आंगनवाडी और शिक्षा से वंचित बच्चो को पोषाक वितरण से किया लाभान्वित

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शाला पूर्व शिक्षा और पोषण से वंचित बच्चो को पोषाक वितरण किया गया
उरमूल खेजड़ी संस्थान और जिव दया फाउंडेशन के सयुक्त तत्वधान से चलाये जा रहे,शाला पूर्व शिक्षा एवं पोषण कार्यक्रम के तहत नायको की ढाणी ग्राम बुरड़ी पंचायत झाडेली तहसील डेह में संचालित केंद्र पर नियमित 6 महा से 6 आयु वर्ग के 35 बच्चो को नियमित दूध एवं बिस्किट दिया जा रहा है जिसमे दूरदराज में निवास करने वाले परिवारों के बच्चो को लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे शाला पूर्व शिक्षा और पोषण की कमी से बचाने के उद्देश्य से करीब 35 बच्चो के साथ रोजाना गतिविधि चल रही है ! बच्चो अपने आप मे एक-दुसरे के प्रति पोषाक को देख कर यह नहीं लगे की हम बच्चे गरीब है इस लिए पोषाक एक जैसी नहीं खरीद सकते और अभिभावकों पर भी पोषाक के लिए वित्तीय भार नहीं पढ़े ! इसी को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चो को एक जैसी पोषाक,जूते आदि वितरण किये गये !इस कार्यक्रम में उपस्थित महिला साथी सोहनी,कैलासी,रूपा ने अपने अनुभव मे बताया कि हम लोग पिछले सात-आठ वर्षो से खेतो मे घर बनाकर रहते है, जिससे छोटे बच्चो को शिक्षा, अंगानवाडी सुविधा नहीं मिल पाती है ! क्योकि यहा पर सभी लोग अपने-अपने खेतो मे रहते है, तथा बच्चो को गाँव मे भेजते है तो रास्ते मे हाइवे पार करके जाना होता है जिसके कराण छोटे बच्चो के लिए खतरा रहता है इसलिए इस कार्यक्रम से बच्चे भाग लेकर अपनी समझ बनाने के बाद स्कूल जाने योग्य हो जायेंगे !
गिरधारीराम ने बताया की मे निर्माण श्रमिक हु मेरे 3 बच्चे है और मुझे हमेशा मजदूरी करने के लिए अपने गाँव से बाहर जाना पड़ता है, स्कूल,अंगानवाडी दूर होने के कारण बच्चे इस केंद्र पर नियमित आकर पोषण से लाभान्वित हो रहे है,पोषण मे दूध और बिस्किट मिल रहा है जिससे मे खुश हु।
केंद्र संचालाक मंजू ने बताया की शुरुवात से लेकर आज बहुत बदलाव देखने को मिला है, अभिभावक बच्चो को केंद्र तक पहुचाते है और वापस भी लेकर जाते है पहले बच्चो मे दूध पिने की अदात नहीं के बारबर थी, वही बच्चे आज एक बार दूध पीकर दूसरी बार दूध की मांग करते है! बच्चो मे साफ़-सफाई और शाळा मे उठने-बैठने को लेकर भी बदलाव नजर आता है, जो दिन प्रति दिन बढ़ रहा है
उरमूल खेजड़ी संस्थान सचिव श्रीधन्नाराम ने बताया की यह कार्यक्रम ऐसे परिवारों के बच्चो के लिए है,जो पोषण और प्री शिक्षा से वंचित है, क्योकी उनके अभिभावक अपनी आजीविका के लिए गाँव से दूर रहकर मजदूरी करते है, तथा उनके आस-पास सरकार द्वारा किसी प्रकार की 6 महा से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चो के लिए कोई सुविधा नहीं है! ऐसे बच्चो को लाभान्वित करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को चलाया जा रहा है ।
इस कार्यक्रम मे डेजर्ट फेलो राकेश,कार्यक्रम समन्वयक टीकुराम, सामाजिक कार्यकर्त्ता बिरजाराम और केंद्र संचालक माजू ने सहयोग किया !



