भोपालमध्यप्रदेश

डीजीपी सुधीर सक्सेना ने कहा- पुलिस की वर्दी पावर के लिए नहीं, नागरिकों की सेवा करने के लिए मिली

 

भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने पिछले दिनों पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ आमजन की सक्रिय सहभागिता के उद्देश्य से जनसंवाद करने के निर्देश दिए थे। इसे लेकर रविवार को प्रदेश के सभी 968 थानों में आइजी, डीआइजी, एसपी, एसडीओपी सहित सभी अधिकारियों की उपस्थिति में दोपहर 12 से दो बजे तक पुलिस जनसंवाद का आयोजन किया गया।

डीजीपी सुधीर सक्सेना भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की वर्धमान ग्रीन पार्क कालोनी में लोगों के बीच पहुंचे और जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान डीजीपी ने कहा कि पुलिस की वर्दी हमें पावर के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की सेवा करने के लिए मिली है। जब हम जनता की सेवा करेंगे, तभी वर्दी पहनना सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और जनता का साथ ही पुलिस को सक्षम बनाएगा।

कुछ ऐसे अपराध हैं, जो पुलिस अकेले नियंत्रित नहीं कर सकती, जैसे सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था, नशा मुक्ति, सामाजिक कुप्रथाएं आदि। उन्होंने लोगों द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की पहल की सराहना की। डीजीपी के सामने लोगों ने पुलिस में शिकायत करते समय आने वाली व्यावहारिक परेशानियों का भी जिक्र किया।

लोगों ने साइबर अपराध की शिकायतों को लेकर कहा कि इसमें लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं होती है। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्रबुद्धजन, कारोबारी, विभिन्न व्यापारिक मंडलों के प्रतिनिधि और जनसामान्य से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

संवाद समस्याओं को निपटाने का बेहतर तरीका

ग्रीन पार्क कालोनी में पुलिस कमिश्नर भोपाल हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि संवाद किसी भी तरह की समस्या को निपटाने का बेहतर तरीका है। इस कार्यक्रम का उदेश्य सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। बता दें कि डीजीपी के निर्देश पर प्रदेश के 55 जिलों के 968 थानों में जनसंवाद कर पुलिस ने एक लाख से अधिक लोगों से जनसंवाद किया।

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