नौनिहाल बच्चों को शिक्षा देने के बजाय स्कूल में लगवाया जाता है झाड़ू

************************
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटार का बड़ा मामला आया सामने
रीवा -गुढ़ –
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शासकीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु विभिन्न तरह की योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं खासतौर पर बालिकाओं को शिक्षित व स्वावलंबी बनाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा भी दिया गया किंतु आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ तुच्छ व ओछी मानसिकता के लोग बेटियों को धूल-कचरा मानते हैं।कोई भी मां-बाप बड़ी आशा व उम्मीद से अपने बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने व शिक्षित करने के उद्देश्य से स्कूल भेजता है ताकि उनकी बेटी/बेटा अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सके किंतु बड़े दुर्भाग्य की बात है कि शासकीय स्कूल में पदस्थ कुछ गैर-जिम्मेदार व कामचोर शिक्षक बच्चे/बच्चियों को पढ़ाने के बजाय झाड़ू पोंछा करवाते हैं जो कि गांव देश व समाज के लिए बड़े शर्म की बात है।
जी हां,हम बात कर रहे हैं एक ऐसे शासकीय विद्यालय की जहां पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा छोटी-छोटी बच्चियों से विद्यालय परिसर में प्रतिदिन झाडू लगवाया जाता है।आपको बता दें कि गुढ़ तहसील अंतर्गत इटार गांव में संचालित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई का स्तर शून्य है जिसका सिर्फ एक ही कारण है कि कभी भी विद्यालय में कक्षाओं का संचालन नहीं होता क्योंकि शिक्षकों को गपशप व राजनीति की बातें करने से ही फुर्सत नहीं मिल पाती।
आपको बता दें कि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटार में ज्यादातर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लड़के-लड़कियां पढ़ने आते हैं किंतु उन नौनिहाल बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए पढ़ाने के बजाय बच्चियों से झाडू लगवाया जाता है।कुल मिलाकर माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्वर्णिम मध्यप्रदेश व बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ जैसी सकारात्मक सोच पर पलीता लगाने पर तुला हुआ है विद्यालय प्रबंधन ,इतना ही नहीं इस विद्यालय में शासन की गाइडलाइंस व मापदण्ड़ों के अनुरूप कोई भी काम नहीं होता जिसका जीता जागता उदाहरण अतिथि शिक्षक नियुक्ति में देखा जा सकता है।
फिलहाल यहां पर सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण सबाल यह है कि विद्यालय में नौनिहाल बच्चियों से झाडू लगवाना शासन के किस नियमावली में है ❓ विद्यालय में बच्चियां झाडू लगाने जाती हैं या पढ़ने ❓ यह एक बहुत ही शर्मनाक बात है,
-साभार दैनिक नव प्रदेश रीवा +91 95896 59253