पीठाधीश्वर की सुरक्षा और मठ की भूमि से जुड़े कथित घोटाले के विरोध में किया प्रदर्शन

पीठाधीश्वर की सुरक्षा और मठ की भूमि से जुड़े कथित घोटाले के विरोध में किया प्रदर्शन
गरोठ। सर्व समाज ने भानपुरा पीठाधीश्वर की सुरक्षा और मठ की भूमि से जुड़े कथित घोटाले के विरोध में प्रदर्शन किया। समाज ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन गरोठ नायब तहसीलदार जिनेंद्र कुमार निगम को सौंपा।ज्ञापन में मांग की गई है कि शंकराचार्य महाराज को उनके पद के अनुरूप तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए और उनकी सुरक्षा में हुई चूक की जांच हो। साथ ही, मठ के युवा आचार्य पर हुए कथित प्राणघातक हमले के सभी हमलावरों को शीघ्र पुलिस हिरासत में लिया जाए।समाज ने मठ की भूमि से संबंधित सभी विवादों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में निपटाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, शंकराचार्य श्री श्री 1008 ज्ञानानंद जी तीर्थ के जाली हस्ताक्षर कर लाभ उठाने वाले जालसाजों को पकड़कर कठोर दंड देने की भी अपील की गई है।ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान सरकार सनातन धर्म की पुरोधा होने का दावा करती है और सिंहस्थ पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन शंकराचार्य जैसे पूज्य संत को न्याय के लिए शरण लेनी पड़े, यह शर्मनाक है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो उन्हें प्रजातांत्रिक आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।इन मुद्दों को लेकर सर्व समाज गरोठ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता कोरिल से भी मिला और सुरक्षा की मांग दोहराई। इसी मामले को लेकर 16 दिसंबर को भानपुरा नगर बंद रहने की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है।विरोध प्रदर्शन के दौरान दिनेश चौधरी, रमेश सेन पुरिया, जीपी पांडे, भेरूलाल भूत, अजय शर्मा, महेश मालवीय, बद्रीलाल सोनी, सुरेश पालीवाल, दिवाकर उपाध्याय, अमरीश भट्ट और संजय वैष्णव सहित कई लोग उपस्थित थे।



