श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिवस पूज्य गुरुदेव सरकार ने कहा अंबाजी धाम निपानिया में मां चैतन्य धाम है, कथा में 101 कन्या पूजन किया गया

कथा विराम के पश्चात प्रतिदिन हो रहा है महाप्रसादि भंडारा
बापुलाल डांगी/निपानिया अफजलपुर
निपानिया अफजलपुर में चल रही श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा में पूज्य गुरुदेव सरकार अंबाजी धाम ने मां का चैतन्य धाम है।आपने बताया की मां अपने बेटे बेटी और पति की चिंता करती हैं, कथा में कलयुग का प्रसंग आया जिसमें आप ने बताया की दो भाई विदेश में शिक्षा प्राप्त करने गए और पढ़ाई पुरी कर विदेश में ही नौकरी करने लगे तभी कुछ समय बाद उनकी मां की तबियत बिगडती है और वो अपने बेटे को याद करती हैं लेकिन छुट्टी नहीं मिलने का बहाना बनाकर दोनो बेटे घर नही लोटते हैं तभी एक दिन सुचना मिलती हैं कि इनकी मां की मृत्यु हो गई है, तब दोनो भाई ने एक दुसरे को कहा की एक भाई मां की मृत्यु के समय जायेगा तो दुसरा भाई पिताजी की मृत्यु के समय जायेगा, घर एक ही भाई के लोटने पर पिताजी के पुछने पर घर लोटे भाई ने दोनो भाई के बीच हुई बात को पिताजी को बताया जिसको सुनकर पिताजी क्रोधित होकर उसे भी वापस लोटने की कहकर अकेले ही अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार करने चल पड़ते हैं, कथा में आपने मधु केटव नाम के राक्षस के बारे में भी सुनाया, कथा में सास को ससुर को बड़ और पीपल के समान प्यार देने वाला बताया आपने बताया की सास ससुर का बस प्यार पाने वाला चाहिए।
कथा में भजनों नाचते गाते भक्तिमय वातावरण में दिखे भक्त, कथा समाप्ति के पश्चात दो भक्तो के पर्चे बनाए एवम 101 कन्याओं का चरण पुजन कर पूजा कि गई और कथा श्रवण करने पहुंचे भक्तो को भोजन प्रसादी कराई गई, भंडारा प्रतिदिन कथा समाप्ति के पश्चात किया जाता है। कथा श्रवण करने सैकड़ों भक्त आस पास के गांवों से पहुंच रहे हैं।