मध्यप्रदेश समाचार नीमच 18 फरवरी 2024

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कलेक्टर श्री दिनेश जैन आज ई-जनसुनवाई करेंगे
नीमच क्षेत्र की पंचायतों के ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होंगे
नीमच 18 फरवरी 2024, कलेक्टर श्री दिनेश जैन आज 19 फरवरी 2024 सोमवार को प्रातः 10.30
बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में ई-जनसुनवाई करेंगे। कलेक्टर श्री जैन ई-जनसुनवाई में नीमच
क्षेत्र की ग्राम पंचायत केलुखेडा, सिरखेडा, नेवड, सोनियाना एवं मुंडला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए
संवाद कर,ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करेंगे।
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मराठा समाज द्वारा शिवाजी जयंती का खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं से किया शंखनाद, माल्यार्पण एवं वाहन रैली आज,
नीमच 17 फरवरी (केबीसी न्यूज़) क्षत्रिय मराठा समाज नीमच के तत्वाधान में मराठा समाज के महान वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी जयंती महोत्सव का शुभारंभ 18 फरवरी को दोपहर 1 बजे तुलजा भवानी मंदिर में पूजा अर्चना पुष्प अर्पित कर तथा शिवाजी के चित्र पर माल्यार्पण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में शिवाजी जयंती महोत्सव चोरडिया अस्पताल के पीछे मां तुलजा भवानी मंदिर परिसर में महिलाओं एवं बच्चों की विभिन्न सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ मनाया गया । सांस्कृतिक खेल प्रतियोगिता के निर्णायक माधवी जाधव, शेफाली सपरे ने बताया कि ड्राइंग प्रतियोगिता में नव्या जाधव प्रथम, विधि शिंदे द्वितीय विजेता रही।प्रोत्साहन में शिवन्या जाधव ,आरोही जाधव, जीविका जाधव ,ओजस्वी सप्रे, आदि ने श्री कृष्णा शिवाजी, तिरंगा सिनसिनहरी जैसे विभिन्न विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
तथा रंगोली प्रतियोगिता में नेहा जाधव प्रथम, रचना द्वितीय विजेता रही। इसी प्रकार सातवन्ना पुरस्कार में निष्ठा जाधव जय श्री जाधव ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। बच्चों ने गणपति कृष्णा गाय कृष्ण स्वागत करती पुष्पांजलि एवं फूल की रंगोली बना अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
शिवाजी जयंती महोत्सव की पावन श्रृंखला में आज 19 फरवरी सोमवार सुबह 9:30 बजे पिपली चौक नीमच सिटी स्थित शिवाजी प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात वाहन रैली का शुभारंभ होगा वाहन रैली नीमच सिटी, सांवरिया मंदिर, बस स्टैंड, फव्वारा चौक, कमल चौक विजय टॉकीज चौराहा, अजमीड़ जी चौराहा आदि
प्रमुख मार्गो से होते हुए एलआईसी चौराहा के समीप चोरडिया अस्पताल के पीछे माता तुलजा भवानी मंदिर पर पहुंचकर विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में परिवर्तित हो जाएगी। इसके साथ ही सोमवार सुबह 11:45 बजे माता तुलजा भवानी की आरती सभी समाज जनों की उपस्थिति में की जाएगी। तथा12 बजे वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रतापगढ़ राजस्थान के समाजसेवी अशोक कुमार शर्मा होंगे। तुलजा भवानी मंदिर पर आयोजित कार्यक्रमों में क्षत्रिय मराठा समाज के अध्यक्ष एडवोकेट रूपेश जाधव, रैली संयोजक शैलेंद्र देवधर, सचिव संभाजी राव जाधव, आनंद नवले ,मार्तंड राव जाधव ,लखन शिंदे, विनोद नवले, आशीष शिंदे, सुरेश बाबूराव जाधव, उपाध्यक्ष रमेश मोरे , सुरेश जाधव, कमल शिंदे ,संजय पवार ,चंद्र प्रकाश शिंदे, विजय राव जाधव, शरद पंवार, हेमंत शिंदे, संदीप पंवार, मूर्ति वाटिका निर्माण संयोजक विनोद नवले, अशोक दलवी, शिवाजी जयंती रैली संयोजक आनंद नवले, संदीप राव पंवार , कार्यक्रम संयोजक शैलेंद्र देवधर, उत्सव मिलन समारोह संयोजक इंद्रेश जाधव,महिला उपाध्यक्ष उषा दलवी ,सह सचिव निर्मला जाधव, रचना नवले, रश्मि जाधव,नेहा रोहित जाधव वर्षा पंवार, पुष्प लता नवले, गीता नवले, सुधा विनोद नवले,संतोष कदम वंदना जाधव ,दुर्ग दलवी, संगीता चौहान, जय श्री जाधव, शरद राव, राजश्री मराठा, सुधा जाधव,कोषाध्यक्ष मंगेश राव दल्वी आदि क्षेत्र के मराठा समाज जन शिवाजी जयंती कार्यक्रमों में सहभागी बने।
19 फरवरी को कार्यक्रम का विश्राम स्नेह मिलन समारोह के साथ आयोजित होगा। कार्यक्रमों में सभी समाज के पुरुष श्वेत परिधानों में तथा महिलाएं केसरिया लाल परिधानों में सहभागी बनेगी।
नीमच 18 फरवरी 2024, तेंदूपत्ता संग्राहक जनजातीय परिवारों को सामाजिक सुरक्षा चक्र मजबूत करते हुए उन्हें
पिछले 10 सालों में 2000 करोड़ रुपये प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में दिये जा चुके हैं। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को
सामाजिक सुरक्षा देने के लिये उन्हें संबल योजना में शामिल किया गया है।राज्य सरकार ने लघु वनोपजों के
संग्रहण से जुड़े परिवारों के हित में सकारात्मक कदम उठाते हुए निर्यात को बढ़ावा देने के लिये आदिवासी बहुल
जिलों को जैविक प्रमाण-पत्र देने की तैयारियां चल रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े जनजातीय परिवारों की आर्थिक
सुरक्षा के लिये तेंदूपत्ता संग्रहण दर 3000 रूपये प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रूपये प्रति मानक बोरा कर दी
गई है। वर्ष 2003 में संग्रहण दर 400 रूपये प्रति मानक बोरा थी। इस निर्णय के परिणामस्वरूप संग्राहकों को
लगभग 560 करोड़ रूपये का संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में वितरित किया गया है।
संग्रहण पारिश्रमिक के साथ-साथ तेन्दूपत्ता के व्यापार से प्राप्त शुद्ध लाभ भी संग्राहकों के साथ बांटा जाता
है। यह लाभांश भी बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2003 में जहाँ शुद्ध लाभ का 50 प्रतिशत अंश संग्राहकों को बोनस के
रूप में वितरित किया जाता था, अब 75 प्रतिशत भाग बोनस के रूप में संग्राहकों को वितरित किया जा रहा है। वर्ष
2002-03 में वितरित बोनस की राशि 5.51 करोड़ रूपये थी जबकि वर्ष 2022-23 में वितरित बोनस की राशि 234
करोड़ रूपये है। वर्तमान में लगभग 15 लाख परिवारों के 38 लाख सदस्य लघु वनोपज संग्रहण कार्य से जुड़े हैं।
इनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा जनजातीय समुदाय के हैं। उनहें बिचौलियों के शोषण से बचाने और उनकी संग्रहित
लघु वनोपज का लाभ दिलाने के लिए सहकारिता का त्रिस्तरीय ढांचा बनाया गया है। इसमें प्राथमिक स्तर पर 15.2
लाख संग्रहणकर्ताओं की सदस्यता से बनायी गयी 10 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियां है। द्वितीय स्तर पर
51 जिलों में जिला स्तरीय यूनियन तथा शीर्ष स्तर पर म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ कार्यरत है।
कोरोना काल में भी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को परिश्रमिक 397 करोड़ रूपये एवं 415 करोड़ रूपये भुगतान
किया गया। तेन्दूपत्ता श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिये 2011 में एकलव्य वनवासी शिक्षा विकास योजना प्रारंभ की गयी। मेधावी बच्चों को सहायता राशि दी जाती है। अभी तक 15,026 छात्रों को 14 करोड़ रूपये से अधिक की सहायता राशि दी जा चुकी है।वर्ष 2004-05 में लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र बरखेड़ा पठानी की स्थापना की गई थी। इसे लघु वनोपज आधारित 840 औषधियां बनाने का लाईसेंस मिला है और 350 औषधियों
का निर्माण किया जा रहा है। लघु वनोपज संग्राहकों को वनोपज का उचित मूल्य दिलाने हेतु राज्य शासन द्वारा
32 प्रमुख लघु वनोपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी घोषित किया गया है ताकि यदि बाजार में उचित मूल्य न
हो तो संग्राहक को वनोपज का उचित मूल्य मिल सके।लघु वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिये प्रसंस्करण पर
भी ध्यान दिया जा रहा है तथा प्रदेश में प्रधानमंत्री वन विकास योजना के तहत 126 वनधन केन्द्रों की स्थापना
की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से लगभग 70 वन धन केन्द्रों द्वारा प्रसंस्करण उत्पाद निर्माण का कार्य भी
शुरू कर दिया गया है।पेसा कानून में 20 जिलों की 268 ग्राम सभाओं में वर्ष 2022-23 से पेसा नियमों के तहत
संग्रहण के संकल्प प्राप्त हुए तथा संग्रहण वर्ष 2023-24 में 13363 मानक बोरा तेंन्दूपत्ता संग्रहित किया जाकर
7.19 करोड़ रूपये का व्यापार किया गया। इस प्रकार प्रथम वर्ष के अनुभव से ग्राम सभाओं को लघु वनोपज
व्यापार का अनुभव प्राप्त हुआ, तेंदुपत्ता संग्रहण एवं विपणन हेतु आत्मविश्वास मिला तथा इस वर्ष 229 ग्राम
सभाओं द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य प्रारंभ हुआ।
उज्जैन में एकाग्र विक्रमोत्सव का आयोजन 1 मार्च से 9 अप्रैल तक
एक माह से अधिक चलने वाले उत्सव में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
नीमच-उज्जैन में एक मार्च से 9 अप्रैल तक एकाग्र विक्रमोत्सव का भव्य आयोजन किया
जायेगा। इस दौरान एक माह से अधिक समय तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
विक्रमादित्य शोधपीठ के संचालक डॉ. श्रीराम तिवारी एवं कलेक्टर उज्जैन श्री नीरज कुमार सिंह ने
शुक्रवार को बताया कि शुभारंभ के समय नगर में कलश यात्रा निकाली जायेगी। इसी दिन वैदिक घड़ी का
लोकार्पण वराह मिहिर वेधशाला जंतर-मंतर में किया जायेगा। इस मौके पर विक्रम पंचांग और आर्ष भारत पर
आधारित पुस्तकों का लोकार्पण भी कालिदास अकादमी में किया जायेगा। भारत के कालजयी महानायकों की
तेजस्विता के संग्रहालय वीर भारत न्यास का शिलान्यास भी किया जायेगा। विक्रमादित्य के न्याय पर
संगोष्ठी का आयोजन और उज्जयिनी एवं विक्रमकालीन मुद्रा एवं मुद्रांक पर आधारित प्रदर्शनी लगाई
जायेगी। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के सहयोग से मंदिरों में प्रभु श्रृंगार प्रतियोगिता का आयोजन किया
जायेगा। माह भर चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं नृत्यांगना हेमा मालिनी एवं
उनके दल द्वारा भगवान शिव और देवी दुर्गा पर आधारित नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति दी जायेगी। पार्श्व
गायक अमित त्रिवेदी एवं उनके सहयोगी कलाकारों द्वारा नमामि महादेव शंखनाद सांगीतिक प्रस्तुति और
लेजर-शो का आयोजन होगा। विक्रमोत्सव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, श्रीकृष्ण लीला नृत्य पर
आधारित लोककला का प्रदर्शन होगा। उत्सव के दौरान 9 अप्रैल को गुड़ी पड़वा पर सूर्योपासना और महाकाल
शिवज्योति अर्पण कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उज्जैन के रामघाट पर 25 लाख दीपक जलाये जायेंगे।
विक्रमोत्सव के दौरान 9 अप्रैल को ही उज्जयिनी गौरव दिवस का आयोजन होगा। इस दौरान प्रसिद्ध गायक
जुबीन नोटियाल द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी।
उज्जैन में एक एवं दो मार्च को होगी इन्वेस्टर समिट
उज्जैन में एक और दो मार्च को इन्वेस्टर्स समिट होगी। समिट में डेयरी, खाद्य पदार्थ, एग्रीकल्चर,
फिल्म निर्माण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले उद्योगों की स्थापना पर चर्चा होगी। इसके अलावा
मेडिकल डिवाइस और फॉर्मेसी उद्योग लगाने के इच्छुक प्रतिभागियों को उपयोगी जानकारी दी जायेगी।
समिट में नागझिरी में क्लस्टर के रूप में प्रिंटिंग प्रेस मशीन स्थापित करने पर चर्चा होगी। समिट के दौरान
एमएसएमई और स्टार्ट-अप, मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर और बायर-सेलर मीट का आयोजन किया
जायेगा।
उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला एक मार्च से
उज्जैन में उज्जयिनी व्यापार मेला एक मार्च से 9 अप्रैल तक लगाया जायेगा। मेले का आयोजन
नगर निगम उज्जैन करेगा। व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर से क्रय किये जाने वाले वाहनों के आरटीओ
पंजीयन पर 50 प्रतिशत छूट दी जायेगी। मेले में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बड़ी कम्पनियाँ मर्सडीज, नेक्सा,
महिन्द्रा, टाटा, हुण्डई, मारुति, होण्डा के स्टॉल प्रमुख रूप से होंगे। विक्रम व्यापार मेले में करीब 182 दुकानें
निर्मित की जा रही हैं। व्यापार मेले में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प की दुकानें आकर्षण का केन्द्र रहेंगी।
व्यापार मेला उज्जैन के पीजीवीटी में लगाया जा रहा है।
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प्रदेश में 9.61 लाख जरूरतमंद परिवारों को मंजूर हुए आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में मध्यप्रदेश का लगातार बेहतर प्रदर्शन
नीमच -नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को उनका खुद का घर देने के लिये लगातार ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 9 लाख 61 हजार जरूरतमंदों को आवास मंजूर किये जा चुके हैं। इसके लिये करीब 24 हजार 24 करोड़ रूपये के साथ-साथ बी.एल.सी. घटक के अंतर्गत 16 हजार 242 करोड़ रूपये भी मंजूर किये गये हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में मंजूर आवासों में से अब तक 7 लाख 32 हजार हितग्राहियों के मकान निर्मित कर दिये गये हैं।
एमपी को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट अवार्ड- प्रधानमंत्री आवास योजना के लगातार बेहतर क्रियान्वयन के
लिये मध्यप्रदेश को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट अवार्ड की श्रेणी में दूसरा पुरस्कार मिला है। अन्य योजनाओं
से अभिसरण, आईईसी (प्रचार-प्रसार) गतिविधियों का संचालन एवं राज्य स्तरीय तकनीकी प्रकोष्ठ के
प्रदर्शन में भी सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा दिया गया है। योजना के
प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का पुरस्कार (पीएमएवाई
(यू), एम्पावरिंग इंडिया अवार्ड) भी मिला है। केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की ‘खुशियों का आशियाना’
प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश को 4 पुरस्कार मिले हैं।
भूमिहीन परिवारों को निः शुल्क आवासीय पट्टा- योजना की सफलता के लिये राज्य सरकार द्वारा
किये गए कई नवाचारों तथा प्रभावी रणनीतियों का विशेष योगदान रहा है। शहरी क्षेत्र में भूमिहीन
परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे योजना के बी.एल.सी. घटक
के लाभ से वंचित न रहें। यह छोटे और मझोले शहरों में योजना का सबसे लोकप्रिय घटक है, जिसमें
हितग्राही अपने घर का निर्माण खुद ही करता हैं।
त्रिपक्षीय अनुबंध एवं अतिरिक्त हितलाभ- योजना के अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) घटक में
हितग्राहियों को बैंकों से ऋण लेने की कठिनाई को दूर करने के लिये विभाग द्वारा त्रिपक्षीय अनुबंध के
जरिये नगरीय निकायों की जिम्मेदारी पर हितग्राहियों को सुगमतापूर्वक ऋण दिलाया है। साथ ही शहरी
क्षेत्र के पंजीकृत गरीब निर्माण श्रमिक, जो हितग्राही-अंश की पूर्ति करने में सक्षम नहीं है, उनके लिये
प्रधानमंत्री आवास योजना में तय राशि के अलावा एक लाख रूपये तक का अतिरिक्त अनुदान
मुख्यमंत्री भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार आवास योजना से दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि
ए.एच.पी. घटक में राज्य व केंद्रीय अनुदान से गुणवत्तापूर्ण किफ़ायती आवास निर्माण कर शहरी
आवासहीन परिवारों को उपलब्ध कराया जाता है। योजना की गति बढ़ाने और हितग्राहियों को प्रोत्साहित
करने के लिये समय-समय पर राशि वितरण, गृह प्रवेश, भूमिपूजन के साथ हितग्राही संवाद कार्यक्रम भी
प्रदेश में लगातार किये जा रहे हैं।
विभागीय मंत्री के निर्देश- नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री आवास
योजना (शहरी) के बेहतर क्रियान्वयन के लिये विभागीय अधिकारियों को सतत् समीक्षा करने के निर्देश
दिये हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि केन्द्र सरकार, राज्य सरकार एवं नगरीय निकायों के सहयोग से
प्रदेश के सभी आवासहीन परिवारों के 'खुद का घर' के सपने को साकार किया जायेगा।