मामला: पशुपतिनाथ मंदिर से लगी 20 बीघा भूमि क्रय का चलते चुनाव में करोड़ों का उड़ता तीर…!

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-ग्रीन बेल्ट की भूमि क्रय करके उसे ग्रीन बेल्ट से आवासीय में करने का आवेदन भी दिया
मंदसौर(ललित एम पटेल)।
विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के समीप लगी करीब 20 बीघा भूमि क्रय करने का मामला अब और सुर्खियों में आता चला जा रहा है। इसके सुर्खियों में आने का एक बड़ा कारण लोकसभा चुनाव भी है। क्योंकि जो लोग इसकी खरीद फरोख्त कर रहे हैं वे कहीं न कहीं सीधे तौर पर इस चुनाव से जुड़े हुए हैं और जानकर तो इस घटनाक्रम को यह तक बता रहे हैं कि यह चलते चुनाव में मैदान में किसी उड़ते तीर से कम नहीं।
खेर ये नेताजी के विषय है कि वे कौनसी भी भूमि खरीदे या बेचे। देश की बात करें या विदेश की, लेकिन जब किसी भूमि के क्रय विक्रय से सार्वजनिक हित बाधित हो तो वह किसी का निजी विषय नहीं रह जाता। उक्त मामले में भी कुछ ऐसा ही है। दअरसल जो भूमि खरीदी गई है वह मेले और ढाई दिन का झोपड़ा से सम्बंधित बताई जा रही है। उक्त भूमि भले ही निजी हो लेकिन यह पशुपतिनाथ मंदिर से लगी हुई भूमि है। इसी सरकार के आखरी में महाकुंभ भी आयोजित होना है। ऐसे में एक ओर हिंदुत्व की बात करने वाली पार्टी मंदिरों के आसपास की भूमि धार्मिक विकास के लिए अधिग्रहण करने की योजनाएं बना रही है लेकिन उसी दल की कुछ नेता नगरी अपने क्षणिक लाभ के लिए सनातनिक लाभ को भी हाशिये पर रखने की सम्पूर्ण तैयारी किए हुए हैं। भूमि क्रय करने तक तो ठीक था उक्त भूमि को ग्रीन बेल्ट से आवासीय में करने तक का आवेदन बड़ी हिम्मत के साथ प्रस्तुत कर दिया गया। जबकि सीधे तौर पर यह तो प्रकृति के साथ भी खिलवाड़ है, कि जिन भूमियों को शासन ने प्रकृति के लिए संरक्षित किया उस पर भी क्रॉकट के जंगल उगाने की तैयारी की जा रही है जो इन नेताओं के पर्यावरण के विपरित सोच को।प्रतिपादित करता है।