मंदसौरमंदसौर जिला

राष्ट्रीय विप्र वैदिक अनुष्ठान परिषद का मिलन समारोह संगोष्ठी संपन्न

राष्ट्रीय विप्र वैदिक अनुष्ठान परिषद का मिलन समारोह संगोष्ठी संपन्न
मंदसौर। 9 मार्च रविवार को राष्ट्रीय विप्र वैदिक अनुष्ठान परिषद का मिलन समारोह एवं संगोष्ठी तीन छतरी बालाजी परिसर मंदसौर पर संपन्न हुई। इस बैठक में विप्र वैदिक अनुष्ठान परिषद की सनातन धर्म के संरक्षण संवर्धन हेतु विद्वत्जनों की संगोष्ठी कई महत्वपूर्ण विषयों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इस संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों व प्रांतों से गुरूकुल परम्परा से पठित वेद – शास्त्र निष्णात महानुभाव सम्मिलित हुए। इस सभा में त्यौहारों, पर्व, मुहूर्त पर वेदोक्तरिति से निर्णय, विवाह उन्न्नयनआदि संस्कारों में सात फेरे, तोरण में गणपति, सप्तादि विचार, विप्र ब्रम्हवृन्दवंश का धर्म – अर्थ की दृष्टि से संरक्षण, संवर्धन कर्मकांड व कर्मकांड के विशेषज्ञों के प्रति आदरभाव श्रद्धा, ब्रम्हवृत्ति का हरण इत्यादि अनके विषयों पर विचार, निर्णय पर संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। बैठक में विशेष रूप से परिषद के संस्थापक पंडित गोविंद शर्मा उपस्थित थे वहीं इस आयोजन में मंदसौर रतलाम नीमच जावरा उज्जैन विभिन्न क्षेत्रों से ब्राह्मण उपस्थित हुए। मंदसौर के वरिष्ठ कृष्ण वल्लभ शास्त्री मालवा स्वामी, वरिष्ठ मुरलीधर शास्त्री धारियाखेड़ी, रतलाम के प्रसिद्ध मां त्रिपुरा सुंदरी भगवती के साधन हरीश व्यास घाटवास, तलाई वाले बालाजी से भूपेंद्र शर्मा, महादेव मंडल के वरिष्ठ सूर्य प्रकाश शर्मा, भादवा माता से आचार्य मनीष शर्मा, गोपाल शर्मा जमालपुरा, गोपाल पंचारिया, घनश्याम शर्मा आदि उपस्थित थे। यह जानकारी पंडित चेतन जोशी ने दी।

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