झील महोत्सव में बाहरी लोगों को तवज्जो देने से स्थानीय लोगों में रोष

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गाँधीसागर पर्यटन स्थल को नई पहचान बनाने के लिए पूर्व में पर्यटन विभाग ने झील महोत्सव आयोजित किया गया था जिसमे कुछ स्टॉल लगाए गए थे जिसमे अधिकांश लगभग 90 प्रतिशत बाहरी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया जिसका स्थानीय स्तर पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा था । इसके बाद झील महोत्सव का नाम परिवर्तन कर फ्लोटिंग फेस्टीवल कर और बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे स्थानीय सहित नजदीकी जिले सहित राजस्थान राज्य के पर्यटको ने समा बांधा । इस फेस्टीवल में जरूर स्थानीय नागरिक को तव्वजो दी गयी गाँधीसागर सहित जिले के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों से सम्पर्क कर कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास किया गया और एक हद तक सफल भी हुए । हांलाकि कुछ खामियों के पश्चात् स्थानीय लोगों को तत्वजों देने के बाद स्थानीय के सहयोग से खामियों पर पर्दा डाला गया । 27 अम्टोम्बर 2023 से पुनः दुसरी कडी में यह फ्लोटिंग फेस्टिवल का शुभारंभ किया गया वह भी प्रदेश में विधानसभा चुनाव में आचार संहिता लागू होने के पश्चात् ? पर्यटन विभाग ने जिस गुजरात की कम्पनी लल्लू एण्ड संस को एग्रीमेट किया उसकी बानगी देखिए तस्वीरें स्पष्ट हो जाएगी कि विगत वर्ष संपादित कार्यक्रम में स्थानीय आमजन से मानवीय अपनापन बना प्रत्येक क्षेत्र जिसमे कला , व्यवसाय , सांस्कृतिक , राजनैतिक सहित विभिन्न अनगिनत जानकरी एकत्र कर अपना क्रेडिट प्राप्त कर इस वर्ष अपना मतलब स्वार्थ सिद्ध कर महज गाँधीसागर भानपुरा के धनाढय लोगों के सहारे कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । यहाँ मध्यप्रदेश शासन प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब चुनाव आयोग द्वारा जारी आचार संहिता लागू होना निश्चित है तो आखिर क्यों यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है क्या केन्द्रीय चुनाव आयोग के नियमो से प्रशासन अनभिज्ञ था या जानबूझ कर इस कार्यक्रम के आयोजित करने के लिए मंदसौर नीमच जिले सहित नजदीकी राजस्थान राज्य में प्रसारित किया गया | जबकि पिछले कार्यक्रम में व्यावसायिक में लोकल की सहभागिता से कार्यक्रम को सफल बनाकर लल्लू एण्ड संस ने शासन प्रशासन की आड में 1वाहीवाही लूटी तो इस बार स्थानीय को नजर अंदाज क्यों किया गया । आखिर लल्लू एण्ड संस ने ऐसा कोन सा गेम खेला कि स्थानीय की सहभागिता दरकिनार कर आचार संहिता की आड में प्रथम पांच दिवसीय फूड तथा अन्य स्टॉल को दरकिनार कर निरस्त कर दिया |
गाँधीसागर के लोगों का सवाल है कि पर्यटन विभाग एवं अनुबंधित गुजराती कम्पनी इस फ्लोटिंग फेस्टिवल में महज अपना स्वार्थ सिद्ध कर रही है ?
आखिर फ्लोटिंग फेस्टीवल मैनेजमेन्ट क्यों स्थानीय लोगों को रोजगार देने में क्यों कतरा रहे है जबकि विगत वर्ष आयोजित कार्यक्रम में शासन प्रशासन ने स्थानीय बेरोजगारों सहित व्यवसासियो की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जोर दिया गया था । और इस वर्ष सहभागिता से कन्नी काटने के से स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश पनप रहा है।
उपसरपंच पंकज प्रजापति , नरेन्द्र सिंह खिंची , महेन्द्र सिंह आरोड़ा , अनूप गुप्ता आदि ने बताया कि शासन स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर कहा जाता था कि पर्यटन क्षैत्र बनने से रोजगार के नये आयाम स्थापित होगें । मगर यहाँ शासन के उपरोक्त व्यक्तत्व बोने साबित होते रहे है ।
सरपंच मनीष मनिष परिहार का कहना है कि इस वर्ष इस समस्या को संज्ञान लेते हुए फ्लोटिंग फेस्टिवल के मैनेजमेंट से स्थानीय स्तर पर आयोजित प्रत्येक गतिविधियो में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाए चर्चा दौरान स्वीकृति भी प्रदान की गई मगर कार्यक्रम शुभारम्भ पर इनके द्वारा स्थानीय लोगों की अनदेखी की गयी है जो कि मानवीय मूल्यों से अनुचित रवैया अपनाया जा रहा है ।