समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 09 अगस्त 2025 शनिवार

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जिले में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 202 लोगों को मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से 28 लाख 37 हजार रूपये की राहत राशि प्रदान की
प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों को राहत राशि वितरण कार्यक्रम को हितग्राहियों ने एनआईसी कक्ष से देखा और सुना
मंदसौर 8 अगस्त 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व मुख्यमंत्री निवास भोपाल से एनआईसी के माध्यम से जुड़कर सिंगल क्लिक द्वारा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित मंदसौर जिले की 202 हितग्राहियों को 28 लाख 37 हजार रूपये की राहत राशि प्रदान की। इस दौरान मंदसौर एनआईसी कक्ष में पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, प्रभारी अधीक्षक भू अभिलेख श्रीमती स्वाति तिवारी, मंदसौर एसडीएम श्री शिवलाल शाक्य, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हितग्राही मौजूद थे।
प्रभावितों को राहत राशि वितरण के अंतर्गत मंदसौर ग्रामीण के आठ हितग्राहियों को मकान क्षती पर 40 हजार रूपये की राहत। मंदसौर नगर के चार हितग्राहियों की मकान क्षती पर 21 हजार की राहत। दलोदा में एक पशु हानि पर 37 हजार 500 रूपये एवं 14 हितग्राहियों को मकान क्षती पर 32 हजार 600 रूपये की राहत राशि प्रदान की गई। सीतामऊ के 18 हितग्राहियों को मकान छती पर 93 हजार रूपये की राहत प्रदान की।
सुवासरा में 2 जनहानि पर 2 हितग्राहियों 8 लाख रूपये की राहत राशि, 2 पशु हानि पर 67 हजार 500 की राहत राशि एवं 25 हितग्राहियों को मकान क्षती पर 62 हजार 350 रुपए की राहत राशि प्रदान की गई। शामगढ़ में 2 पशु हानि पर 75 हजार रूपये की राहत राशि एवं 12 हितग्राहियों को मकान छती पर 25500 रुपए की राहत राशि प्रदान की गई। गरोठ में 1 जनहानि पर 1 हितग्राहियों 4 लाख की राहत राशि, एवं 34 हितग्राहियों को मकान क्षती पर 1 लाख 44 हजार रुपए की राहत राशि प्रदान की गई। मल्हारगढ़ में 1 पशु हानि पर 37500 की राहत राशि एवं 4 हितग्राहियों को मकान क्षती पर 14 हजार रुपए की राहत राशि प्रदान की गई।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज कारी भाई को 4 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की
पति की मृत्यु के बाद कारी बाई के लिए सरकार की राहत वरदान साबित हुई
मंदसौर 8 अगस्त 25/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और गरीबों को समान अवसर प्रदान करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज NIC के माध्यम से मंदसौर जिले के झावल की रहने वाली कारी बाई को 4 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की है।
प्राकृतिक आपदा के कारण कारी बाई के पति की 45 वर्ष की उम्र मृत्यु हो गई थी। जिसके कारण उनके घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से तहस नहस हो चुकी थी। इनके दो बेटे और एक बेटी है, पूरा परिवार मजदूरी करके अपना पालन पोषण करता है। ऐसी दुख की घड़ी में सरकार ने इनको सहारा प्रदान किया। कारी बाई और उनके बेटे कहते हैं कि पिताजी के गुजर जाने के पश्चात हम बिल्कुल अकेले हो गए थे, बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। किसी ने हमको सहारा नहीं दिया, लेकिन ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार ने हमारा हाथ थामा, हमें राहत प्रदान की एवं एक जीने की उम्मीद दी। ऐसी सरकार को हम बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं, जो की गरीबों की मदद करने में हमेशा तत्पर रहती है।
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज भंवर लाल नायक को 10 हजार रुपए की राहत राशि प्रदान की
मंदसौर 8 अगस्त 25/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और गरीबों को समान अवसर प्रदान करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज NIC के माध्यम से मंदसौर जिले के लामगरा के रहने वाले भंवर लाल नायक को 10 हजार रुपए की राहत राशि प्रदान की है।
प्राकृतिक आपदा के कारण भंरवरलाल नायक के घर के चद्दर हवा में उड गये थे एवं इनके घर का भी नुकसान हो गया था। ऐसी दुख की घड़ी में सरकार ने इनको सहारा प्रदान किया। इनको 10 हजार रू की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इनके द्वारा घर पर पुन: चद्दर डाल दिये है। अब यह परिवार सहित उसी घर में सुकून से रह रहे है। ये प्रदेश सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं, जो की गरीबों की मदद करने में हमेशा तत्पर रहती है।
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गांधी सागर में जल प्रदाय योजना अंतर्गत हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान की हुई गतिविधियां
मंदसौर 8 अगस्त 25/ गांधी सागर में जल प्रदाय योजना में हर घर तिरंगा व हर घर स्वच्छता के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित। मध्यप्रदेश जल निगम परियोजना क्रियान्वयन इकाई मंदसौर द्वारा क्रियान्वित की जा रही। गांधी सागर 1 समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित ग्रामों, नाटाराम, हिंगोरिया बड़ा, अरनिया चरण, खूंटी, भटाना में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव स्वच्छता के संग” के अंतर्गत रैली, स्वच्छता शपथ, साबुन से हाथ धुलाई इत्यादि गतिविधियों का आयोजन किया गया।
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रक्षाबंधन भाई–बहन के प्रेम, विश्वास और संरक्षण का अद्भुत बंधन : प्रभारी सुश्री भूरिया
लाड़ली बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मंदसौर 8 अगस्त 25/ महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने रक्षाबंधन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई–बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और संरक्षण का अद्भुत प्रतीक है, जो रिश्तों में अटूट विश्वास और स्नेह का संचार करता है।
सुश्री भूरिया ने कहा कि रक्षाबंधन का यह अवसर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का समय है। हमें महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और बच्चों के स्वस्थ व सशक्त भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि इस दिन हम सभी अपनी बहनों, माताओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन न केवल भाई–बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, बल्कि हमें एक सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रेम और सौहार्द के इस पर्व पर हम सभी मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दें।
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13 अगस्त रक्तदान एवं नेत्र परीक्षण शिविर
शामगढ़- नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती कविता नरेंद्र जी यादव के जन्मदिन 13 अगस्त के शुभ अवसर पर विशाल रक्तदान एवं नेत्र परीक्षण शिविर दिनांक 13 अगस्त 2025 बुधवार ,समय 10:00 बजे से 2:00 बजे तक स्थान – सिविल हॉस्पिटल शामगढ़
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शपथ पत्र बनवाने के लिए अब 50 की जगह 200 रुपये
शपथ पत्र बनवाने के लिए अब 50 की जगह 200 रुपये और अचल संपत्ति के एग्रीमेंट के लिए 1000 की जगह 5000 रुपये का स्टांप लगेगा। ऐसे 12 तरह के कामों के लिए स्टांप शुल्क में वृद्धि होने वाली है। इसके लिए विधानसभा में प्रस्तुत भारतीय स्टांप (मप्र संशोधन) विधेयक 2025 बुधवार को पारित हो गया है। चर्चा के दौरान कांग्रेस ने विधेयक का जमकर विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। इसके साथ ही वाणिज्यिक कर विभाग से जुड़े तीन और विधेयक पारित किए गए।
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छात्राओं को मिला निर्माण की आधुनिक तकनीक को करीब से देखने का अवसर–
बाबजी एएसी ब्लॉक प्लांट विज़िट को बताया ज्ञानवर्धक अनुभव-
नीमच। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के तत्वावधान में आज शुक्रवार को मनासा तहसील के दो स्कूल पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल मनासा और पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल कुंडला की छात्राओं ने नीमच जिले के झांझरवाड़ा स्थित बाबजी एएसी ब्लॉक प्लांट का एक्सपोजर विज़िट किया। यह प्लांट देश के सबसे अत्याधुनिक डबल एसी ब्लॉक निर्माण की इकाइयों में से एक है। इस दौरान छात्राओं ने आधुनिक निर्माण तकनीकों को नजदीक से देखा और समझा कि किस तरह पारंपरिक ईंटों की जगह एएसी ब्लॉक उपयोग कर भवन निर्माण को अधिक सरल, किफायती और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है।
छात्राओं ने किया प्लांट का एक्सपोजर विज़िट-
कन्या स्कूल की छात्रा संजना गोयल ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो के तत्वावधान में आयोजित औद्योगिक एक्सपोज़र विज़िट के तहत मनासा तहसील के दो स्कूलों की छात्राओं ने नीमच के झांझरवाड़ा स्थित देश के सबसे अत्याधुनिक बाबजी एएसी ब्लॉक प्लांट का दौरा किया। इस दौरान छात्राओं ने न केवल एएसी ब्लॉक के निर्माण की वैज्ञानिक विधि को प्रत्यक्ष रूप से देखा, बल्कि निर्माण क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को भी समझा।
छात्राओं ने मीडिया के सामने शेयर किए अनुभव-
एक अन्य छात्रा रानू ने बताया कि विज़िट के पश्चात छात्राओं ने मीडिया के समक्ष अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह प्लांट मेक इन इंडिया अभियान के तहत हो रहे औद्योगिक और तकनीकी विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। छात्राओं ने इसे अत्याधुनिक, स्वचालित और पर्यावरण-अनुकूल प्लांट की संज्ञा दी। यह विज़िट उनके लिए बेहद प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रही।
मोदी जी का मेक इन इंडिया हो रहा साकार-
दिनेश कुमार ने बताया कि बाबजी एएसी ब्लॉक भारत को नई मजबूती दे रहा है। आज बच्चों के साथ पहुंचकर बाबजी के प्लांट पर एएसी ब्लॉक के निर्माण की प्रोसेस को बारिकी से देखा और समझा है। एएसी ब्लॉक के उत्पादन प्रक्रिया, उसकी गुणवत्ता और निर्माण में लगने वाली आधुनिक मशीनें देखकर यह एहसास हुआ कि भारत अब पारंपरिक निर्माण विधियों से आगे बढ़कर नवाचार की ओर तेजी से अग्रसर है। मोदी जी के मेक इन इंडिया के तहत औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हो रहा है।
पारंपरिक ईंटों के मुकाबले एएसी ब्लॉक अधिक मजबूत-
छात्राओं ने बताया कि पारंपरिक ईंटों के मुकाबले एएसी ब्लॉक अधिक मजबूत, हल्के, थर्मल और साउंड इंसुलेटिव होते हैं, जिससे यह निर्माण को अधिक टिकाऊ और किफायती बनाते हैं। यह जानकारी उन्हें न केवल पुस्तकीय ज्ञान से अलग एक व्यावहारिक अनुभव के रूप में मिली, बल्कि इससे उनके करियर और शिक्षा की दिशा में भी मार्गदर्शन मिला। छात्राओं ने बीआईएस और बाबजी इंडस्ट्रियल प्राइवेट लिमिटेड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी शैक्षणिक यात्राएं भविष्य में और अधिक छात्रों को औद्योगिक जगत की वास्तविकता से जोड़ने में मदद करेंगी।
नीमच बन रहा है एएसी ब्लॉक निर्माण का प्रमुख केंद्र-
बाबजी इंडस्ट्रियल प्राइवेट लिमिटेड का यह अत्याधुनिक प्लांट अब नीमच को एएसी ब्लॉक निर्माण के क्षेत्र में पहचान दिला रहा है। इस प्लांट में बनने वाले ब्लॉक्स ने कम समय में 5 एमपीए से अधिक स्ट्रेंथ हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गुणवत्ता सिद्ध की है। यह ब्लॉक्स न केवल आईएसआई के सभी मानकों पर खरे उतरते हैं, बल्कि अब आईएसओ 9001 सर्टिफिकेशन भी प्राप्त कर चुके हैं।
राष्ट्र निर्माण में एक मजबूत विकल्प-
प्लांट प्रवक्ता के अनुसार बाबजी एएसी ब्लॉक की विभिन्न सरकारी एवं निजी प्रयोगशालाओं में हुई टेस्टिंग में इसकी गुणवत्ता हर बार प्रमाणित हुई है। इसकी मजबूती, टिकाऊपन और तकनीकी श्रेष्ठता इसे राष्ट्र निर्माण में एक मजबूत विकल्प बनाती है। यही कारण है कि यह ब्लॉक अब लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग बोर्ड, सीएम राइज स्कूल, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल निगम और गांधी सागर प्रोजेक्ट जैसे शासकीय कार्यों में भी उपयोग किया जा रहा है।
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आधार केंद्रों की स्थापना हेतु आवेदन 20 अगस्त तक आमंत्रित
जिले की 9 परियोजनाओं में होंगे नवीन आधार केंद्र स्थापित
मंदसौर 8 अगस्त 25 / जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री बी. एल. विश्नाई द्वारा बताया गया कि मन्दसौर जिले में जनसुविधा को दृष्टिगत रखते हुए आधार पंजीयन, अद्यतन हेतु नवीन आधार केन्द्रों की स्थापना मंदसौर जिले की 9 परियोजनाओं हेतु प्रति परियोजना 2-2 ऑपरेटर परियोजना भानपुरा, गरोठ 1, गरोठ 2, मल्हारगढ़, मंदसौर शहर, मंदसौर ग्रामीण 1, मंदसौर ग्रामीण 2 में की जाना है। जिला कलेक्टर के माध्यम से रजिस्ट्रार महिला एवं बाल विकास के अधीन बाल विकास परियोजनाओं में स्थित आधार मशीनों के संचालन हेतु आवश्यकतानुसार ऑपरेटर्न का चयन किया जाना है।
आधार पंजीयन, अद्यतन कार्य करने हेतु इच्छुक व्यक्ति जो कक्षा 12 वी उत्तीर्ण हो, NSEIT द्वारा आयोजित आधार परीक्षा उत्तीर्ण हो, संबंधित जिले का निवासी हो, ऑपरेटर UIDAI द्वारा ब्लैक लिस्टेड व सस्पेंडेड न हो, आधार कार्य का अनुभव हो, एक समान योग्यता होने पर एक से अधिक आवेदक होने पर अनुभव वाले आवेदक को प्राथमिकता होगी, आवेदक पर कोई आपराधिक प्रकरण पंजीबदध न हो।
आवेदक स्वयं के नेटवर्क पर परियोजना कार्यालय, परियोजना अधिकारी द्वारा नियत स्थान पर आधार पंजीयन का कार्य करना चाहते है आवेदक स्वयं अपना आवेदन 20 अगस्त 2025 तक कार्यालयीन दिवसों में प्रात: 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक उपस्थित होकर कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 308, कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग मन्दसौर में प्रस्तुत कर सकते है। निर्धारित समय-सीमा के पश्चात प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जावेगा। अधिक जानकारी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग मन्दसौर में सम्पर्क कर सकते हैं।
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15 अगस्त/ स्वतंत्रता दिवस को रहेगा शुष्क दिवस: कलेक्टर श्रीमती गर्ग
मंदसौर 8 अगस्त 25 / 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस को शुष्क दिवस घोषित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर जिला मंदसौर जिले की समस्त देशी / विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकानें, समस्त मदिरा गोदाम, एफ.एल.-2 बार / एफ.एल.-2 कक तथा देशी मदिरा भाण्डागार मंदसौर एवं गरोठ बंद रखे जायेंगे। इस शुष्क दिवस पर संपूर्ण जिले में मदिरा का क्रय विक्रय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग ने आदेश जारी कर आबकारी विभाग के मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस आदेश का कढाई से पालन सुनिश्चित करें।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
मध्यप्रदेश को संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर के लिए मिला ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेस स्वर्ण
पुरस्कार’
दस्तावेजों का पेपरलेस ई-पंजीयन करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों एवं वाणिज्यिक कर विभाग को दी बधाई
मंदसौर 8 अगस्त 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 10 अक्टूबर 2024 को राज्य स्तर पर शुरू किए गए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर ने मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अभिनव पहल को वर्ष 2025 को राष्ट्रीय ई गवर्नेस पुरस्कार’ में ‘सार्ण श्रेणी का सम्मान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा यह पुरस्कार “Government Process Re-engineering by use of technology for Digital Transformation श्रेणी में प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों, वाणिज्यिक कर विभाग, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “संपदा 2.0 ने मध्यप्रदेश को डिजिटल भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाया है। यह पहल न केवल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल तरीके से पंजीयन सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह हमारे डिजिटल और सुशासन के संकल्प का महत्वपूर्ण कदम है।”
भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग एवं महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने भी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का वीडियो के वाई-सी के माध्यम से फेसलेस पंजीयन संभव हुआ है, जिसमें उप-पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहती। यह प्रक्रिया इम्परसनेशन एवं भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्ट्रांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं।
पूर्ववर्ती संपदा 1.0 की तुलना में संपदा 2.0 में पक्षकारों और संपत्ति की पहचान आधार ई-ओथ एवं ई-केवाईसी के माध्यम से की जाती है, संपत्ति का विवरण संबंधित विभाग से सीधे एकीकृत कर लिया जाता है और दस्तावेज का प्रारूपण स्वचलित रूप से विधिक आवश्यकताओं सहित तैयार होता है। दस्तावेजों पर ई-साइन अथवा डिजिटल साइन से हस्ताक्षर किए जाते हैं और पंजीयन पूर्ण होते ही ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं।
यह सम्मान 28वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेस में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे एवं पुष्टिकरण की तीन-स्तरीय प्रक्रिया के बाद की गई है।