
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की तरफ से ऑनलाइन पेमेंट करने वालों को नए साल में बड़ा तोहफा दिया गया है। मौजूदा वक्त में ऑनलाइन पेमेंट का काफी इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ऑनलाइन पेमेंट की राहत में एक बड़ी दिक्कत सेट लिमिट थी। मतलब सरकार ने एक दिन में 1 लाख से ज्यादा रुपये के लेनदेन पर रोक लगा रखी थी। हालांकि अब नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई के साथ मिलकर इस समस्या का हल निकाला है, जिसके बाद एक बार में 5 लाख रुपये का यूपीआई पेमेंट किया जा सकेगा। हालांकि इसकी कुछ शर्तें हैं, जिसे सभी यूजर्स को मालूम होना चाहिए।
1 लाख से 5 लाख हुई लिमिट
एनपीसीआई ने अस्पताल और शिक्षण संस्थानों जैसी जरूरी संस्थाओं के पेमेंट के लिए एक बार में 5 लाख रुपये के ऑनलाइन पेमेंट में छूट दी है। यह नया नियम 10 जनवरी से लागू हो जाएगा। इसके बाद सभी एजूकेशनल इंस्टीट्यूट और अस्पताल के बिल को अदा करने के लिए यूजर्स एक बार में अधिकतम 5 लाख रुपये का पेमेंट कर पाएंगे। इसके लिए एनपीसीआई की ओर से बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को एडवाइजरी जारी कर दी गई है।
पेमेंट लिमिट में हुआ इजाफा
एनपीसीआई की ओर से 1 लाख से 5 लाख पेमेंट लिमिट को वेरिफाइड मर्चेंट के लिए लागू किया जाएगा। मर्चेंट को बढी हुई सीमा के साथ पेमेंट मोड के तौर पर यूपीआई इनेबल करना जरूरी होगा। एनएमएच न्यूज़ मौजूदा वक्त में नेशनल पेमेंटस काउंसिल ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की ओर से णझख पेमेंट लिमिट को 1 लाख रुपये रोजाना रखा गया है। पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में आरबीआई ने 5 लाख पेमेंट लिमिट करने का प्रस्ताव रखा था। जिससे पेटीएम, गूगल पे और फोनपे जैसे पेमेंट ऐप को फायदा होगा।
यूपीआई पेमेंट में भारत सबसे आगे
अगर यूपीआई पेमेंट की बात करें, तो साल 2023 में यूपीआई पेमेंट के मामले में भारत ने 100 बिलियन का आंकड़ा पार कर लिया। इस पूरे साल करीब 118 बिलियन का यूपीआई पेमेंट हुआ है। इसमें पिछले साल की तुलना में 60 फीसद की ग्रोथ दर्ज की गई है