धर्म संस्कृतिमध्यप्रदेशमहिदपुर
आदिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर बनाया घी का मेरु पर्वत

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झारड़ा ।माघ वदी त्रयोदशी के दिन भगवान ऋषभदेव अष्टापद पर्वतपर 10,000 मुनियों के साथ मोक्ष गए, निर्वाण को प्राप्त हुए, इसलिए यह त्रयोदशी मेरु तेरस के नाम से प्रसिद्ध हुई, इस दिन जैन धर्मावलंबी देशी घी का मेरु बनाकर मंदिर जी में भगवान के सम्मुख चढ़ाते हैं इसी परंपरा का निर्वाहन झारड़ा में भी किया गया त्रिशला महिला मंडल झारड़ा के द्वारा श्री महावीर स्वामी जिनालय मे घी से बना मेरु चढ़ाया गया मेरु निर्माण रुपिता चोरड़िया द्वारा किया गया इस अवसर पर मधुकांता बेन तांतेड़, सुगन बेन जैन, ममता रामसना, शोभा पितलिया, सरिता सोनी, मंजू पितलिया, पुखराज पितलिया, रंजना जैन, रंजीता आंचलिया, रीना नवलखा, पूनम रामसना, आदि उपस्थित थे