार्यो की जानकारी तत्काल भेजने के निर्देश
नीमच 16 मार्च 2024, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली व्दारा 16 मार्च 2024 को आगामी लोकसभा निर्वाचन, 2024 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा की जा चुकी है। निर्वाचन की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता भी प्रभावशील हो चुकी है। कलेक्टर श्री दिनेश जैन ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए है, कि वे अपने विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रगतिरत अथवा स्वीकृत कार्यो, निर्माण कार्यो की जानकारी तत्काल डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम सुश्री किरण आंजना को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करावें।
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लोकसभा निर्वाचन को दृष्टिगत रख जिले में धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
नीमच 16 मार्च 2024, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत निर्वाचन अवधि के दौरान नीमच जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर अस्त्र शस्त्र धारण नहीं करेगा, जिसमे आग्नेय शस्त्र, जैसे बन्दूक पिस्तौल, रिवाल्वर व अन्य हथियार जैसे बल्लम, भाला, खंजर, शमशीर, फरसा, फालिया, चाकू आदि सम्मिलित है, जिससे किसी को घायल अथवा चोटिल किया जा सके या जिनके प्रयोग से लोकहित को खतरा सम्भाव्य हो।
यह आदेश उन हथियारों पर भी बराबरी से लागू होगा जिन्हें धारण करने हेतु पूर्व से ही सक्षम अधिकारी द्वारा लायसेंस प्राप्त किया हुआ है। इस आदेश के प्रभावशील होते ही सभी प्रकार के लायसेंस निलम्बित समझे जाएंगे, जब तक कि इस आदेश में अन्यथा उल्लेखित नहीं किया जाये। इस अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति राजनैतिक दल, संघ, संगठन, संस्था आदि सक्षम प्राधिकारी से बिना पूर्व अनुमति किसी प्रकार की सभा, वाहन रैली, साधारण रैली नहीं निकाल सकेगा और न ही किसी प्रकार की सार्वजनिक सभी कर सकेगा। “ऐसी सभा का आयोजन सड़क, शासकीय अथवा अशासकीय स्कूल, कॉलेज, अस्पताल मैदान, शासकीय कार्यालयों के परिसर पर बिना सक्षम अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। ऐसी सभाओं का आयोजन किसी धार्मिक स्थान यथा, मन्दिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा आदि पर नहीं किया जा सकेगा। कोई व्यक्ति, राजनैतिक दल, संघ, संगठन, संस्था आदि किसी समुदाय अथवा धर्म विशेष को लेकर अथवा अन्य प्रकार के ऐसे किसी आपत्तिजनक भाषण, संवाद, नारे आदि का उपयोग नहीं करेगा, चाहे वह मौखिक अथवा मुद्रित रूप में हो, जिससे साम्प्रदायिक अथवा अन्य प्रकार से लोक शांति भंग हो सकती है। सम्पूर्ण निर्वाचन अवधि के दौरान किसी सभा में वाहन पर या अन्यथा लाउड स्पीकर के उपयोग से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त करना होगी।
जिले में स्थित होटल, लॉज, धर्मशाला, सराय, गेस्ट हाऊस आदि में रुकने वालों की जानकारी का रजिस्टर संधारित कर, सूचना संचालक या प्रबंधक के द्वारा संबंधित थाना प्रभारी को देना अनिवार्य है। किसी सभा, जुलूस अथवा रैली के आयोजन हेतु स्वीकृति प्राप्त करने का आवेदन प्रस्तुति से पूर्व इस बात की जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिये,कि उक्त स्थान, मार्गों या मार्ग के किसी भाग पर निर्बन्धात्मक आदेश तो जारी नहीं किया गया है, यदि ऐसा है, तो उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। सभा, जुलूस आदि की स्वीकृति प्राप्त होती है, तो स्वीकृति में उल्लेखित अवधि, तिथि, स्थान के साथ-साथ अन्य शर्तों का पालन आयोजकों के द्वारा सुनिश्चित करना चाहिएं।
निषेधाज्ञा अवधि में सम्पत्ति विरूपण अधिनियम,1994 के प्रावधानों का पालन करना चाहिये, जिसमें निजी एवं सार्वजनिक दोनों सम्पत्तियां शामिल है। प्रत्येक व्यक्ति, राजनैतिक दल, संघ, संगठन, संस्था आदि को म.प्र.कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1984 का पालन करना चाहिए।
निर्वाचन अवधि में आयोग द्वारा निर्धारित आचार संहिता, नियम, शर्तो अनुदेशों का पालन सभी को सुनिश्चित करना चाहिए। इस आदेश के तहत सोशल मीडिया, जैसे-वाट्सअप, फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम व अन्य माध्यमों से कई समूहों द्वारा सामाजिक ताने-बाने को तोडने, विभिन्न समुदायों के मध्य संघर्ष, वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने के उद्देश्य से तरह-तरह के आपत्तिजनक मैसेज, पिक्चर, ऑडियो, विडियो आदि के प्रसारण पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा, ताकि वर्गभेद, नस्लीय भेदभाव या जातिगत घृणा को बढ़ावा देने व सामुदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश पर रोक लगाई जा सके।
यदि उपरोक्त आदेश का उल्लंघन करते कोई पाया गया, तो उसके विरुद्ध साइबर क्राइम (इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000) की धारा-66-ए एवं भारतीय दण्ड विधान के प्रावधानों के तहत अभियोजित किया जावेगा। इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया पर किसी प्रकार की फेक न्यूज जिसकी पुष्टि नही की गई, के प्रकाशन पर प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई व्यक्ति उपर्युक्त आदेश का उल्लंघन करेगा, तो वह भादसं,1960 की धारा-188 सहित अन्य विधियों के तहत दण्डनीय अपराध का दोषी होकर उसे विधि के प्रावधानो के तहत अभियोजित किया जा सकेगा।
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जिले के सभी विश्राम गृह अधिग्रहित
नीमच 16 मार्च 2024, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश जैन व्दारा जारी आदेशानुसार लोकसभा निर्वाचन 2024 को दृष्टिगत रखते हुए निर्वाचन की घोषणा की जा चुकी है। जिसके अनुसार निर्वाचन क्षेत्रों में 16 मार्च 2024 से निर्वाचन समाप्ति तक के लिए आदर्श आचार संहिता लागू की गई है।
अत: नीमच स्थित शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग, पश्चिम रेल्वे, भारतीय दूरसंचार निगम एवं वन विभाग के स्थानीय सभी विश्रामगृह अन्य आदेश होने तक के लिए अधिग्रहित किए गये है। उक्तानुसार अधिग्रहित विश्रामगृह का कोई भी कक्ष जिला निर्वाचन कार्यालय की बिना अनुमति के आवंटित नहीं किया जावेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
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राजनैतिक दल आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करें- श्री जैन
कलेक्टर की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों की स्टेडिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न
नीमच 16 मार्च 2024, भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थियों को आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए है। आयोग के निर्देशानुसार किसी भी दल के अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जो कि विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाए या घृणा की भावना उत्पन्न करें या तनाव पैदा करें। कलेक्टर एंव जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन ने उक्त जानकारी शनिवार 16 मार्च 2024 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में दी और उनसे जिले में आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाने में सहयोग का आग्रह किया है। बैठक में एसपी श्री अंकित कुमार जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री गुरूप्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री एन.एस.सिसोदिया, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव साहू, डॉ. राजेश पाटीदार एवं सहायक रिटर्निंग आफीसर तथा राजनैतिक दलों के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रचार के लिए धर्म स्थलों का उपयोग न हो- बैठक में कलेक्टर श्री जैन ने आदर्श आचरण सहिता के प्रमुख बिन्दुओं से अवगत कराते हुए कहा कि किसी दल या उम्मीदवार द्वारा चुनाव प्रचार में अन्य राजनैतिक दलों की नीतियों की आलोचना, कार्यक्रमों और कार्यों तक ही समिति होना चाहिए। व्यक्तिगत जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना नहीं करना चाहिए जिसका संबंध अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक क्रियाकलाप से न हो। मत प्राप्त करने के लिए जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों या अन्य पूजा स्थलों का निर्वाचन प्रचार के लिए मंच के रूप में उपयोग नहीं होना चाहिए।
संवेदनशील केन्द्रों पर रहेगी निगरानी:- बैठक में बताया गया, कि जिले के संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर इन्टरनेट एवं वेब कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी की जाएगी। मतदान के दिन इन केन्द्रों पर न केवल जिलास्तर से बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त तक हर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए वेब कास्टिंग का कार्य करवाया जा रहा हैं। साथ ही बार्डर चैक पोस्ट पर भी सीसीटीव्ही कैमरे लगाए जा रहे है। सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सभी दलों से उनका पालन सुनिशिचित करने का आग्रह किया।
पेड न्यूज़ पर निगरानी प्रारंभ-आयोग सख्त-कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि जिलास्तरीय मीडिया मानिटरिंग कमेटी द्वारा प्रतिदिन राजनैतिक खबरों और विज्ञापनों की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। यदि किसी समाचार पत्र में पेड न्यूज पाई गई तो समिति संज्ञान में लेकर उसका खर्च अभ्यर्थी या पार्टी के खाते में जोड़ेगी।
इसके अलावा इलेक्ट्रानिक न्यूज चैनलों की मानिटरिंग के लिए भी दल गठित किए गए है। सोशल मीडिया, केबल नेटवर्क या न्यूज चैनल पर विज्ञापन देने से पहले अभ्यर्थी को जिलास्तरीय समिति से प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
भ्रष्ट आचरण से बचे-जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जैन ने सभी दलों के प्रतिनिधियों से कहा है, कि वे ऐसे कार्यों से बचें जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचारण और अपराध हो जैसे मतदाताओं को रिश्वत देना, मतदान केन्द्र के 100 मीटर के भीतर मत सत्यापन करना, मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय को समाप्त होने वाली 24 घन्टे के दौरान सामाजिक सभाएं करना और मतदाताओं को सवारी से मतदान केन्द्रों तक ले जाना और वहां से वापस लाना।
सभा एवं जुलूस की अनुमति जरुरी:- मास्टर ट्रेनर्स डा. राजेश पाटीदार ने कहा कि राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों को किसी व्यक्ति के विचारों या कार्यों का विरोध करने के लिए उनके घरों के सामने प्रदर्शन आयोजित करने या धरना देने के तरीकों का सहारा, किसी भी परिस्थिति में नहीं लेना चाहिए। दलों और अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए, कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभा स्थल से होकर जुलूस नहीं ले जाना चाहिए, जिन स्थानों पर दूसरे दल द्वारा सभाएं की जा रही हो। किसी प्रस्तावित सभा के स्थान और समय के बारे में सक्षम प्राधिकारियों को उपयुक्त समय पर सूचना देना जरूरी होगा। जहां सभा करने का प्रस्ताव है, वहां कोई प्रतिबंधात्मक आदेश हो, तो उसका कड़ाई से पालन करना आवश्यक है। यदि कोई छूट अपेक्षित हो, तो दल या अभ्यर्थी को संबंधित सक्षम प्राधिकारी के पास आवेदन देकर अनुमति प्राप्त कर लेनी चाहिए। प्रस्तावित सभाओं में लाउडस्पीकर की अनुमति लेना भी जरूरी है। जुलूस का आयोजन करने वाले दल या अभ्यर्थी को पहले ही यह तय कर लेना चाहिए कि जुलूस किस समय और किस स्थान से शुरू होगा और किस मार्ग से होकर जाएगा। जुलूस का इंतजाम भी ऐसे ढंग से करने के निर्देश दिए गए कि यातायात में कोई रुकावट या बाधा उत्पन्न न हो।
निर्वाचन प्रक्रिया की दी जानकारी- मास्टर टेनर्स डॉ.राजेश पाटीदार ने आमसभा, जुलूस आदि की अनुमति लेने, निर्वाचन व्यय लेखे के संधारण, चुनाव अवधि के दौरान आचरण प्रचार वाहनों पर लाउड स्पीकर के उपयोग, सभाओं और जुलूस संबंधी निर्देश मतदान के 48 घन्टे पूर्व जनसभाओं, लाउड स्पीकर के उपयोग, संबंधी निर्देश, नाम निर्देश पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति, विज्ञापन का प्रचार सामग्री का मुद्रण, शासकीय स्थानों पर पोस्टर, बैनर, नारा लेखन आदि बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की शंकाओं, जिज्ञासाओं और प्रश्नों का समाधान भी किया गया।
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सभी शस्त्र लाइसेंसधारी अपने शस्त्र 23 मार्च तक जमा कराए- कलेक्टर
शस्त्र जमा नहीं करने पर होगी आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
नीमच 16 मार्च 2024, लोकसभा निर्वाचन, 2024 के कार्यक्रम की घोषणा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की जा चुकी है तथानिर्वाचन प्रक्रिया प्रारम्भ होने के साथ आदर्श आचरण संहिता भी लागू हो गई है। लोकसभा निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए आयुध अधिनियम, 1959 की धारा-17 की उपधारा-3 (ख) के तहत कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री दिनेश जैन द्वारा सम्पूर्ण जिले की सीमा मे समस्त लायसेंसधारियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित करते हुए समस्त लायसेंस, दर्ज शस्त्र सहित 23 मार्च 2024 को संबंधित थाने में निर्धारित दिनांक तक जमा कराने के निर्देश दिये है।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री दिनेश जैन ने उक्त संबंध में स्पष्ट किया है, कि सभी लायसेंसी शस्त्रधारी अपने शस्त्र 23 मार्च 2024 तक अनिवार्य रूप से जमा करावें। अन्यथा की स्थिति में आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की जावेगी ।
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कलेक्टर ने लगाया अवकाश पर प्रतिबंध
नीमच 16 मार्च 2024, जिले में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश व्दारा लोकसभा निर्वाचन कार्य को दृष्टिगत रखते हुए नीमच जिले के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। कोई भी अधिकारी/कर्मचारी जिला निर्वाचन कार्यालय की पूर्वानुमति के बगैर अवकाश पर नहीं जायेगें और न ही मुख्यालय छोडेगें। शासकीय/सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी कार्यालय निरन्तर चालू रखेगें। निर्वाचन संबंधी डाक प्राप्ति हेतु गैर कार्यालयीन समय एवं दिवस हेतु एक व्यक्ति को नामित करें व उसके नाम तथा मोबाईल नंबर का प्रदर्शन कार्यालय के मुख्य द्वार अथवा सूचना पटल पर किया जावेगें ।
इस संबंध में जारी आदेशानुसार निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है, अतः समस्त शासकीय सेवक निर्वाचन अवधि के दौरान आयोग द्वारा समय-समय पर जारी, शासकीय सेवकों के लिए निर्धारित आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करेंगे। किसी भी शासकीय सेवक द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन की दशा में उसके विरूद्ध योग्य वैधानिक कार्यवाही की जावेगी ।यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
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