
नीमच
डॉ बबलु चौधरी
ग्वाल टोली, इंदिरा नगर वासी और नीमच की जनता के साथ ही जावद, निंबाहेड़ा रूट की बस, ट्रांसपोर्ट और अन्य व्यवसाईयों के लिए महत्वपूर्ण नीमच ग्वालटोली मार्ग पर पिछले ढाई साल से पुलिया निर्माण का कार्य जारी था, पहले तो जिम्मेदारों की भारी उपेक्षा के चलते पुलिया निर्माण में खासा लंबा समय लगा। निर्माण के बाद भी जब पुलिया आम जनता के लिए खोली नहीं गई तो लोगों ने मिट्टी हटाकर आवागमन चालू किया तब भी ठेकेदार ने मिट्टी हटाने का प्रयास नहीं किया, पिछले दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव के नीमच आगमन पर ठेकेदार ने आनन फानन में 6 घंटे में ही पुलिया के दोनों तरफ जैसे तैसे रोड का निर्माण कर दिया और अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली।
पुलिया का निर्माण भी हो गया, रोड भी बन गया, ठेकेदार के पास पैसा भी पहुंच गया लेकिन नहीं रखा गया तो जनता की सुविधा का ध्यान। नगर पालिका के अधिकारी और प्रशासन के आला अधिकारी इस रोड से आवागमन कर रहे हैं लेकिन अपनी बंद कारों के शीशे में इन्हें आम जनता की तकलीफ का एहसास ही नहीं हो रहा है,
सही भी है एयर कंडीशनर की ठंडी हवाओं में उड़ते धूल के गुबार कहां दिखते हैं। बेशर्मी का आलम यह है कि पुलिया का उद्घाटन तो हो गया लेकिन उस पर रखी मिट्टी को साफ तक नहीं किया गया, ठेकेदार ने करोड़ों तो कमा लिए लेकिन जनता के हिस्से में सैकड़ो भी खर्च करने को तैयार नहीं।
अब देखते हैं कि जिम्मेदारों के कानों पर जूं भी रेंगती है या नहीं, बाकी नीमच की जनता तो अपने ऊपर अत्याचार सहने की आदि है, अंग्रेजों ने भी किए है और वर्तमान में भी ये अत्याचार जारी है।