
रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान तेज रफ्तार ट्रेन के चपेट में आने से दो शिक्षिका की दर्दनाक मौत
बिहार औरंगाबाद से धर्मेन्द्र गुप्ता
फेसर :–औरंगाबाद
पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड के फेसर थाना क्षेत्र के गम्हारी रेलवे क्रासिंग के पास बुधवार सुबह करीब 09 बजे ट्रेन की चपेट में आने से दो शिक्षिका की दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों महिला शिक्षिका गम्हारी मिडिल स्कूल में पढ़ाती थीं। हर दिन की तरह बुधवार को भी दोनों शिक्षिका अपने घर फेसर से गम्हारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जा रही थीं, तभी ट्रेन सं० 12382 नई दिल्ली-हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं। मृतकों की पहचान फेसर निवासी 38 वर्षीय शिक्षिका सविता कुमारी और 35 वर्षीय शिक्षिका मीरा कुमारी के रूप में हुई है। इधर घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही फेसर थाना पुलिस मौके पर पहुंच भिड़ को समझा बुझाकर शांत कराया और शव को अपने कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । इधर घटना के बाद से परिवार वाले का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर दोनों शिक्षिका के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करते हुए सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक व बिहार राज्य बीपीएससी प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि गम्हारी में पदस्थापित दोनों शिक्षिका सविता कुमारी व मीरा कुमारी समय पर विद्यालय पहुंचने के जुनून में रेलवे पटरी पार करते समय तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन को अनदेखा करते हुए । ट्रेन की चपेट में आकर जीवन लीला समाप्त कर ली उन्होंने बताया कि यह घटना बिहार सरकार व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक के द्वारा विद्यालय में चलाये जा रहे। निरीक्षण के क्रम में कहीं विद्यालय पहुचने में देर ना हो जाए इसी से यह घटना घटी । क्योंकि यदि 5 या 10 मिनट भी निर्धारित समय से लेट हुए तो निरीक्षक के द्वारा अनुपस्थित मानकर एक दिन का वेतन कटौती कर दी जाएगी और निलंबन भी झेलना पड़ेगा। ऐसी खौफ में दोनों शिक्षिका ने ट्रेन को अनदेखी करते हुए समय पर विद्यालय पहुंचना ज्यादा उचित समझा। शिक्षक नेता ने कहा की बिहार सरकार व शिक्षा विभाग इस नियमावली पर थोड़ा आत्ममंथन कर पुनर्विचार करें। उन्होंने मृतक शिक्षिका को बिहार सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा दिए जाने वाले मुआवजा व परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है।