मेले को लेकर आ रही कठिनाइयों पर विधायक सिसोदिया ने की कलेक्टर से चर्चा ,राज्य निर्वाचन आयुक्त को भी कराया अवगत

मंदसौर। भगवान पशुपतिनाथ की नगरी मंदसौर में प्रतिवर्ष कार्तिक मेला लगता है लेकिन इस वर्ष चुनाव आचार संहिता के कारण मेला संचालन की अनुमति अब तक नहीं मिल पाई है, जिसके कारण मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।इसको लेकर विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने दूरभाष पर कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से चर्चा की और व्यापारियों की कठिनाई दूर करने का आग्रह किया। श्री सिसोदिया ने राज्य निर्वाचन आयुक्त अनुपम राजन से भी दूरभाष पर चर्चा की और व्यापारियों की कठिनाइयों से अवगत कराया।
विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ का बीस दिवसीय मेला भव्य स्वरूप में प्रतिवर्ष लगता है इस मेले में दूर-दूर से व्यापारी व्यवसाय के लिए आते हैं ,मंदसौर नगर ही नहीं अपितु पूरे जिले भर और आसपास के ग्रामीण अंचल समेत समीप के राजस्थान के लोगों को भी पशुपतिनाथ मेले का इंतजार रहता है। देवउठनी एकादशी से यह मेला प्रारंभ होता है और कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेंला अपने भव्य स्वरूप में हो जाता है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि देवउठनी एकादशी में अब सिर्फ दो दिन का ही समय बचा है लेकिन अब तक चुनाव आयोग से मेले की अनुमति नहीं मिलने के कारण नगर पालिका मेले की तैयारी नहीं कर पा रही है, जिसके कारण बाहर से आने वाले व्यापारियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है वह अब तक अपनी दुकान नहीं लगा पाए हैं। श्री सिसोदिया ने इसको लेकर कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से दूरभाष पर चर्चा की और व्यापारियों की कठिनाइयों को दूर करने का आग्रह किया ।चर्चा के दौरान कलेक्टर यादव ने अवगत कराया कि मेले के संचालन की अनुमति के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक मेले की अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में एक बार पुनः राज्य निर्वाचन आयोग से पत्राचार के साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग के माध्यम से भी मेला संचालन की अनुमति के लिए प्रयास किए गए है।
श्री सिसोदिया ने मेले की अनुमति और व्यापारियों की समस्याओं को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त अनुपम राजन से भी दूरभाष पर चर्चा की और आग्रह किया कि भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में लगने वाले कार्तिक मेले को अनुमति दी गई है इस तरह मंदसौर में भी आस्था के केंद्र बिंदु भगवान पशुपतिनाथ के मेले को अनुमति दी जानी चाहिए यह जन-जन की अपेक्षा है।