भ्रष्टाचारमध्यप्रदेशरतलाम

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा माही नदी का ब्रिज,50 वर्ष की ग्यारंटी 1 वर्ष में ही चरमराई

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घटिया निर्माण सामग्री से बने ब्रिज पर बहुत बड़ी घटना हो सकती !

रमेश सोनी✍🏽

रतलाम : जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर स्थित बाजना केलकच्छ मार्ग पर स्थित माही नदी पर सन् 2022 में बने ब्रिज की पोल 1 वर्ष में ही खुल गई।जबकि ऐसे ब्रिज के निर्माण होने के बाद ठेकेदार द्वारा 50 वर्ष की ग्यारंटी दी जाती हैं।

इस ब्रिज के निर्माण को मप्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRD) के द्वारा बनाया गया हैं।पिछले सप्ताह हुई 3 दिनों की अतिवृष्टि ने 50 वर्ष ग्यारंटी वाले ब्रिज में घटिया सामग्री से बने होने की पोल खोल कर रख दी।
तेज बारिश से ब्रिज की स्थिति ऐसी हो गई कि उसके अधिकांश ज्वाइंट खुल गए और इन खुले ज्वाइंट से नीचे बहती हुई नदी दिखाई देने लगी।ब्रिज के बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आवागमन पर रोक लगाई है। बता दें कि यह ब्रिज मध्यप्रदेश की सीमाओं से लगा होने के कारण राजस्थान और गुजरात के यात्रियों का इसी सड़क मार्ग से आना-जाना लगा रहता हैं।क्षेत्र के रहवासी और रोजाना इस मार्ग से होकर गुजरने वाले वाहन चालकों को पुल से वाहन निकालने में भय बना रहता हैं।बारिश में हुईं दरार क्यों पड़ी इन कारणों को लेकर।इसका विडियो वायरल हुआ हैं।पिछले दिनों तेज बारिश के चलते इस ब्रिज से पानी महज 2 फिट नीचे बह रहा था।

जिला प्रशासन तक सूचना पंहुचने पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई थी।ब्रिज के 50 साल की ग्यारंटी की बात करें तो 1 वर्ष में ही इस ब्रिज की धज्जियां उड़ती दिखाई देने का जवाबदेह संबंधित विभाग के अधिकारी और कांट्रेक्टर हैं जिनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होना आवश्यक है।ताकि इस तरह के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने की पुनरावृत्ति पर ब्रेक लग सकें।और घटिया सामग्री से बनने वाले सरकारी निर्माण पर नियंत्रण हो।सम्बन्धित विभाग के अधिकारी के बारे में जानने के लिए मोबाइल लगाया तो मोबाइल अटेंड नहीं किया गया।

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