मंदसौरमध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के मंदसौर में 7 महिने में छटी घर वापसी हुई,अफसर ने अपनाया सनातन धर्म बना कृष्णा सनातनी 

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मन्दसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिला मुख्यालय पर 7 महीने में छटी घर वापसी हुई है। सोमवार को 2 बजे दोपहर में गायत्री शक्तिपीठ में अफसर मंसूरी पिता रुस्तम मंसूरी उम्र 32 वर्ष ने इस्लाम त्यागकर वैदिक विधि विधान से पंचगव्य स्नान कर सनातन अपनाया। इसके बाद अफसर का नाम कृष्णा सनातनी हो गया। अफसर मंसूरी जिला मन्दसौर के ग्राम कचनारा का निवासी है हाल मुकाम कयामपुर जिला मन्दसौर है। अफसर पहले से मंदिर जाता था और पूजा पाठ करता था। मंगलवार का व्रत भी करता था। बहुत पहले ही सनातन अपनाना चाहता था लेकिन कोई सहायता करने वाला नहीं मिला। अफसर को चैतन्य सिंह राजपूत के बारे में जानकारी मिली इसके बाद उनसे मिलकर अपनी इच्छा जाहिर करते हुए सनातन अपनाने की बात कही। चैतन्य सिंह राजपूत ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए वैदिक विधि विधान से अफसर मंसूरी की घर वापसी करवाई।

जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर दो बजे गायत्री शक्तिपीठ पहुंचे कयामपुर में रह रहे 32 वर्षीय अफसर पुत्र रुस्तम मंसूरी निवासी कचनारा ने वैदिक विधि-विधान से पंचगव्य स्नान कर सनातन धर्म अपनाया। अफसर ने बताया कि मैं पहले से ही मंदिर जाता रहा हूं और पूजा-पाठ भी करता हूं। मंगलवार का व्रत भी करता हूं। बहुत पहले ही मतांतरण करना चाहता था, लेकिन कोई सहायता करने वाला नहीं मिला।

अफसर को चैतन्यसिंह राजपूत के बारे में जानकारी मिली तो उनसे मिलकर इच्छा जाहिर करते हुए मतांतरण करने की बात कही। इसके बाद चैतन्यसिंह राजपूत ने पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उसके बाद वैदिक विधि विधान से अफसर मंसूरी का मतांतरण कराया।

तीन युवतियों ने किया मतांतरण, दो ने विवाह किया

मंदसौर के निवासी जफर शेख ने 27 मई को सबसे पहले मतांतरण किया था, तब शेख जफर को चैतन्यसिंह राजपूत का नाम मिला था। उनकी पत्नी पहले ही हिंदू थीं। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में 46 साल के शेख को महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती द्वारा विधि-विधान से पूजन हवन कर सनातन धर्म की दीक्षा दी गई थी। इसके बाद 11 सितंबर को चैतन्यसिंह ने जोधपुर की इकरा बी का मतांतरण कराया। उसे नया नाम इशिका दिया गया। इसके साथ ही इशिका का विवाह मंदसौर के राहुल से गायत्री मंदिर में कराया गया। इसके अलावा 17 नवंबर को गुना जिले के कुंभराज से आई नाजमीन ने भी मतांतरण किया था। उसे नैंसी नाम देकर कुंभराज के ही दीपक गोस्वामी से विवाह कराया गया था।

अब तक इन सभी ने किया मतांतरण
27 मई 2022 : मंदसौर जफर शेख बने चैतन्यासिंह राजपूत।
9 सितंबर 2022 : जोधपुर से आई इकरा बनी इशिका।
30 सितंबर 2022 : धमनार के मोहम्मद निसार से सोनूसिंह बना।
5 अक्टूबर 2022 : भीलवाड़ा की लड़की ने मतांतरण किया, पर वह सार्वजनिक नहीं होना चाहती थी।
1 नवंबर 2022 : कच्छ- गुजरात के अब्दुल रशीद बने अनमोलसिंह।

17 नवंबर 2022 : गुना जिले के कुंभराज की नाजमीन बनी नैंसी गोस्वामी।
12 दिसंबर 2022 : कचनारा के अफसर मंसूरी बने कृष्णा सनातनी।

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