समाचार मध्यप्रदेश नीमच 26 फरवरी 2024

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समाचार मध्यप्रदेश नीमच 26 फरवरी 2024,
प्रधानमंत्री श्री मोदी देंगे आज संसदीय क्षेत्र को करोड़ो रूपये की सौगात,
नीमच रेलवे स्टेशन का होगा पुर्नविकास, प्रातः 10 बजे होगा वर्चुअल शुभारंभ ।
मंदसौर, नीमच- संसदीय क्षेत्र के इतिहास में विकास का एक और अध्याय जुड़ने जा रहा है। नीमच रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण, विश्वतरीय जन सुविधाओं के निर्माण एवं दो पैदल ओवरब्रिज की सौगात नीमच वासियों को मिलेगी ।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 41000 करोड़ की रेल परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकर्पण करेंगे। जिसमें अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के अंतर्गत 554 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास एवं 1500 रोड़ ओवर ब्रिजों/अंडरपास का लोकार्पण/शिलन्यास शामिल है। इस के तहत रतलाम मंडल के 11 स्टेशनों सहित नीमच एवं मंदसौर स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य किए जाएंगे। सुधीर गुप्ता ने बताया कि भारतीय रेल आधुनिकीकरण की दिशा में और भारत सरकार के न्यू इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय प्रतिष्ठानों के रूप में विकसित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होने बताया कि 10 वर्षो में रेलवे के क्षेत्र में संसदीय क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए है। जिस गति से रेल मार्ग का विद्युतीकरण और अब दोहरीकरण के पश्चात नीमच और मंदसौर स्टेशन का जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय किया जा रहा है यह अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है। योजना के प्रथम चरण में शामगढ़ में कार्य शुरू हो चुका है और अब नीमच और मंदसौर स्टेशनों का विकास की शुभ घड़ी आज आ गई।
नीमच में होंगे विकास कार्यnरैंप/एफओबी/पीएफ पर फर्श का सुधार, क्लॉक टॉवर के माध्यम से प्रवेश निकास, मौजूदा वेस्टिंग हॉल/रूम का सुधार, मौजूदा टोडेट्स का सुधार, रूफ प्लाजा के साथ 12 मीटर चौड़े नए एफओबी का प्रावधान, अग्रभाग और बरामदे की सुरक्षा में सुधार, ट्रैफिक सर्कुलेशन में सुधार और सर्कुलेटिंग एरिया का बीटिफिकेशन, मौजूदा खाली कमरे और वीआईपी कमरे का सुधार, सर्कुलेटिंग एरिया और पीएफ में रोशनी में सुधार, नए ग्लो साइन बोर्ड का प्रावधान, केबल ट्रेक के प्रावधान के साथ केबलों की ड्रेसिंग, वाटर कूलर, एसी, पंखे आदि अतिरिक्त सुविधाओं का प्रावधान, पीए प्रणाली का उन्नयन, पांच लाइन ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड का प्रावधान एवं एक नजर में डिस्प्ले बोर्ड का प्रावधान निर्माण कार्य होंगे । दिनांक 26 फरवरी 2024 को प्रातः 10:00 बजे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी वर्चुअल लोकार्पण भूमि पूजन करेंगे। नीमच रेलवे स्टेशन पर लोकप्रिय सांसद सुधीर जी गुप्ता नीमच क्षेत्र के विधायक दिलीप सिंह जी परिहार जावद के विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा मानसा के विधायक श्री माधव मारू भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार नगर पालिका अध्यक्ष स्वाती चोपड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह जी चौहान जनपद अध्यक्ष शारदा जी एवं अन्य जनप्रतिनिधि कार्यकर्ता गण मान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। आमजन कार्यकर्ता गण से विनम्र आग्रह की अधिक से अधिक संख्या में नीमच रेलवे स्टेशन पहुंचे।
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‘समाधान आपके द्वारा‘ योजना के तहत नीमच में शिविर सम्पन्न
9 हजार से अधिक प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का हुआ निराकरण
नीमच 25 फरवरी 2024, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा प्रदेश स्तर पर चलाये जा रहेविशेष अभियान समाधान आपके द्वार का आयोजन शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अन्यविभागों में सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में उदघाटन समारोह मेंप्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुशांत हुद्दार ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्ज्वलित करकार्यक्रम का शुभांरभ किया। इस मौके पर श्री कलेक्टर दिनेश जैन, पुलिस अधीक्षक श्री अकिंतजायसवाल, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) नीमच श्री अजय कुमार टेलर, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्बन्यायालय श्री डा.कुलदीप जैन,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री विजय कुमार सोनकर, प्रथम अपरजिला न्यायाधीश श्रीमती सोनल चौरसिया एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री संध्या मरावी एवंसमस्तन्यायाधीशगण, अध्यक्ष अभिभाषक संघ नीमच श्री मनीष जोशी एवं अन्य विभागों के अधिकारीगणउपस्थित थे।
इस शिविर में कुल 09 हजार 717 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिसमें नगरियनिकाय के 728 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 19 लाख 78 हजार की राशि का भुगतान हुआ एवं 728 लोकलाभान्वित हुये, राजस्व के कुल 923 प्रकरणों का निराकरण हुआ, विद्युत के 2 हजार आठ सो पैसठप्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुल राशि 01 करोड़ 14 लाख 88 हजार की वसुली हुयी एवं 728 लोकलाभान्वित हुये इसके आलावा सी.एम.हेल्प लाईन, वन विभाग, आबकारी, एवं पुलिस विभाग के भी प्रकरणोंका निराकरण हुआ। एवं शिविर में कुल 01 लाख 06 हजार 828 शासन के विभिन्न विभागों के लम्बितप्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें राजस्व विभाग के कुल 63 हजार 970 का निराकरण हुआ जिसमें कुल06 लाख 52 हजार रूपये की वसुली हुयी जिसमें 68 लाख तीन सो चव्वन लोग लाभान्वित हुये एवंनगरीय प्रशासन के 11581 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुछ राशि 57 लाख 49 हजार रूपये कीवसुली हुयी एवं 11581 लोग लाभान्वित हुये इसके आलवा ई गवेनेंस के 3702 प्रकरणों का निराकरणहुआ। लोक सेवा के 1744 प्रकरणों एव आर.टी.ओं के 1147 एवं महिला बाल विकास के 779 प्रकरणों कानिराककरण उक्त शिविर के माध्यम से हुआ।
समाधान आपके द्वार योजना अन्तर्गत आयोजित शिविर में न्यायालय में कुल 59 लम्बित प्रकरणोंका निराकरण हुआ, जिसमें 34 आपराधिक प्रकरणों का निराकरण शामिल है एवं 06 लाख 80 हजार 984रूपये कीवसुली हुई व 112 लोग लाभान्वित हुये एवं विद्युत विभाग के कुल 19 प्रकरणों का निराकरणहुआ, जिसमें 06 लाख 32 हजार 76 रूपये की वसुली हुई व 23 लोग लाभान्वित हुये। इसके अतिरिक्त 05सिविल प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुल 05 लाख रूपये की राशि वसुली की जाकर, 22 लोगलाभान्वित हुवे। साथ ही न्यायालय द्वारा 01 प्रिलिटिगेशन प्रकरण का भी निराकरण हुआ जिसमें 300रूपये की राशि वसुल की गई।
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उम्मेदपुरा में दूसरों की उम्मीद बन रही है हसीना बानो-
महिला आजीविका समूह से जुड़कर महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर
नीमच 25 फरवरी 2024, एक कमरे का मकान जिसमें पांच लोग रहते हैं। परंतु वह छोटा सा घर 15 परिवारों के भरण पोषणमें अपने महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। यह मकान जावद नगर से तीन किलोमीटर दूरी पर बसे गांव उम्मेदपुरा के हसीनाबी का है, जो गरीबी के दंश से उबरने के प्रयास कर रही है। साथ ही अपने आजीविका समूह से जुड़ी दूसरी बहनों को भी अपनेसाथ रोजगार के अवसर मुहैया करवा रही हैं। यह संभव हो पा रहा है, मध्यप्रदेश डे.राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारागठित दीवाना सरकार महिला आजीविका समूह के सहयोग से।हसीना बी कहती है, कि उन्होने रोजगार को बहुत ही छोटे पैमाने पर शुरू किया था, जिससे बमुश्किल परिवार के भरणपोषण की जुगत हो जाती थी, परंतु अब समूह गठन के बाद उसकी वित्तीय आवश्यकता की पूर्ति समूह के माध्यम से हो रही है।समूह से अभी तक उसने एक लाख 60 हजार रूपये का ऋण लेकर समय पर उसकी अदायगी कर अपने काम को बढ़ावा दियाहै।हाल ही में इस समूह को भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 3 लाख रूपये की सीसीएल राशि दी गई है। जिसका उपयोग समूह केसदस्यो ने अपने आजीविका संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया हैं। कलेक्टर श्री दिनेश जैन के निर्देशन में समूह कोमिशन की ओर से चक्रीय एवं सामुदायिक निवेश राशि के रूप एक लाख रूपये दिलवाने के साथ ही एसबीआई बैंक जावद सेसंयोजन कर सीसीएल द्वारा अभी तक 4.50 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं ।
समूह व्दारा संचालित कलेवा निर्माण की गतिविधि बनी आय का जरियाकलेवा जिसे आम बोलचाल की भाषा में लच्छा भी कहा जाता है उसका उपयोग हर समाज के व्यक्तियो द्वारा विभिन्न अवसरोंपर किया जाता है। इसके लिए उपयोग में लाऐ जाने वाले कच्चे सूत को मुंबई मिल से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से गांव तक बुलवायाजाता है, जहां पर सूत को अलग.अलग करने का काम समूह की दूसरी महिलाओं द्वारा किया जाता है उसके बदले में हसीनाबीद्वारा उनके काम के आधार पर उनका भुगतान करती है। जिसमें समूह से जुड़ी 15 महिलाएं प्रतिदिन 100 से 150 रूपये कीआय अर्जित कर लेती है। कच्चे सूत के बंडलों को अलग-अलग करने के बाद उसको बांधकर उसकी रंगाई का कार्य किया जाताहै। जो कि बडी मेहनत का कार्य होता है जिसमें काफी सावधानियां रखना पडती है।
निर्माण की प्रक्रिया के बाद उसको सूखाने का काम किया जाता है। छोटे.छोटे टुकड़ों में काटकर आकार के रूप में बंडल
तैयार किए थे। एक किलो की पैकिंग में उसको पैक कर अजमेर, पाली, दिल्ली, इंदौर, नीमच आदि बडे शहरों के व्यापारियों कोउनकी मांग के अनुसार भिजवा दिया जाता है। डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है।एक बार में 10 से 20 किवंटल कच्चा सूत मुंबई से बुलवाया जाता है । नीमच, पाली, उदयपुर आदि स्थानों से रंग खरीदेजाते हैं जो एक से ढाई हजार रुपए किलो की दर से बाजार में उपलब्ध होते हैं। लाल, हरा और पीला रंग इसमें उपयोग कियाजाता है। कलेवा निर्माण की प्रक्रिया पूरी होती है, जिसमें प्रति किलो करीब 50 से 60 रूपये प्रति किलो के मान सेमुनाफा होताहै।
इस तरह हंसीना बी हर माह करीब दस से पन्द्रह हजार रूपये महीना कमा लेती है और उनके साथ जुड़े हुए परिवार कीभी मासिक आय करीब 6 से 7 हजार रुपए हो जाती है । इस प्रकार मिशन से जुड़कर महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप सेसशक्त हो रही है ।जिला पंचायत सीईओ श्री गुरूप्रसाद कहते है, कि ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित महिला समूह के सदस्यो केपरम्परागत ज्ञान, कौशल एवं तकनीकी को संरक्षित कर उनके आजीविका के विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रयास कियेजा रहे हैं।